नोटों की तंगी ने बिगाड़ी अर्थव्यवस्था, औद्योगिक नगरी के बाजार को 150 करोड़ का झटका
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500 और 1000 रुपये के नोट पर रोक के बाद बाजारों में महज 10 से 15 फीसदी ग्राहक रह गए हैं। व्यापार संगठन के मुताबिक अगले कुछ दिनों तक बाजार पर मंदी की मार जारी रहेगी।
चाइनीज उत्पादों के खिलाफ चली हवा ने इस बार त्योहारी सीजन में बाजारों की अर्थव्यवस्था को बिगाड़ दिया था। इसके बाद अचानक बड़े नोटों पर पाबंदी की घोषणा एक बार फिर रिटेल बाजार पर भारी पड़ रही है। उद्योग व्यापार मंडल फरीदाबाद से मिली जानकारी के अनुसार पिछले तीन दिनों में बाजार 85 से 90 फीसदी तक गिरा है।
फरीदाबाद में तकरीबन 30 हजार से ज्यादा व्यापारी रजिस्टर्ड बताए जाते हैं, जबकि रोजाना रिटेल मार्केट में 30 से 35 करोड़ रुपये का कारोबार होता है। ऐसे में तीन दिनों से बाजार में बनी स्लोडाउन की स्थिति ने 150 करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार प्रभावित कर दिया है। कंज्यूमर ड्यूरेबल इंडस्ट्री पर नोटों की तंगी की सबसे बड़ी मार दिखाई दे रही है।
इलेक्ट्रिकल्स प्रोडक्ट बेचने वाले शोरूम खाली पड़े हैं। इस कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि इलेक्ट्रिकल प्रोडक्ट खरीदने वाले 50 फीसदी ग्राहक कैश पेमेंट करते हैं, जबकि इतने ही ईएमआई पर सामान लेते हैं।
कैश डीलिंग ठप होने से रिटेल मार्केट ठंडा पड़ा है। फाइनेंस के लिए 10 से 15 फीसदी रकम जुटाना भी ग्राहकों के लिए मुश्किल हो रहा है। ऐसे में इस कारोबार को इन दिनों बस प्लास्टिक मनी का ही सहारा है।
कैश ऑन डिलीवरी भी प्रभावित
ऑनलाइन शॉपिंग के शौकीन लोगों को भी नोटों की तंगी का सामना करना पड़ रहा है। उत्पादों को ऑनलाइन बेचने वाली साइटों पर इन दिनों कैश ऑन डिलीवरी का ऑप्शन जवाब दे रहा है। वहीं, कैश ऑन डिलीवरी का विकल्प चुनने वाले लोगों का 500 और 1000 रुपये के नोट के कारण ऑर्डर ही कैंसिल हो रहा है। यहां भी क्रेडिट कार्ड और नेट बैंकिंग को ही तरजीह दी जा रही है।
कारोबार की रफ्तार थमी
500 और 1000 के नोट पर पाबंदी से कारोबार में 90 फीसदी तक मंदी आई है। फरीदाबाद में अब तक 150 करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार प्रभावित होने का अनुमान है। नए नोट की कमी का असर अभी जारी रहेगा। -जगदीश भाटिया, अध्यक्ष-व्यापार मंडल फरीदाबाद
दूरगामी परिणाम दिखेंगे
इलेक्ट्रिकल्स बाजार पर असर है। रिटेल का काम 50 प्रतिशत तक डाउन हो गया है, लेकिन यह असर अस्थायी है। फिलहाल थोड़ी परेशानी जरूर झेलनी पड़ रही है लेकिन आने वाले समय में इसके दूरगामी परिणाम दिखेंगे।
-आरपी पांडेय, अध्यक्ष-फरीदाबाद इलेक्ट्रिकल ट्रेडर्स एसोसिएशन
बाजार में नहीं ग्राहक
बल्लभगढ़ के बाजार में ग्राहक नजर नहीं आ रहे हैं, जबकि शादियों का सीजन चल रहा है। पुराने नोटों का चलन बैंकों तक सीमित है, जबकि नए नोटों की खेप अभी बाजार में ज्यादा नहीं है। ऐसे में कारोबार प्रभावित है।-प्रेम खट्टर, व्यापारी-बस अड्डा मार्केट