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फरीदाबाद का पहला पीएनजी शवदाह गृह
Updated Sun, 16 Sep 2018 06:52 PM IST
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फरीदाबाद का पहला पीएनजी शवदाह गृह
फरीदाबाद। अजरौंदा स्थित शवदाह गृह में पीएनजी की सुविधा उपलब्ध करवाई गई है। यह शहर का पहला पीएनजी शवदाह गृह होगा। मानव रचना के फाउंडर डॉ. ओपी भल्ला की पुण्यतिथि पर संस्थान की संरक्षक सत्या भल्ला और हरियाणा कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने यह शवदाह गृह लोगों को समर्पित किया।
कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि डॉ. ओपी भल्ला समाज की भलाई करने का काम करते थे। फरीदाबाद के लोगों को बेहतर शिक्षा देने का सपना उन्होंने देखा था। उनके जाने के बाद आज उनके दोनों बेटे यह सपना पूरा कर रहे हैं। विपुल गोयल ने कहा कि अगर हम पेड़ों का संरक्षण नहीं करेंगे, तो हमारी आने वाली पीढ़ी को ऑक्सीजन खरीद कर सांस लेनी पड़ेगी। उद्योग मंत्री और सत्या भल्ला ने इस दौरान एक पौधा भी लगाया। डॉ. प्रशांत भल्ला ने कहा कि गैस आधारित शव दहन से सबसे बड़ा फायदा पर्यावरण को होता है। इसमें लकड़ी आदि का इस्तेमाल न होने से प्रदूषण नहीं होता है। पीएनजी प्रणाली द्वारा शव का संस्कार करते समय सभी पारंपरिक अनुष्ठान भी किए जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि शवदाह गृह में आधुनिक कैमरे भी लगाए हैं। इनकी मदद से परिजन अंतिम संस्कार की प्रक्रिया ऑनलाइन भी देख सकते हैं।
फरीदाबाद। अजरौंदा स्थित शवदाह गृह में पीएनजी की सुविधा उपलब्ध करवाई गई है। यह शहर का पहला पीएनजी शवदाह गृह होगा। मानव रचना के फाउंडर डॉ. ओपी भल्ला की पुण्यतिथि पर संस्थान की संरक्षक सत्या भल्ला और हरियाणा कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने यह शवदाह गृह लोगों को समर्पित किया।
कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि डॉ. ओपी भल्ला समाज की भलाई करने का काम करते थे। फरीदाबाद के लोगों को बेहतर शिक्षा देने का सपना उन्होंने देखा था। उनके जाने के बाद आज उनके दोनों बेटे यह सपना पूरा कर रहे हैं। विपुल गोयल ने कहा कि अगर हम पेड़ों का संरक्षण नहीं करेंगे, तो हमारी आने वाली पीढ़ी को ऑक्सीजन खरीद कर सांस लेनी पड़ेगी। उद्योग मंत्री और सत्या भल्ला ने इस दौरान एक पौधा भी लगाया। डॉ. प्रशांत भल्ला ने कहा कि गैस आधारित शव दहन से सबसे बड़ा फायदा पर्यावरण को होता है। इसमें लकड़ी आदि का इस्तेमाल न होने से प्रदूषण नहीं होता है। पीएनजी प्रणाली द्वारा शव का संस्कार करते समय सभी पारंपरिक अनुष्ठान भी किए जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि शवदाह गृह में आधुनिक कैमरे भी लगाए हैं। इनकी मदद से परिजन अंतिम संस्कार की प्रक्रिया ऑनलाइन भी देख सकते हैं।
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