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आए पांच नए मेहमान: अफगान के चार और पाकिस्तान का एक व्यक्ति हुआ भारतीय, जानें किसे है नागरिकता देने का अधिकार
Fri, 20 Oct 2023 08:27 PM IST
श्याम जी.
अमर उजाला नेटवर्क, फरीदाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, फरीदाबाद
Published by: श्याम जी.
Updated Fri, 20 Oct 2023 08:27 PM IST
सार
फरीदाबाद के जिलाधीश ने पांच विदेशी नागरिकों को भारतीय नागरिकता प्रदान की है। इसमें अफगानिस्तान के चार और पाकिस्तान का एक नागरिक शामिल है।
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विदेशी नागरिकों ने भारतीय नागरिकता की शपथ ली
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जिलाधीश विक्रम सिंह ने शुक्रवार को पांच विदेशी नागरिकों को भारतीय नागरिकता प्रदान की। जिन विदेशी नागरिकों को जिलाधीश ने भारतीय नागरिकता की शपथ दिलाई है, उनमें अफगानिस्तान से आई सुहानी, जनदर नट, संजना डिव और रामचंद के अलावा पाकिस्तान से आए अनूप सिंह शामिल हैं।
बता दें कि पूरे देश में 13 जिलाधीशों को ही भारत सरकार द्वारा विदेशी नागरिकों को भारतीय नागरिकता प्रदान करने की शक्ति प्रदान की गई है। इनमें फरीदाबाद के जिलाधीश भी शामिल हैं। केंद्र सरकार द्वारा नागरिकता अधिनियम 1955 की धारा 16 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए अफगानिस्तान, बांग्लादेश, पाकिस्तान देश के अल्पसंख्यक समुदायों के किसी भी व्यक्ति इनमें हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई को भारतीय नागरिकता देने का अधिकार जिलाधीश को प्रदान किया गया है।
देश के गुजरात राज्य के मोरबी, राजकोट, पाटन एवं बड़ोदरा और छत्तीसगढ़ राज्य के दुर्ग व बलोदा बाजार, राजस्थान प्रांत के जालौर, उदयपुर, पाली, बाड़मेर और सिरोही, हरियाणा के फरीदाबाद तथा पंजाब प्रांत के जालंधर के जिलाधीश को नागरिकता प्रदान करने का अधिकार है।
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बता दें कि पूरे देश में 13 जिलाधीशों को ही भारत सरकार द्वारा विदेशी नागरिकों को भारतीय नागरिकता प्रदान करने की शक्ति प्रदान की गई है। इनमें फरीदाबाद के जिलाधीश भी शामिल हैं। केंद्र सरकार द्वारा नागरिकता अधिनियम 1955 की धारा 16 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए अफगानिस्तान, बांग्लादेश, पाकिस्तान देश के अल्पसंख्यक समुदायों के किसी भी व्यक्ति इनमें हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई को भारतीय नागरिकता देने का अधिकार जिलाधीश को प्रदान किया गया है।
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देश के गुजरात राज्य के मोरबी, राजकोट, पाटन एवं बड़ोदरा और छत्तीसगढ़ राज्य के दुर्ग व बलोदा बाजार, राजस्थान प्रांत के जालौर, उदयपुर, पाली, बाड़मेर और सिरोही, हरियाणा के फरीदाबाद तथा पंजाब प्रांत के जालंधर के जिलाधीश को नागरिकता प्रदान करने का अधिकार है।
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