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घबराने की जरूरत नहीं: विशेषज्ञ बोले- कोरोना मामलों में उछाल दिल्ली में नई लहर के संकेत नहीं

Wed, 04 May 2022 02:03 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Vikas Kumar Updated Wed, 04 May 2022 02:03 AM IST
सार

कोरोनो वायरस को लेकर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के राष्ट्रीय टास्क फोर्स के सह अध्यक्ष डॉ. राजीव जयदेवन ने कहा है कि परीक्षण सकारात्मकता दर नहीं बढ़ी है, यह डेल्टा वैरिएंट के जैसा नहीं है। इसलिए इसे बड़ी लहर नहीं कहा जा सकता है।

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experts said the surge in corona cases is not a sign of a new wave in delhi
कोरोना जांच करती स्वास्थ्य कर्मी। - फोटो : पीटीआई

विस्तार

राजधानी दिल्ली में पिछले कुछ हफ्तों में कोविड के मामलों में तेजी आई है और कोविड परीक्षण की सकारात्मकता दर बढ़ी है। लेकिन विशेषज्ञों ने इसे सामान्य बताया है। उन्होंने कहा है कि यह कोई नई लहर का संकेत नहीं है। लोगों को अभी भी संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए बुनियादी सुरक्षा उपायों का ख्याल रखना चाहिए।

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महामारी वैज्ञानिक डॉ चंद्रकांत लहरिया ने कहा है कि परीक्षण सकारात्मकता दर सामान्य है। सामान्य रूप से संक्रमण हो रहा है। यह कोई नई लहर नहीं है। अस्पतालों में कोरोना मरीजों के भर्ती होने की दर भी कम है। उनका मानना है कि यदि अधिक परीक्षण होग, तो मामलों की संख्या अधिक होगी। अस्पताल में भर्ती दर के साथ मृत्यु भी दर देखें, तो बहुत अधिक चिंता की जरूरत नहीं है।
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उन्होंने कहा है कि इसको लेकर किसी बड़ी तैयारी की आवश्यकता नहीं है, जरूरी है कि लोगों की सार्वजनिक जांच होती रहे और लोगों का मास्क पहनना जरूरी है। लोगों को टीका लगवाना चाहिए और पहले से बीमार व्यक्तियों को अधिक सावधानी बरतनी चाहिए। लोगों को समझना चाहिए कि वायरस अभी भी हमारे बीच है। लेकिन मास्क पहनना सरकार की तरफ से अनिवार्य नहीं किया जाना चाहिए।
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कोरोनो वायरस को लेकर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के राष्ट्रीय टास्क फोर्स के सह अध्यक्ष डॉ. राजीव जयदेवन ने कहा है कि परीक्षण सकारात्मकता दर नहीं बढ़ी है, यह डेल्टा वैरिएंट के जैसा नहीं है। इसलिए इसे बड़ी लहर नहीं कहा जा सकता है। सफदरजंग अस्पताल के सामुदायिक चिकित्सा प्रमुख डॉ. जुगल किशोर ने कहा है कि दिल्ली में मौजूदा समय केवल उन लोगों का परीक्षण किया जा रहा है, जिनमें कोरोना के लक्षण हैं। लेकिन लक्षण केवल तीन दिनों तक रह रहे हैं। एक सप्ताह के भीतर मामलों में कमी आना शुरू होने की उम्मीद है।


20 अप्रैल से दिल्ली में कोविड के मामलों की संख्या 1,000 से 1,600 के बीच रही है। परीक्षण सकारात्मकता दर 16 अप्रैल से चार प्रतिशत से सात प्रतिशत के बीच बनी हुई है। सरकारी आंकड़ों से पता चला है कि अब तक अस्पताल में भर्ती होने की दर कम रही है, जो कुल सक्रिय मामलों के तीन प्रतिशत से भी कम है। वर्तमान में, दिल्ली में 4,490 होम आइसोलेशन में भर्ती हैं। विभिन्न अस्पतालों में कोविड-19 रोगियों के लिए 9,577 बिस्तर हैं, जिनमें से केवल 191 (1.99 प्रतिशत) पर मरीज भर्ती हैं।

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