लिफ्ट फंसने से छूटी फ्लाइट: 35 मिनट तक अंदर फंसे रहने से इंजीनियर की भी तबीयत बिगड़ी, फिर मददगार बना प्लंबर
इंजीनियर अखिलेश चौधरी ने बताया कि 11वीं मंजिल से लिफ्ट में नीचे आते समय छठे फ्लोर पर लिफ्ट झटके के साथ अटक गई। काफी देर तक मदद नहीं मिलने पर उन्होंने इसकी जानकारी फोन पर अपनी पत्नी को दी।
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ग्रेनो वेस्ट की पंचशील हाइनिश सोसाइटी के टावर-दो की लिफ्ट में एक इंजीनियर करीब 35 मिनट तक फंस रहा। इससे उसकी तबीयत बिगड़ गई। किसी तरह इंजीनियर को बाहर निकाला गया। आरोप है कि सोसाइटी में लिफ्ट मैन चाबी के साथ गायब था। प्लंबर की मदद से लिफ्ट का दरवाजा खोला गया। पीड़ित ने मेंटेनेंस टीम से इसकी शिकायत की है। लिफ्ट में फंसने के कारण इंजीनियर की हैदराबाद की फ्लाइट छूट गई।
पेशे से इंजीनियर अखिलेश चौधरी अपने परिवार के साथ पंचशील हाइनिश सोसाइटी के टावर-दो में 11वें फ्लोर पर रहते है। गुरुवार को उन्हें हैदराबाद जाना था। इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से शाम 4:25 बजे की उनकी फ्लाइट थी। दोपहर दो बजे घर से एयरपोर्ट के लिए निकले थे। इंजीनियर अखिलेश चौधरी ने बताया कि 11वीं मंजिल से लिफ्ट में नीचे आते समय छठे फ्लोर पर लिफ्ट झटके के साथ अटक गई। काफी देर तक मदद नहीं मिलने पर उन्होंने इसकी जानकारी फोन पर अपनी पत्नी को दी। उसके बाद पत्नी और सोसाइटी की अन्य महिला मौके पर पहुंची। साथ ही मेंटेनेंस टीम को सूचना दी।
आरोप है कि सोसाइटी में उस समय लिफ्टमैन नहीं था। लिफ्ट का दरवाजा खोलने की चाबी लिफ्टमैन अपने साथ ले गया था। काफी देर तक बंद होने के कारण इंजीनियर की तबीयत खराब होने लगी। उसके बाद निवासियों ने काफी हंगामा किया। पत्नी ने लिफ्ट को खोलने की जद्दोजहद की, लेकिन सफलता नहीं मिली। उसके बाद प्लंबर को बुलाया गया। प्लंबर ने किसी तरह लिफ्ट का दरवाजा खोला। जिसके बाद उन्हें बाहर निकाला गया। उन्होंने इसकी शिकायत मेंटेनेंस टीम से की है। इमरजेंसी बटन भी काम नहीं कर रहा था।
फ्लाइट छूटी तो ट्रेन से होना पड़ा रवाना
अखिलेश चौधरी ने बताया कि लिफ्ट से निकलने के बाद दोपहर करीब तीन बजे वह सोसाइटी से एयरपोर्ट के लिए रवाना हुए। समय से नहीं पहुंचने की वजह से 4:25 बजे हैदराबाद जाने वाली फ्लाइट छूट गई। उसके बाद वह निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पर पहुंचे और राजधानी ट्रेन पकड़कर हैदराबाद के लिए रवाना हुए। शुक्रवार को वहां उनको जरूरी काम है।