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Delhi: हर रोज खराब होती हैं 25 फीसदी DTC और क्लस्टर बसें, बन रहीं जाम की सबसे बड़ी वजह

Thu, 11 May 2023 07:45 AM IST
अनुज कुमार पुरुषोत्तम वर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
पुरुषोत्तम वर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अनुज कुमार Updated Thu, 11 May 2023 07:45 AM IST
सार

दिल्ली में हर दिन 25 फीसदी बसें खराब होने से जाम लग जाता है। मैकेनिक ही बस को आकर हटाता है। बसें खराब होने से ज्यादा जाम लगने से लोग परेशान हो जाते हैं।

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Every day 25 percent of the buses in Delhi get jammed due to breakdown
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

दिल्ली में डीटीसी और क्लस्टर बसें जाम की सबसे बड़ी वजह बनती जा रही हैं। हर रोज करीब 20 से 25 फीसदी बसें बीच सड़क पर खराब हो जाती हैं। अगर बस को प्रेशर रहने तक हटा दिया तो ठीक, अन्यथा क्रेन से भी बस को मौके से नहीं हटाया जा सकता। मैकेनिक ही बस को आकर हटाता है। मैकेनिक के आने तक बस के कारण बड़े पैमाने पर जाम लग जाता है। 

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अध्ययन में ये बात सामने आई कि बस के खराब होने पर दो से तीन किमी का जाम लग जाता है। वर्ष 2021 के मुकाबले वर्ष 2022 में दिल्ली की सड़कों पर डीटीसी और क्लस्टर बसें 110 फीसदी ज्यादा खराब हुई हैं। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने बसों के कारण लगने वाले जाम से मुक्ति दिलाने के लिए कई कदम उठाए हैं।
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दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के एक अध्ययन के अनुसार, द्वारका जिले में वर्ष 2022 में वर्ष 2021 के मुकाबले बस खराब के मामलों में 390 फीसदी बढ़ोत्तरी हुई। इसके बाद दक्षिण-पश्चिमी जिले में 95 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई। अध्ययन में पता लगा कि पटेल नगर क्षेत्र में बस खराब होने के मामलों में 40 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है। 
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चितरंजन पार्क में 36 और करोल बाग में आठ फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है। हालांकि, कई जगह बस खराब होने के मामलों में कमी देखी गई है। हौजखास में 16 फीसदी और मायापुरी में आठ फीसदी और वसंत विहार में चार फीसदी की कमी आई है। पूरी दिल्ली का अध्ययन करने से पता लगा कि ज्यादातर बसें मध्य दिल्ली के पहाडग़ंज, पटेल नगर, करोल बाग, कोतवाली आदि में ज्यादा खराब हुई है। खास बात ये है कि बाहरी दिल्ली के इलाकों में बसों के खराब होने की सूचना नहीं दी जाती। 

प्रैशर रहने तक ही हट सकती हैं बसें
इस समय दिल्ली की सड़कों पर दौड़ रहे डीटीसी व क्लस्टर बसें प्रेशर बाली है। ये बसें जब खराब होती हैं तो उसे अगले कुछ मिनटों या फिर प्रेशर रहने तक हटाया जा सकता है। देर हो गई तो क्रेन से भी बसों को मौके से नहीं हटाया जा सकता। इसके बाद बस के डिपो से मैकेनिक आएगा और वह उसे हटाएगा। मैकेनिक को डिपाे से आने में काफी समय लग जाता है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के विशेष पुलिस आयुक्त एसएस यादव का कहना है कि डीटीसी अपनी एमरजेंसी रेस्पांस सिस्टम को सुधारे। उनका कहना है कि अगर बस  कल्याणपुरी डिपो की है और वह द्वारका में खराब हो जाती है तो उसे ठीक करने के लिए मैकेनिक कल्याणपुरी डिपो से ही आएगा। मैकेनिक को कल्याणपुरी से द्वारका पहुंचने में काफी समय लग जाता है। तब जबरदस्त जाम लग जाता है। उन्होंने डीटीसी से कहा कि मैकेनिक बस खराब होने वाली जगह के नजदीक डिपो से बुलाया जाए। पुलिस ने डीसीपी से मैकेनिक को जगह-जगह तैनात करने के  लिए भी कहा है। 

2022 में यहां सबसे ज्यादा बसें खराब हुई

पहाड़गंज                       1359
पटेल नगर                      1144
दिल्ली कैंट                      986
वसंत विहार                     840
मायापुरी                         774
पंजाबी बाग                      592
करोल बाग                      604
तिलक नगर                     575
राजौरी गार्डन                    545
नजफगढ़                        475


किस रेंज में कितनी बसें खराब हुईं

रेंज    2021    2022    बढ़ोत्तरी
मध्य    2846    3107    9
दक्षिण-पश्चिमी    1150    2239    95
पश्चिमी    1676    2486    48
द्वारका    97    475    390
दक्षिण    662    933    41
उत्तर    144    254    76
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