बड़ी राहत: विशेषज्ञों का दावा, दिल्ली में निकल गया कोरोना का पीक, बीते चार दिनों से संक्रमण दर पांच फीसदी से कम
आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली में कोरोना से अस्पतालों में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या भी घट रही है। मंगलवार तक कुल 5471 सक्रिय मरीजों में से अस्पतालों में 184 मरीज भर्ती थे। राहत की बात यह भी है कि सक्रिय मरीजों की संख्या पांच हजार से कम बनी हुई है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
राजधानी में लगातार घट रहे कोरोना के मरीजों को देखते हुए विशेषज्ञों का दावा है कि दिल्ली में कोरोना का नया पीक निकल गया है। ऐसे में अब कोरोना के नए मामलों में उछाल आने की संभावना कम है। हालांकि, आने वाले कुछ दिनों में कोरोना के मामलों में उतार-चढ़ाव बना रहेगा।
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, मंगलवार तक संक्रमण दर घटकर 4.38 फीसदी पर आ गई है, जबकि छह मई को सबसे अधिक 1656 मामले दर्ज किए गए थे। इस दिन संक्रमण दर 5.39 फीसदी तक पहुंची थी। बीते चार दिनों से संक्रमण दर पांच फीसदी से नीचे चल रही है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानकों के अनुसार, संक्रमण दर पांच फीसदी से कम होने पर संक्रमण से खतरे की आशंका नहीं होती है। आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली में कोरोना से अस्पतालों में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या भी घट रही है। मंगलवार तक कुल 5471 सक्रिय मरीजों में से अस्पतालों में 184 मरीज भर्ती थे। राहत की बात यह भी है कि सक्रिय मरीजों की संख्या पांच हजार से कम बनी हुई है।
दिल्ली के सबसे बड़े कोविड अस्पताल लोकनायक अस्पताल के चिकित्सा निदेशक डॉ. सुरेश कुमार के मुताबिक, कोरोना से अस्पताल में 15 मरीज भर्ती हैं। इन मरीजों में अधिकतर मरीज किसी दूसरी गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं। जिस प्रकार मामले कम हो रहे हैं, इससे संभावना है कि दिल्ली में अब नए मामलों में बढ़ोतरी नहीं होगी।
एम्स के क्रिटिकल केयर विभाग के प्रोफेसर डॉ. युद्ववीर सिंह के मुताबिक, इस बार ओमिक्रॉन वैरिएंट के सब वैरिएंट्स से लोग संक्रमित हुए थे। यह वैरिएंट ओमिक्रॉन की तरह ही हल्के लक्षण वाला था। हालांकि, इससे गंभीर मरीजों का आंकड़ा देखने को नहीं मिला वहीं, लोगों ने एहतियाती खुराक भी अपना रखा है। ऐसे में लोगों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ी हुई है।
डॉ. के मुताबिक, फिलहाल किसी नई लहर के आने की आशंका नहीं है। कोरोना के मामलों में थोड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।