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एक्सप्रेसवे बनेगा राजनीति का केंद्र, जुड़ेगा पूरे देश से
अमर उजाला, नोएडा
Updated Sat, 01 Mar 2014 12:20 PM IST
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कालिंदीकुंज से नोएडा सेक्टर-142 तक सीधी मेट्रो रेल सेवा चालू होने से एक्सप्रेसवे न सिर्फ एनसीआर बल्कि देश के कई राज्यों से जुड़ जाएगा।
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दरअसल, सेक्टर-144 में अंतर्राज्यीय बस अड्डा प्रस्तावित है। करीब सवा दो लाख वर्ग मीटर एरिया में प्रस्तावित इस प्रोजेक्ट की कागजी प्रक्रिया चल रही है। इसका कंसलटेंट नियुक्त कर डिजाइन भी तैयार कर लिया गया है। चुनाव बाद इस योजना पर काम शुरू करने की तैयारी है।
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यह करीब दो साल में बनकर तैयार होगा। इस बस अड्डे से देश के कई राज्यों के लिए बस सेवा शुरू की जाएगी। प्रदेश सरकार इस बस अड्डे को हरी झंडी दे चुकी है। यह सेक्टर भी मेट्रो स्टेशन सेक्टर-142 से सटा हुआ है।
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दोनों की ज्यादा दूरी भी नहीं है। मौजूदा समय में मोरना में एकमात्र बस अड्डा है। यहां से सिर्फ दिल्ली व पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों के लिए बस सेवा मिल रही है। सिटी सेंटर से ग्रेटर नोएडा मेट्रो का एक स्टेशन सेक्टर-143 में प्रस्तावित है।
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अब सेक्टर-142 में इस नए रूट का स्टेशन प्रस्तावित कर देने से यह जगह एक्सप्रेसवे के एक सेंटर के रूप में स्थापित हो जाएगा।
नोएडा व ग्रेटर नोएडा के लोग मेट्रो के जरिए दिल्ली व एनसीआर के अन्य शहरों से जुड़ जाएंगे, जबकि बसों से देश के अलग-अलग राज्यों तक जाने की सुविधा हो जाएगी। इसके अलावा एफएनजी के लिए यमुना नदी पर दो पुल बनाकर दक्षिणी दिल्ली व फरीदाबाद को सीधे तौर पर जोड़ने की योजना पर पहले से ही काम चल रहा है।
एक्सप्रेसवे पर ही मिनी सचिवालय भी
एक्सप्रेसवे पर ही उत्तर प्रदेश सरकार का मिनी सचिवालय (राज्य अतिथि गृह) भी प्रस्तावित है। प्राधिकरण ने एक्सप्रेसवे से सटे सेक्टर 93बी में 20 हजार वर्ग मीटर जमीन चिह्नित कर शासन को पत्र भेज दिया है। इसे 179वीं बोर्ड बैठक से मंजूरी भी मिल चुकी है। इस अतिथि गृह को प्रदेश सरकार ही बनवाएगी।
दरअसल, शासन व प्रशासन के लोगों के दिल्ली आने पर एकमात्र यूपी भवन में ही ठहरने का इंतजाम है। दिल्ली से करीब होने के कारण यहां भी एक अतिथि गृह प्रस्तावित है। अतिथि गृह के अलावा स्थानिक आयुक्त कार्यालय और स्टाफ के लिए आवास की सुविधा देने की भी योजना है। इस हिसाब से एक्सप्रेसवे आने वाले दिनों में राजनीति का भी केंद्र बनेगा।