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Delhi: पुराने किले की खुदाई में 2500 साल पुरानी नौ सभ्यताओं के मिले सबूत, ओपन एयर साइट संग्रहालय में दिखेंगे
Wed, 31 May 2023 08:11 AM IST
विजय पुंडीर
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: विजय पुंडीर
Updated Wed, 31 May 2023 08:11 AM IST
सार
पुराना किला में अब तक के खुदाई के अवशेषों को संरक्षित और सुरक्षित रखने के लिए एक शीशे का शेड बनाया जाएगा। साइट को ओपन एयर साइट संग्रहालय के रूप में दिखाया जाएगा। यहां पर दर्शक सीधे खुदाई को देख सकेंगे।
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पुराना किला में खुदाई स्थल
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
केंद्रीय संस्कृति मंत्री जी किशन रेड्डी ने कहा कि पहली बार भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग ( एएसआई) को दिल्ली के पुराने किले की खुदाई में 2500 साल पुरानी नौ सभ्यताओं के सबूत मिले हैं। वे सोमवार को पुराना किला में जारी खुदाई का निरीक्षण करने पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि खुदाई के दौरान मौर्य, शुंग, गुप्त, राजपूत, सुलतान, मुगल काल की साक्ष्य मिले हैं।
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उन्होंने कहा कि खुदाई में मिली चीजें दर्शकों को यही ओपन एयर साइट संग्रहालय में देखने को मिलेंगी। हमें उम्मीद है कि एएसआई के वरिष्ठ अधिकारी वसंत स्वर्णकार के नेतृत्व में आने वाले समय में खुदाई में ओर नई जानकारियां मिलेंगी।
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एक शीशे के शेड में चीजें रखी जाएगी
पुराना किला में अब तक के खुदाई के अवशेषों को संरक्षित और सुरक्षित रखने के लिए एक शीशे का शेड बनाया जाएगा। साइट को ओपन एयर साइट संग्रहालय के रूप में दिखाया जाएगा। यहां पर दर्शक सीधे खुदाई को देख सकेंगे।
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धूसर मृदभाण्ड, वैकुंठ विष्णु, गजलक्ष्मी मूर्ति, नालियां मिली
एएसआई की टीम को 1954 से लेकर अब तक की खुदाई में मौर्यकाल, शुंग काल, कुषाण काल, गुप्त काल, परवर्ती गुप्तकाल, राजपूत काल, सल्तनत काल व मुगल काल से संबंधित संस्कृतियों के प्रमाण, पुरावशेषों में मौर्य युगीन मृण्मय मनके व खिलौने, शुंग कालीन मृण्मय यक्षी प्रतिमा, कुषाणकालीन सिक्के व मुहर, राजपूत काल के विभिन्न प्रकार के अर्द्ध-मूल्यवान पत्थरों पर निर्मित मनकें व लाल बलुए पत्थर की विष्णु प्रतिमा, सल्तनत काल की तश्तरियां और मुगलकालीन पोर्सलिन(चीनी लेखयुक्त), सोने के कर्ण आभूषण आदि प्रमुख है। यहां पर भूरे रंग की मिट्टी के बर्तन के टुकड़े भी मिले थे, जो काले रंग से चित्रित थे।
पुरातत्व के क्षेत्र में यह चित्रित धूसर मृदभाण्ड के रूप में माने जाते हैं, इनकी प्राचीनता 1200 ई. पूर्व की निर्धारित की गयी है। इससे साफ होता है प्राचीन काल में दिल्ली भी चित्रित धूसर मृदभांड संस्कृति का एक प्रमुख केंद्र था। वर्ष 2017-18 में खुदाई के दौरान मौर्य काल और इससे पहले की जुड़ी कई चीजें मिली थीं। इसमें चूड़ी, सिक्के, पानी निकासी के लिए नालियां समेत अन्य सामान था, जोकि 2500 साल पुराना था। इसके अलावा टेराकोटा की गज लक्ष्मी की मूर्ति, भगवान विनायक और अलग अलग राजमुद्रा, 136 सिक्के व इंसानी हड्डियां मिली है।