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%मैडम’ ने रुकवाया रोज गार्डन मे् रेनवाटर हार्वेस्टिंग प्रोजेक्ट
Updated Mon, 16 Jul 2018 06:56 PM IST
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रुकवाया रोज गार्डन में रेनवाटर हार्वेंस्टिंग प्रोजेक्ट
- सामाजिक संस्था भुवनेश कुमार ढींगड़ा फाउंडेशन को रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्रोजेक्ट की निगम प्रशासन ने दी है स्वीकृति
- सोमवार को निगम अधिकारियों ने जबरन रुकवाया काम
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। औद्योगिक नगरी के गिरते भूगर्भ जलस्तर का संरक्षण करने के लिए सामाजिक संस्था भुवनेश कुमार ढींगड़ा की ओर से रोज गार्डन में खुदवाए जा रहे रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम का काम सोमवार को नगर निगम अधिकारियों ने रुकवा दिया। संगठन को सिस्टम स्थापित और मेनटेन करने की स्वीकृति नगर निगम के चीफ इंजीनियर ने दी थी। काम रुकवाए जाने से परेशान संस्था के लोग सोमवार को नगर निगम पहुंचे लेकिन कोई अधिकारी उपलब्ध नहीं हुआ, उन्हें मंगलवार को बुलाया गया है।
भूगर्भ जलस्तर के संरक्षण के लिए हाल ही में मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने जिले में एक हजार रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाए जाने के आदेश जारी किए हैं। सरकारी प्रयास के अलावा निजी संस्थाएं और सामाजिक संगठन भी जल संरक्षण के प्रयास में जुटे हैं। सामाजिक संस्था भुवनेश कुमार ढींगड़ा फाउंडेशन भी भूगर्भ जल संरक्षण के लिए आगे आई थी। 14 जून 2018 को संस्था के पदाधिकारी और पूर्व पार्षद योगेश कुमार ढींगड़ा ने नगर निगम के कार्यकारी अभियंता वीरेंद्र कर्दम को रोज गार्डन में संस्था की ओर से रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगवाने का प्रस्ताव दिया था। सिस्टम की स्थापना और मेंटेनेंस के खर्च की जिम्मेदारी भी संस्था ने अपने ऊपर ली थी। 29 जून को निगम ने संस्था को रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने की स्वीकृति दे दी। योगेश कुमार ढींगड़ा ने बताया कि शनिवार को निगम अधिकारियों ने रोज गार्डन में रेन वाटर हार्वेस्टिंग की जगह निर्धारित की, इसके बाद संस्था ने काम शुरू करवा दिया। हार्वेंस्टिंग का बोर हो गया, सोमवार को काम शुरू होने सेे पहले ही निगम अधिकारियों ने काम रुकवा दिया। इन अधिकारियों ने काम रोकने का कारण नहीं बताया। नाम गुप्त रखने की शर्त पर एक अधिकारी ने बताया कि मैडम ने काम रुकवाया है, यह मैडम कौन हैं इस बारे में उसने कुछ भी बताने से इनकार कर दिया।
नहीं मिले अधिकारी
स्वीकृति के बावजूद काम रुकवाए जाने से परेशान संस्था के सदस्य सोमवार को निगम मुख्यालय पहुंचे, मगर यहां अधिकारी ही नहीं मिले। कार्यकारी अभियंता वीरेंद्र कर्दम फील्ड पर, अधीक्षण अभियंता रमन कुमार यमुना नगर और चीफ इंजीनियर डीआर भास्कर चंडीगढ़ गए होने की बात बताई गई। संयुक्त आयुक्त संदीप अग्रवाल मिले तो उन्होंने यह कहऌते हुए पल्ला झाड़ लिया कि मामला उनकी जानकारी में नहीं है अधिकारियों से बात कर ही कुछ बता पाएंगे। निगग आयुक्त भी नहीं मिले। उनकी पीए ने फोन पर बात की तो मंगलवार को मिलने का समय दिया गया। संस्था के योगेश ढींगड़ा, मदनलाल मुखी, बलवंत सिंह यादव, प्रवेश कुमार, सरदार प्रीतम सिंह भाटिया, धर्मवीर मदान, रमेश मदान, हरेंद्र सबरवाल, गुरुकीतर सिं, डॉ. अनिल चुघ, रजत छाबड़ा, हरीश निट्टा, सुभाष कटारिया, चंदर विरमानी सहित अन्य लोगों ने निगम प्रशासन पर समाज हित के कार्य में रुकावट डालने का आरोप लगाया।
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- सामाजिक संस्था भुवनेश कुमार ढींगड़ा फाउंडेशन को रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्रोजेक्ट की निगम प्रशासन ने दी है स्वीकृति
- सोमवार को निगम अधिकारियों ने जबरन रुकवाया काम
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। औद्योगिक नगरी के गिरते भूगर्भ जलस्तर का संरक्षण करने के लिए सामाजिक संस्था भुवनेश कुमार ढींगड़ा की ओर से रोज गार्डन में खुदवाए जा रहे रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम का काम सोमवार को नगर निगम अधिकारियों ने रुकवा दिया। संगठन को सिस्टम स्थापित और मेनटेन करने की स्वीकृति नगर निगम के चीफ इंजीनियर ने दी थी। काम रुकवाए जाने से परेशान संस्था के लोग सोमवार को नगर निगम पहुंचे लेकिन कोई अधिकारी उपलब्ध नहीं हुआ, उन्हें मंगलवार को बुलाया गया है।
भूगर्भ जलस्तर के संरक्षण के लिए हाल ही में मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने जिले में एक हजार रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाए जाने के आदेश जारी किए हैं। सरकारी प्रयास के अलावा निजी संस्थाएं और सामाजिक संगठन भी जल संरक्षण के प्रयास में जुटे हैं। सामाजिक संस्था भुवनेश कुमार ढींगड़ा फाउंडेशन भी भूगर्भ जल संरक्षण के लिए आगे आई थी। 14 जून 2018 को संस्था के पदाधिकारी और पूर्व पार्षद योगेश कुमार ढींगड़ा ने नगर निगम के कार्यकारी अभियंता वीरेंद्र कर्दम को रोज गार्डन में संस्था की ओर से रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगवाने का प्रस्ताव दिया था। सिस्टम की स्थापना और मेंटेनेंस के खर्च की जिम्मेदारी भी संस्था ने अपने ऊपर ली थी। 29 जून को निगम ने संस्था को रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने की स्वीकृति दे दी। योगेश कुमार ढींगड़ा ने बताया कि शनिवार को निगम अधिकारियों ने रोज गार्डन में रेन वाटर हार्वेस्टिंग की जगह निर्धारित की, इसके बाद संस्था ने काम शुरू करवा दिया। हार्वेंस्टिंग का बोर हो गया, सोमवार को काम शुरू होने सेे पहले ही निगम अधिकारियों ने काम रुकवा दिया। इन अधिकारियों ने काम रोकने का कारण नहीं बताया। नाम गुप्त रखने की शर्त पर एक अधिकारी ने बताया कि मैडम ने काम रुकवाया है, यह मैडम कौन हैं इस बारे में उसने कुछ भी बताने से इनकार कर दिया।
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नहीं मिले अधिकारी
स्वीकृति के बावजूद काम रुकवाए जाने से परेशान संस्था के सदस्य सोमवार को निगम मुख्यालय पहुंचे, मगर यहां अधिकारी ही नहीं मिले। कार्यकारी अभियंता वीरेंद्र कर्दम फील्ड पर, अधीक्षण अभियंता रमन कुमार यमुना नगर और चीफ इंजीनियर डीआर भास्कर चंडीगढ़ गए होने की बात बताई गई। संयुक्त आयुक्त संदीप अग्रवाल मिले तो उन्होंने यह कहऌते हुए पल्ला झाड़ लिया कि मामला उनकी जानकारी में नहीं है अधिकारियों से बात कर ही कुछ बता पाएंगे। निगग आयुक्त भी नहीं मिले। उनकी पीए ने फोन पर बात की तो मंगलवार को मिलने का समय दिया गया। संस्था के योगेश ढींगड़ा, मदनलाल मुखी, बलवंत सिंह यादव, प्रवेश कुमार, सरदार प्रीतम सिंह भाटिया, धर्मवीर मदान, रमेश मदान, हरेंद्र सबरवाल, गुरुकीतर सिं, डॉ. अनिल चुघ, रजत छाबड़ा, हरीश निट्टा, सुभाष कटारिया, चंदर विरमानी सहित अन्य लोगों ने निगम प्रशासन पर समाज हित के कार्य में रुकावट डालने का आरोप लगाया।
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