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एनएचएम कर्मियों की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं बेहाल

Sat, 09 Dec 2017 07:33 PM IST
Updated Sat, 09 Dec 2017 07:33 PM IST
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एनएचएम कर्मियों की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं बेहाल
काले कपड़े पहने, थाली बजाकर विरोध प्रदर्शन
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फरीदाबाद। जिले की स्वास्थ्य सेवाओं पर हड़ताल का असर लगातार पांचवें दिन भी जारी रहा। शनिवार को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के कर्मचारियों ने काला दिवस मनाया। टर्मिनेशन नोटिस मिलने से गुस्साए कर्मचारियों ने काले कपड़े पहन सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। महिला कर्मचारियों ने थालियां बजाकर अपना विरोध जताया। हड़ताली कर्मचारियों और सिविल सर्जन के बीच वार्ता भी हुई लेकिन कर्मचारियों ने हड़ताल वापस लेने से साफ इनकार कर दिया। हड़ताल का स्वास्थ्य सेवाओं पर असर बरकरार रहा।
पिछले पांच दिनों से जिले के 670 एनएचएम कर्मचारी हड़ताल पर हैं। शनिवार को अपना विरोध जताने के लिए कर्मचारी सुबह से ही बीके सिविल अस्पताल परिसर में एकत्रित होना शुरू हो गए थे। कई एनएचएम कर्मचारी अपने बच्चों के साथ प्रदर्शन में शामिल हुए। अस्पताल परिसर में सुबह से ही नारेबाजी का सिलसिला जारी रहा। सरकार की सख्ती से नाराज कर्मचारियों का कहना था कि हम अपना हक मांग रहे हैं और सरकार ने हमें ही टर्मिनेशन नोटिस थमा दिए हैं। हक की लड़ाई जारी रहेगी। कर्मचारियों का कहना था कि उन्हें समान काम, समान वेतन की नीतियों से सरकार ने दूर रखा हुआ है। वेतन आज की महंगाई के हिसाब से काफी कम है। सरकार को वेतन विसंगतियों को दूर करना चाहिए। सरकार कर्मचारियों को पक्का भी नहीं कर रही है। पांच दिन से चल रही हड़ताल से बिगड़ी स्वास्थ्य सेवाओं को पटरी पर लाने के लिए सिविल सर्जन डॉ. गुलशन अरोड़ा ने कर्मचारी नेताओं को वार्ता के लिए बुलाया लेकिन कर्मचारियों ने ड्यूटी ज्वाइन करने से स्पष्ट मना कर दिया।
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नाकाफी साबित हो रहे इंतजाम
हड़ताल से चरमराई व्यवस्था को संभालने के लिए एनएचएम कर्मियों की जगह स्टाफ नर्स, नर्सिंग स्टूडेंट से काम लिया जा रहा है लेकिन हालात संभालने में नहीं आ रहे हैं। 102 एंबुलेंस सेवा भी हड़ताल की भेंट चढ़ गई है। इससे निपटने के लिए निजी एंबुलेंस की सुविधा भी मरीजों के लिए पर्याप्त साबित नहीं हो रही है। घंटों बाद मरीजों को एंबुलेंस उपलब्ध हो रही है। परेशान तीमारदार अपने मरीजों को ऑटो या फिर निजी वाहनों से ले जा रहे हैं।
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ऐसे पड़ रहा स्वास्थ्य सेवाओं पर असर
बीके सिविल अस्पताल में आने वाले मरीजों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है। पहले अस्पताल में रोजाना 200 से 250 एक्स-रे किए जाते थे लेकिन हड़ताल के दौरान एक्स-रे सेवा बाधित दिख रही है। शनिवार को मात्र 64 एक्स-रे हो पाए। बताया जा रहा है हड़ताल का हवाला दे मरीजों को लौटाया जा रहा है। अस्पताल की ओपीडी सेवाओं पर भी हड़ताल का असर दिख रहा है। आमतौर पर दोपहर तीन बजे तक ओपीडी सेवाएं जारी रहती हैं लेकिन हड़ताल के चलते दोपहर 12 बजे ही ओपीडी कक्ष से स्टाफ नदारद दिखा।


कोट
हड़ताल से मरीजों को हो रही परेशानी का अंदाजा हमें भी है लेकिन इसके लिए सरकार जिम्मेदार है। हमने अपनी आवाज उठाई तो टर्मिनेशन नोटिस जारी कर दिए गए। इस संबंध में लगातार बैठकों का दौर जारी है। आगे की रणनीति पर विचार-विमर्श किया जा रहा है।
- धवेंद्र सिंह, जिलाध्यक्ष-एनएचएम कर्मचारी संघ
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