{"_id":"5c59806abdec22297827ab81","slug":"11549369450-faridabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"चौपाल पर सजी विदेशी कलाकारों की शाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चौपाल पर सजी विदेशी कलाकारों की शाम
विज्ञापन
सूरजकुंड : चौपाल पर सजी विदेशी कलाकारों की शाम
फरीदाबाद। सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेले की चौपाल पर देसी-विदेशी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की तरफ यहां आने वाले पर्यटक खुद-ब-खुद खिंचे चले जाते हैं। मंगलवार सुबह चौपाल पर शुरू हुआ सांस्कृतिक कार्यक्रमों का दौर देर शाम तक चला। कार्यक्रम की शुरुआत हरियाणवी नृत्य से हुई। इसके बाद विदेशी कलाकारों की प्रस्तुतियों ने समां बांध दिया।
चौपाल पर अफ्रीकी देश नाइजर के कलाकारों ने अपने देश की खुशहाली व प्रगति का प्रतीक लोकनृत्य प्रस्तुत किया तो मिश्र और ट्यूनीशिया के कलाकारों ने अपनी ईद की परंपरा को दर्शाते हुए फजोहा नृत्य प्रस्तुत किया। थाइलैंड के कलाकारों ने टागवाई लोमपादगी कोकोनेट सैल नृत्य प्रस्तुत कर खूब तालियां बटोरी। वहीं, थीम स्टेट महाराष्ट्र के कलाकारों ने भी यहां जमकर रंग बिखेरे। चौपाल पर महाराष्ट्र के प्रसिद्ध लावणी नृत्य की धूम रही, जबकि दोपहर बाद के सत्र में पंजाबी लोकनृत्यों व लोकधुनों ने दर्शकों को जोड़े रखा। पंजाब के कलाकारों ने मंच पर जब भंगड़ा प्रस्तुत किया तो हर कोई झूमता दिखा। मिस्त्र के कलाकारों ने भी जोरदार प्रस्तुति देकर दर्शकों में जोश भर दिया।
विज्ञापन
फरीदाबाद। सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेले की चौपाल पर देसी-विदेशी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की तरफ यहां आने वाले पर्यटक खुद-ब-खुद खिंचे चले जाते हैं। मंगलवार सुबह चौपाल पर शुरू हुआ सांस्कृतिक कार्यक्रमों का दौर देर शाम तक चला। कार्यक्रम की शुरुआत हरियाणवी नृत्य से हुई। इसके बाद विदेशी कलाकारों की प्रस्तुतियों ने समां बांध दिया।
चौपाल पर अफ्रीकी देश नाइजर के कलाकारों ने अपने देश की खुशहाली व प्रगति का प्रतीक लोकनृत्य प्रस्तुत किया तो मिश्र और ट्यूनीशिया के कलाकारों ने अपनी ईद की परंपरा को दर्शाते हुए फजोहा नृत्य प्रस्तुत किया। थाइलैंड के कलाकारों ने टागवाई लोमपादगी कोकोनेट सैल नृत्य प्रस्तुत कर खूब तालियां बटोरी। वहीं, थीम स्टेट महाराष्ट्र के कलाकारों ने भी यहां जमकर रंग बिखेरे। चौपाल पर महाराष्ट्र के प्रसिद्ध लावणी नृत्य की धूम रही, जबकि दोपहर बाद के सत्र में पंजाबी लोकनृत्यों व लोकधुनों ने दर्शकों को जोड़े रखा। पंजाब के कलाकारों ने मंच पर जब भंगड़ा प्रस्तुत किया तो हर कोई झूमता दिखा। मिस्त्र के कलाकारों ने भी जोरदार प्रस्तुति देकर दर्शकों में जोश भर दिया।
विज्ञापन