फुटपाथ से नहीं हटा अतिक्रमण, बेफिक्र हैं निगम, समस्या बरकरार
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सुप्रीम कोर्ट ने एक सितंबर को आदेश दिया था कि राजधानी के फुटपाथ से अतिक्रमण हटाया जाए। दक्षिणी दिल्ली निगम ने तो आदेश के अगले ही दिन से फुटपाथ खाली कराने के लिए अभियान शुरू कर दिया था। कहीं किसी का पक्का अतिक्रमण तोड़ा गया तो कहीं किसी को नोटिस देकर जवाब-तलब किया गया।
15 दिन बीत गए, लेकिन पूर्वी दिल्ली का अतिक्रमण हटाओ अभियान जमीन पर ही नहीं उतर सका। न कोई बड़ी कार्रवाई हुई और न ही अभियान चला। यह बात दीगर है कि निगम के अधिकारी कैसे अतिक्रमण हटाया जाए, इसका मसौदा 15 दिनों तक जरूर तैयार करते रहे। उत्तरी निगम भी कुछ पूर्वी निगम की तरह ही चला।
हालांकि, फुटपाथ पर लगने वाले बुक मार्केट को महिला हाट में शिफ्ट जरूर कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने फुटपाथ से 15 दिनों में अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए थे। अनदेखी करने वालों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए हैं।
फुटपाथ से अवैध कब्जे हटाने के लिए दक्षिणी निगम ने सर्वाधिक कार्य किए, जबकि उत्तरी निगम की ओर से भी दरियागंज के बुक स्टोर को नई जगह शिफ्ट कर दिया गया।
इससे पहले ही अतिक्रमण और पार्किंग की समस्या को दूर करने के लिए करोलबाग क्षेत्र में भी इंतजाम किए गए हैं। बावजूद इसके, रेलवे स्टेशन, बस अड्डा के आसपास के रिहायशी क्षेत्रों में कार्रवाई के बाद भी कई जगहों पर वाहनों की बेतरतीब पार्किंग लोगों के लिए समस्या बनी हुई है।
मोबाइल वैन के जरिये अतिक्रमण
अतिक्रमण पर होने वाली कार्रवाई से बचने के लिए मोबाइल वैन के जरिये सड़कों के इर्द-गिर्द अवैध कब्जे भी किए जा रहे हैं। अभी भी नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के पास सिविक सेंटर से महज चंद कदम दूरी पर एक साथ दर्जनों गाड़ियां सड़क पर खड़ी हो रही हैं, जिनकी तरफ न तो स्थानीय निकाय और न ही पुलिस की नजर गई। मोबाइल वैन और रेहड़ियों पर सामानों की बिक्री की जा रही है। मोबाइल वैन होने की वजह से कार्रवाई से पहले अक्सर बचने का मौका भी मिल जाता है।
दक्षिणी निगम ने की सर्वाधिक कार्रवाई
14 दिनों के दौरान हुई कार्रवाई में दक्षिणी दिल्ली नगर निगम में सर्वाधिक अतिक्रमण हटाए गए। इसके तहत लाजपत नगर, वसंत विहार, एमबी रोड, निजामुद्दीन सहित नजफगढ़ क्षेत्र के कई इलाकों में कार्रवाई की गई।
उत्तरी निगम क्षेत्र में सर्वे के बाद शुरू हुई कार्रवाई
उत्तरी दिल्ली नगर निगम ने सर्वे का काम पूरा करने के बाद सोमवार से सभी जोन में अवैध कब्जे हटाना शुरू कर दिया है। रिपोर्ट में जिन इलाकों का खुलासा हुआ, उन पर पारदर्शी तरीके से कार्रवाई के बाद चार अक्तूबर को इस संबंध में रिपोर्ट सौंपी जाएगी।
पूर्वी निगम में अभी भी अतिक्रमण
पूर्वी दिल्ली में अतिक्रमण की समस्या अधिक होने के बावजूद यहां कार्रवाई काफी कम है। लक्ष्मी नगर, शकरपुर, पांडव नगर, मदर डेयरी, शाहदरा और पटपड़गंज आदि क्षेत्रों में अतिक्रमण पर शिकंजा पूरी तरह नहीं कसा है। पहले ही पूर्वी दिल्ली में कई जगहों पर एमसीडी कर्मियों की मिलीभगत से अतिक्रमण को बढ़ावा मिल रहा है, लेकिन कोर्ट के आदेशों के बावजूद की जा रही अनदेखी करते हुए निगम का रवैया बेफिक्री का दिख रहा है।
पार्किंग की समस्या से निपटने की तैयारियां नाकाफी
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर पायलट आधार पर लाजपत नगर, कमला नगर और कृष्णा नगर मार्केट में पार्किंग परियोजनाओं को सिरे चढ़ाने के लिए सर्वे का काम पूरा कर लिया गया है। लाजपत नगर में 3000 से अधिक वाहनों की पार्किंग का इंतजाम होगा, जबकि पूर्वी दिल्ली के कृष्णा नगर में भी 441 वाहनों के लिए पार्किंग की व्यवस्था की जा चुकी है। कमला नगर में भी 1200 से अधिक वाहनों की पार्किंग के लिए इंतजाम किए जाएंगे। हालांकि, दिल्ली के तीनों निगमों में अभी भी एक लाख से कम वाहनों की पार्किंग का इंतजाम है, जबकि वाहनों की संख्या कई गुना अधिक है। तीनों पायलट परियोजनाओं को यदि अमली जामा पहनाया भी जाए तो पार्किंग की समस्या दूर होने में अभी और समय लगेगा।