अंधविश्वास के चलते दादरी नहीं गए सीएम अखिलेश
दादरी के बिसाहड़ा में इकलाख के परिवार से मिलने के लिए भले ही राहुल गांधी से लेकर अरविंद केजरीवाल तक पहुंच चुके हैं लेकिन, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने परिवार से मिलने के लिए नोएडा जाकर परिवार से मिलने की बजाय उन्हें लखनऊ बुला लिया।
लगभग डेढ़ घंटे की मुलाकात के बाद अखिलेश यादव ने बताया कि इकलाख का परिवार बेहद सदमे है लेकिन, सरकार इस मामले में उनकी हर संभव मदद करेगी।
सीएम ने बिना किसी राजनीतिक दल का नाम लिए कहा कि मुझे पता है कि राजनीति करने वाले इस पर राजनीति करेंगे लेकिन लंबे समय से उस गांव में रहने वाले परिवारों के बीच जहर बोने का काम किया गया है।
अखिलेश ने साफ किया कि सरकार ने उन्हें आश्वासन दिया है कि वह जहां चाहेंगे उनके बेट का इलाज वहां किया जाएगा। साथ ही उनके रहने का भी सरकार इंतजाम करेगी और जरूरी हुआ तो सरकारी नौकरी भी दी जाएगी।
बता दें कि इकलाख के परिवार के चार सदस्य पूर्व दर्जा प्राप्त मंत्री और मुरादनगर क्षेत्र से नेता आशु मलिक के साथ शनिवार रात 9:30 बजे की फ्लाइट से लखनऊ रवाना हुए थे। प्रदेश सरकार ने इकलाख के परिजनों को 20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की थी।
सपा सुप्रीमो ने भी फोन पर बात की
शनिवार शाम परिवार के लोग पहले एनटीपीसी गेस्ट हाउस पहुंचे। यहां से मुरादनगर के नेता और पूर्व दर्जा प्राप्त मंत्री आशु मलिक परिवार को लेकर फ्लाइट से लखनऊ रवाना हो गए।
इकलाख के भाई जान मोहम्मद से शनिवार को सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने फोन पर बात की। उन्होंने कहा कि सरकार उनके साथ है।
वहीं, सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव से फोन पर परिजनों की बातचीत कराने वाले सपा महानगर अध्यक्ष राकेश यादव ने का कहना है कि योजना के तहत घटना को अंजाम दिया गया है।
इससे पहले वायू सेना प्रमुख अरूप राहा ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि वे इकलाख के परिवार को वायू सेना के ही किसी सुरक्षित क्षेत्र में रखना चाहते हैं।
उनके लोग लगातार परिवार के संपर्क में हैँ। वायू सेना प्रमुख ने कहा कि जो भी सुरक्षित कदम उठाए जा सकते हैं वे उसके लिए तैयार है।