{"_id":"5d143edb8ebc3e3c99323b03","slug":"entrepreneurs-do-not-have-to-give-white-category-fees-in-delhi","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"उद्यमियों को नहीं देनी होगी व्हाइट कैटेगरी फीस, दिल्ली प्रदूषण कंट्रोल कमेटी को दिए निर्देश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उद्यमियों को नहीं देनी होगी व्हाइट कैटेगरी फीस, दिल्ली प्रदूषण कंट्रोल कमेटी को दिए निर्देश
Thu, 27 Jun 2019 09:28 AM IST
शाहरुख खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Thu, 27 Jun 2019 09:28 AM IST
विज्ञापन
फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिल्ली के फैक्ट्री मालिकों को अब व्हाइट कैटेगरी के तहत लगने वाले उद्योग पंजीकरण शुल्क नहीं देना पड़ेगा। दिल्ली सरकार के पर्यावरण मंत्री ने 10 हजार रुपये के इस फीस को माफ करने का ऐलान किया है।
उद्यमियों के साथ हुई बैठक में यह भी तय किया गया कि दिल्ली के औद्योगिक क्षेत्रों में रजिस्ट्रेशन की जानकारी के लिए सहायता कैंप भी लगाए जाएंगे।
आम आदमी पार्टी ट्रेड विंग के कन्वीनर बृजेश गोयल ने बैठक के बाद बताया कि पिछले कुछ दिनों से दिल्ली के फैक्ट्री मालिक को लगातार दिल्ली प्रदूषण कंट्रोल कमेटी की तरफ से नोटिस मिल रहा था।
इससे उद्योगपति परेशान हो रहे थे। बैठक में इस बात पर भी सहमति बनी कि 30 जून तक उद्यमियों को कई तरह की राहत मिल जाएगी। गोयल ने यह भी बताया कि मंत्री इमरान हुसैन ने प्रदूषण कंट्रोल कमेटी के अधिकारियों को इस बाबत निर्देश जारी कर दिया गया है। किसी भी फैक्ट्री में औचक निरीक्षण या सर्वे भी नहीं किया जाएगा जब तक कोई ठोस सबूत नहीं हो।
विज्ञापन
विज्ञापन
उद्यमियों के साथ हुई बैठक में यह भी तय किया गया कि दिल्ली के औद्योगिक क्षेत्रों में रजिस्ट्रेशन की जानकारी के लिए सहायता कैंप भी लगाए जाएंगे।
आम आदमी पार्टी ट्रेड विंग के कन्वीनर बृजेश गोयल ने बैठक के बाद बताया कि पिछले कुछ दिनों से दिल्ली के फैक्ट्री मालिक को लगातार दिल्ली प्रदूषण कंट्रोल कमेटी की तरफ से नोटिस मिल रहा था।
विज्ञापन
इससे उद्योगपति परेशान हो रहे थे। बैठक में इस बात पर भी सहमति बनी कि 30 जून तक उद्यमियों को कई तरह की राहत मिल जाएगी। गोयल ने यह भी बताया कि मंत्री इमरान हुसैन ने प्रदूषण कंट्रोल कमेटी के अधिकारियों को इस बाबत निर्देश जारी कर दिया गया है। किसी भी फैक्ट्री में औचक निरीक्षण या सर्वे भी नहीं किया जाएगा जब तक कोई ठोस सबूत नहीं हो।
विज्ञापन
बवाना औद्योगिक एरिया के अध्यक्ष राजीव गोयल और जितेंद्र्र्र अग्रवाल ने बताया कि 36 औद्योगिक गतिविधियों वाली व्हाइट कैटेगरी को पर्यावरण मंजूरी की जरूरत नहीं होती है बल्कि उद्यमी का ऑनलाइन हलफनामा ही काफी होता है। प्रदूषण कंट्रोल कमेटी ने हाल ही में व्हाइट कैटेगरी वाली यूनिटों पर 10 हजार रुपये की फीस तय कर दी थी। इस फीस को अब हटाने का निर्णय ले लिया गया है।