साहिबाबाद के असालतपुर-फर्रुखनगर स्थित पटाखा फैक्ट्री के गोदाम में शुक्रवार दोपहर तेज धमाके के साथ आग लग गई। इसके बाद एक-एक कर कई धमाके हुए। धमाके इतने भयानक थे कि गोदाम में मौजूद पांच लोगों के चिथड़े उड़ गए। सूचना पर दमकल विभाग की तीन गाड़ियां मौके पर पहुंची और एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। मृतकों में गोदाम मालिक और चार मजदूर शामिल हैं। घटना के बाद डीआईजी के एस इमैनुअल मौके पर पहुंचे और घटना के कारणों की जांच के आदेश दिए।
गाजियाबाद में पटाखे के गोदाम में धमाका, मालिक समेत 5 लोगों की मौत
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फर्रुखनगर गांव निवासी पप्पू (52) की गांव के बाहर खेत में पटाखा फैक्ट्री और गोदाम है। दोपहर करीब एक बजे पप्पू के साथ ही गोदाम में कुतुबुद्दीन (53), सगीर (45), रफीक (55) और अशफाक (50) काम कर रहे थे। इसी दौरान अचानक तेज धमाका हुआ और गोदाम की छत समेत पांचों उड़ गए। धमाका सुनकर लोग गोदाम की ओर दौड़े और दमकल विभाग को सूचना दी। चश्मदीदों के मुताबिक गोदाम में एक के बाद एक कई धमाके हुए।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए मौके पर डीआईजी, एसपी सिटी, एसडीएम, सीओ समेत अन्य अधिकारी पहुंचे और जांच शुरू कर दी। डीआईजी मेरठ रेंज के एस इमैनुअल ने बताया कि पटाखा गोदाम में धमाके और आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं है। हालांकि धमाका इस कदर तेज था कि उसने शवों को खासा दूर उछाला।
इसके अलावा पांचों के शव इस कदर क्षतिग्रस्त थे कि मामले की जांच कई कोण से की जाएगी। साथ ही क्षेत्र की सभी पटाखा फैक्ट्रियों की भी जांच की जाएगी।
पिछले दिनों बिजनौर और फिर हापुड़ में हुए धमाकों के बाद एनसीआर में हुई इस घटना ने पुलिस और गुप्तचर एजेंसियों के भी कान ख़ड़े कर दिए हैं। पुलिस के आला अधिकारियों के मुताबिक प्रथम दृष्टया मामला भले ही पटाखों के विस्फोट का हो लेकिन जिस तरह के हालात मौके पर दिखे और शवों की स्थिति थी, उसे देखकर कई एंगल से जांच की संभावनाओं से इंकार नहीं किया जा सकता।