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फरीदाबाद: 23 हजार का काटा चालान, पुलिस आयुक्त ने दी सफाई
Wed, 07 Apr 2021 04:52 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी
अमर उजाला नेटवर्क, फरीदाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, फरीदाबाद
Published by: विक्रांत चतुर्वेदी
Updated Wed, 07 Apr 2021 04:52 PM IST
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चालान
- फोटो : अमर उजाला
ट्रैफिक पुलिस ने वाहन चेकिंग के दौरान सोमवार को एक स्कूटी सवार का 23 हजार रुपये का चालान काट दिया। इस पर स्कूटी सवार ने पुलिस पर जानबूझकर परेशान करने के आरोप लगाए। मंगलवार को पुलिस आयुक्त और एसीपी ट्रैफिक ने विभाग की तरफ से इस पर सफाई दी।
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पुलिस उपायुक्त (ट्रैफिक) सुरेश हुड्डा ने कहा कि पुलिस द्वारा वाहनों के चालान, मोटर वाहन अधिनियम और सरकार द्वारा जारी यातायात नियमों के तहत ही किए जाते हैं। पुलिस आयुक्त ओपी सिंह ने कहा कि चालान की प्राप्त राशि सरकार के खाते में जमा की जाती है। पुलिस किसी भी वाहन चालक का चालान यातायात नियमों का उल्लंघन करने और वाहन से संबंधित आवश्यक कागजात न होने पर ही चालान करती है। इसमें पुलिस का कोई भी निजी स्वार्थ नहीं होता। चालान की रसीद वाहन चालक को दे दी जाती है।
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ऐसा ही एक परेशान करने वाला मामला नोएडा से सामने आया है। यहां हाईटेक शहर की स्मार्ट पुलिसिंग के दावों की हवा निकल रही है। आम जन की सहूलियत के लिए ई-चालान कंप्लेंट मैनेजमेंट सिस्टम (ईसीएमएस) की शुरुआत की गई थी, लेकिन हर साल करोड़ों रुपया जुर्माना वसूलने वाली नोएडा ट्रैफिक पुलिस इस ऑनलाइन सुविधा को जारी रखने का मामूली खर्च भी नहीं उठा पाई। नतीजतन, अब घर बैठे गलत चालान की शिकायत का 72 घंटे के अंदर निस्तारण नहीं हो सकेगा।
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इतना ही नहीं, शहर की सड़कों पर रूट डायवर्जन से संबंधित जानकारी भी नहीं मिल पाएगी। जानकर हैरानी होगी कि, जिस ई-चालान पोर्टल (trafficpolicenoida.in) पर लॉगइन कर गलत चालान और ट्रैफिक से जुड़ी अपटेड मिलती थीं, उस पर अब (बाय दिस डोमेन) मतलब ई-चालान पोर्टल बिकाऊ होने की जानकारी मिल रही है।
सूत्रों ने बताया कि कमिश्नरी सिस्टम लागू होने से पहले 9 अक्तूबर 2019 को यह सुविधा शुरू हुई थी, जो 23 सितंबर 2020 को बंद हो गई। इससे न केवल आम लोगों को सहूलियत मिल रही थी, बल्कि ई-चालान प्रबंधन में ट्रैफिक पुलिस को भी काफी राहत थी। 5036 शिकायतों का निस्तारण इस सिस्टम के किया जा चुका था। अंतिम शिकायत जीवन अग्रवाल नामक शख्स की निस्तारित हुई थी।