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सब इंस्पेक्टर राजरानी के खिलाफ दर्ज होगा केस
Updated Thu, 01 Nov 2018 09:36 PM IST
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सब इंस्पेक्टर राजरानी के खिलाफ दर्ज होगा केस
फरीदाबाद। दुष्कर्म के आरोपी नाबालिग को फर्जी दस्तावेज के आधार पर बालिग बताने में महिला सब इंस्पेक्टर राजरानी के खिलाफ जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड की प्रधान मजिस्ट्रेट पूनम कंवर ने केस दर्ज करने के आदेश जारी किए हैं।
पीड़ित पक्ष के वकील एडवोकेट विनोद कुमार ने बताया कि 14 सितंबर 2015 को महिला थाने में उनके मुवक्किल के खिलाफ दुष्कर्म और पोक्सो की धारा में केस दर्ज हुआ था। घटना के समय उनका मुवक्किल नाबालिग था, इसलिए केस जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड में भेजा गया था। विनोद कुमार के अनुसार सब इंस्पेक्टर राजरानी ने जानबूझ कर उनके नाबालिग मुवक्किल के नाम वाला एक फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस लगाकर उसे बालिग घोषित कर दिया था। इस पर उनके मुवक्किल को बालिगों के जेल भेज दिया गया था। उन्होंने इसके खिलाफ उच्च स्तर पर अपील की। वहां जांच में सामने आया कि एसआई राजरानी ने जानबूझ कर नाबालिग को बालिग बताने के लिए फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस लगाया था। पीड़ित की मार्कशीट में जन्मतिथि अगस्त 1998 की थी जबकि फर्जी लाइसेंस के आधार पर उसकी जन्मतिथि 1993 की दर्शाई गई थी। सच्चाई सामने आने पर जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड की प्रधान मजिस्ट्रेट पूनम कंवर ने एसआई राजरानी के खिलाफ केस दर्ज करने के आदेश जारी किए।
फरीदाबाद। दुष्कर्म के आरोपी नाबालिग को फर्जी दस्तावेज के आधार पर बालिग बताने में महिला सब इंस्पेक्टर राजरानी के खिलाफ जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड की प्रधान मजिस्ट्रेट पूनम कंवर ने केस दर्ज करने के आदेश जारी किए हैं।
पीड़ित पक्ष के वकील एडवोकेट विनोद कुमार ने बताया कि 14 सितंबर 2015 को महिला थाने में उनके मुवक्किल के खिलाफ दुष्कर्म और पोक्सो की धारा में केस दर्ज हुआ था। घटना के समय उनका मुवक्किल नाबालिग था, इसलिए केस जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड में भेजा गया था। विनोद कुमार के अनुसार सब इंस्पेक्टर राजरानी ने जानबूझ कर उनके नाबालिग मुवक्किल के नाम वाला एक फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस लगाकर उसे बालिग घोषित कर दिया था। इस पर उनके मुवक्किल को बालिगों के जेल भेज दिया गया था। उन्होंने इसके खिलाफ उच्च स्तर पर अपील की। वहां जांच में सामने आया कि एसआई राजरानी ने जानबूझ कर नाबालिग को बालिग बताने के लिए फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस लगाया था। पीड़ित की मार्कशीट में जन्मतिथि अगस्त 1998 की थी जबकि फर्जी लाइसेंस के आधार पर उसकी जन्मतिथि 1993 की दर्शाई गई थी। सच्चाई सामने आने पर जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड की प्रधान मजिस्ट्रेट पूनम कंवर ने एसआई राजरानी के खिलाफ केस दर्ज करने के आदेश जारी किए।
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