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Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Everything given at the time of marriage is not Stridhan: Court

शादी के समय दी जाने वाली हर चीज स्त्री धन नहीं : अदालत

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 22 Jul 2025 07:34 PM IST
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- एक महिला की कार समेत अपनी सभी वस्तुएं वापस करने की मांग वाली याचिका खारिज
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संवाद न्यूज एजेंसी

नई दिल्ली। कड़कड़डूमा कोर्ट ने कहा कि शादी के समय दी गई हर वस्तु को स्त्रीधन (महिला की संपत्ति) नहीं कहा जा सकता। अदालत ने एक महिला की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उसने कार समेत अपनी सभी वस्तुएं वापस करने की मांग की थी। न्यायिक मजिस्ट्रेट सोनिका घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम के तहत महिला की ओर से दायर एक आवेदन पर सुनवाई कर रही थीं। अदालत ने कहा कि स्वामित्व साबित करने के लिए प्रथम दृष्टया कोई साक्ष्य, जैसे बिल, फोटोग्राफ या गवाहों के हलफनामे उपलब्ध नहीं थे। अदालत ने कहा कि विवाह के समय दी गई प्रत्येक वस्तु को याचिकाकर्ता का स्त्रीधन नहीं कहा जा सकता, क्योंकि कुछ वस्तुएं उपहार की श्रेणी में आती हैं। अदालत ने कहा कि जब मामले में मुकदमा अभी शुरू होना बाकी है, तो स्त्रीधन की वस्तुओं को वापस करने का आदेश एक असत्यापित सूची के आधार पर पारित नहीं किया जा सकता। महिला की याचिका खारिज करते हुए अदालत ने कहा कि वह अपने दावों के समर्थन में उचित साक्ष्य प्रस्तुत करें।
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