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Faridabad News: ग्रैप लागू होने में 10 दिन बाकी बिजली निगम की तैयारियां अधूरी
Thu, 21 Sep 2023 10:01 AM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदाबाद
Updated Thu, 21 Sep 2023 10:01 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। औद्योगिक नगरी में प्रदूषण की रोकथाम के लिए एक अक्तूबर से ग्रेडेड रिस्पांस एक्सशन प्लान (ग्रैप) लागू होने जा रहा है। लेकिन, बिजली निगम की ओर से की गई तैयारियां नाकाफी हैं। हजारों कंपनियों में अभी पीएनजी कनेक्शन नहीं हैं। ऐसे में ग्रैप के दौरान डीजी सेट बंद होने से उद्योगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। उद्योगों में कामकाज ठप होने की संभावना है। इसका अंदाजा बुधवार को बिजली कंट्रोल रूम में पहुंची शिकायतों से लगाया जा सकता है। इस दौरान 2325 शिकायतें पहुंची। वहीं बिजली की डिमांड करीब 240 लाख यूनिट पहुंच गई है।
शहर में बिजली व्यवस्था का बुरा हाल है। सरकार द्वारा प्रदेश में सरप्लस बिजली का दावा कर जिले में 24 घंटे बिजली आपूर्ति के दावे किए जा रहे हैं जबकि दूसरी तरफ रोजाना 7 से 8 घंटे बिजली कटौती की जा रही है। सरकार कहती है बिजली कट फाल्ट, ट्रिपिंग और ब्रेक डाउन के कारण लग रहे है, अघोषित बिजली कटौती रोकने के लिए निगम के पास कोई पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। जिससे मजबूरीवश उद्यमियों को डीजी सेट पर उद्योगों को चलाना पड़ता है। फरीदाबाद में 30 हजार छोटे-बड़े उद्योग हैं। बिजली जाने पर 80 फीसदी उद्योग डीजल जनरेटर पर चलते हैं। ऐसे में 20 से 25 हजार उद्योग बिजली जाने के बाद डीजल जनरेटर नहीं चलाए जाने से प्रभावित होंगे। इनका काम रुक जाएगा। हालांकि कई उद्योगों की ओर से पहले से तैयारियों के संकेत मिले हैं।
फरीदाबाद चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के महासिचव रोहित रुंगटा ने कहा कि फूड प्रोसेसिंग, प्लास्टिक समेत कुछ ऐसे उद्योग हैं जो कि एक मिनट के बिजली संकट से प्रभावित हो सकते हैं। सरकार हर साल ग्रैप के दौरान 24 घंटे बिजली आपूर्ति के दावे करती है जबकि उद्योगों को रोजाना छह से सात घंटे बिजली कटौती से जूझना पड़ता है। सरकार बिजली संबंधी अपने दावे पूरे नहीं करती लेकिन उद्योगों पर जबरजस्ती के नियम थोप दिए जाते हैं। उन्होंने कहा कि एक 400 केवीए का पीएनजी जनरेटर लगाने पर एक करोड़ रुपये का खर्च आता है। अब छोटा लगाने पर 15 से 20 लाख रुपये का। एमएसएमई उद्यमी इस खर्च को वहन नहीं कर सकते हैं। इसलिए सरकार या तो उन्हें पीएनजी जनरेटर खरीद के लिए सब्सिडी दे या जीएसटी में रियायत दी जाए।
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कंट्रोल रूल में पहुंची 2325 शिकायतें
बिजली निगम कंट्रोल रूम में 2325 शिकायतें दर्ज की गई। इनमें सबसे ज्यादा शिकायतें खेड़ीकला, ग्रेटर फरीदाबाद, सेक्टर-25 और 25 औद्योगिक क्षेत्र की हैं। बिजली के फाल्ट, ब्रेक डाउन और ट्रिपिंग से उद्योगों को घंटों बिजली कटौती से जूझना पड़ा है। जिससे उद्यमियों के साथ दिनभर लोग परेशान रहे।
बिजली निगम की ओर से सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। ग्रैप के दौरान फाल्ट, ब्रेक डाउन का रोकने के लिए विशेष मरम्मत कार्य कराए जा रहे हैं। इसके लिए साथ अधिकारियों और कर्मचारियों की विशेष ड्यूटी लगाई जाएगी। औद्योगिक क्षेत्र में फॉल्ट होने की सूचना मिलने पर तुरंत सही कराया जाए। - नरेश कक्कड़, अधीक्षण अभियंता, बिजली निगम
ग्रेप के नियमों को लेकर सभी को सूचित कर दिया गया हैं। चाहे वह उद्योग हों या बिल्डर नियमों का उलंघन करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। - संदीप सिंह, क्षेत्रीय अधिकारी, एचएसपीसीबी
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फरीदाबाद। औद्योगिक नगरी में प्रदूषण की रोकथाम के लिए एक अक्तूबर से ग्रेडेड रिस्पांस एक्सशन प्लान (ग्रैप) लागू होने जा रहा है। लेकिन, बिजली निगम की ओर से की गई तैयारियां नाकाफी हैं। हजारों कंपनियों में अभी पीएनजी कनेक्शन नहीं हैं। ऐसे में ग्रैप के दौरान डीजी सेट बंद होने से उद्योगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। उद्योगों में कामकाज ठप होने की संभावना है। इसका अंदाजा बुधवार को बिजली कंट्रोल रूम में पहुंची शिकायतों से लगाया जा सकता है। इस दौरान 2325 शिकायतें पहुंची। वहीं बिजली की डिमांड करीब 240 लाख यूनिट पहुंच गई है।
शहर में बिजली व्यवस्था का बुरा हाल है। सरकार द्वारा प्रदेश में सरप्लस बिजली का दावा कर जिले में 24 घंटे बिजली आपूर्ति के दावे किए जा रहे हैं जबकि दूसरी तरफ रोजाना 7 से 8 घंटे बिजली कटौती की जा रही है। सरकार कहती है बिजली कट फाल्ट, ट्रिपिंग और ब्रेक डाउन के कारण लग रहे है, अघोषित बिजली कटौती रोकने के लिए निगम के पास कोई पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। जिससे मजबूरीवश उद्यमियों को डीजी सेट पर उद्योगों को चलाना पड़ता है। फरीदाबाद में 30 हजार छोटे-बड़े उद्योग हैं। बिजली जाने पर 80 फीसदी उद्योग डीजल जनरेटर पर चलते हैं। ऐसे में 20 से 25 हजार उद्योग बिजली जाने के बाद डीजल जनरेटर नहीं चलाए जाने से प्रभावित होंगे। इनका काम रुक जाएगा। हालांकि कई उद्योगों की ओर से पहले से तैयारियों के संकेत मिले हैं।
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फरीदाबाद चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के महासिचव रोहित रुंगटा ने कहा कि फूड प्रोसेसिंग, प्लास्टिक समेत कुछ ऐसे उद्योग हैं जो कि एक मिनट के बिजली संकट से प्रभावित हो सकते हैं। सरकार हर साल ग्रैप के दौरान 24 घंटे बिजली आपूर्ति के दावे करती है जबकि उद्योगों को रोजाना छह से सात घंटे बिजली कटौती से जूझना पड़ता है। सरकार बिजली संबंधी अपने दावे पूरे नहीं करती लेकिन उद्योगों पर जबरजस्ती के नियम थोप दिए जाते हैं। उन्होंने कहा कि एक 400 केवीए का पीएनजी जनरेटर लगाने पर एक करोड़ रुपये का खर्च आता है। अब छोटा लगाने पर 15 से 20 लाख रुपये का। एमएसएमई उद्यमी इस खर्च को वहन नहीं कर सकते हैं। इसलिए सरकार या तो उन्हें पीएनजी जनरेटर खरीद के लिए सब्सिडी दे या जीएसटी में रियायत दी जाए।
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कंट्रोल रूल में पहुंची 2325 शिकायतें
बिजली निगम कंट्रोल रूम में 2325 शिकायतें दर्ज की गई। इनमें सबसे ज्यादा शिकायतें खेड़ीकला, ग्रेटर फरीदाबाद, सेक्टर-25 और 25 औद्योगिक क्षेत्र की हैं। बिजली के फाल्ट, ब्रेक डाउन और ट्रिपिंग से उद्योगों को घंटों बिजली कटौती से जूझना पड़ा है। जिससे उद्यमियों के साथ दिनभर लोग परेशान रहे।
बिजली निगम की ओर से सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। ग्रैप के दौरान फाल्ट, ब्रेक डाउन का रोकने के लिए विशेष मरम्मत कार्य कराए जा रहे हैं। इसके लिए साथ अधिकारियों और कर्मचारियों की विशेष ड्यूटी लगाई जाएगी। औद्योगिक क्षेत्र में फॉल्ट होने की सूचना मिलने पर तुरंत सही कराया जाए। - नरेश कक्कड़, अधीक्षण अभियंता, बिजली निगम
ग्रेप के नियमों को लेकर सभी को सूचित कर दिया गया हैं। चाहे वह उद्योग हों या बिल्डर नियमों का उलंघन करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। - संदीप सिंह, क्षेत्रीय अधिकारी, एचएसपीसीबी