पार्किंग फीस : EPCA ने हटाए प्रतिबंध, NGT शुक्रवार को विचार-विमर्श कर के देगा आदेश
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दिल्ली-एनसीआर में बृहस्पतिवार को सुबह वायु गुणवत्ता बहुत खराब श्रेणी से नीचे उतरकर खराब श्रेणी में आ गई है। इसे देखते हुए सुप्रीम कोर्ट गठित पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण प्राधिकरण (ईपीसीए) ने आपातकाल के दौरान लगाए गए सभी प्रतिबंध वापस ले लिए हैं। इसके तहत ट्रकों के प्रवेश पर प्रतिबंध, निर्माण कार्य पर प्रतिबंध, चार गुना पार्किंग फीस जैसे कदमों को खत्म कर दिया गया है।
स्थिति सामान्य कर दी गई है। वहीं उपराज्यपाल ने भी दिल्ली में ट्रकों के प्रवेश पर लगाई गई पाबंदी खत्म कर दी है। इसके अलावा चार गुना पार्किंग फीस को भी सामान्य बना दिया है। जबकि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने अपने आदेश को वापस न लेकर लोगों के बीच संशय की स्थिति बना दी है। पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण प्राधिकरण ने कहा कि सार्वजनिक परिवहनों के अभाव में निजी वाहनों को हतोत्साहित करने के लिए चार गुना पार्किंग फीस लागू करने का कोई खास प्रभाव नहीं हुआ।
ईपीसीए ने प्रतिबंध खत्म करने संबंधी निर्णय और सुझाव दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान के मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर दिया है। ईपीसीए ने कहा है कि तत्काल प्रभाव से हवा के आपातकाल के दौरान ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान के तहत उठाए गए कदमों को वापस ले लिया जाए।
ईपीसीए के चेयरमैन भूरेलाल ने कहा है कि सख्ती से ग्रैप को लागू नहीं किया गया। यह एक बड़ी समस्या है। उन्होंने कहा कि अगली बार ग्रैप के तहत तय नियमों को सख्ती के साथ लागू किया जाएगा।
एनजीटी के आदेश से बना हुआ है संशय
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेश को लेकर प्राधिकरणों में संशय की स्थिति बनी हुई है। एनजीटी ने कहा है कि उनकी ओर से लगाए गए प्रतिबंध (ट्रकों, के प्रवेश उद्योगों का संचालन और निर्माण कार्य) की छूट को लेकर वे वायु गुणवत्ता आंकड़ों पर गौर करने के बाद शुक्रवार को ही कुछ विचार करेंगे। इसके लिए जस्टिस स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली पीठ ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) से बीते हफ्ते की वायु गुणवत्ता रिपोर्ट मांगी है।
सुनवाई के दौरान दिल्ली सरकार की ओर से पेश अधिवक्ता ने कहा कि आदेश के तहत आईटीओ भवन से बुधवार को पानी का छिड़काव कराया गया है। इससे पर्टिकुलेट मैटर 2.5 का स्तर नीचे आया है। दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति के संबंधित निगरानी संयंत्र में यह रिकॉर्ड किया गया है।
वहीं पीठ ने लगाए गए सभी तरह के प्रतिबंधों पर किसी तरह की छूट से इनकार करते हुए शुक्रवार को मामले पर सुनवाई तय की है। एनजीटी ने हाल ही में ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस वे (दिल्ली-मेरठ) के निर्माण के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को और प्रदूषण न करने वाले उद्योगों के संचालन की इजाजत दी थी।