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थप्पड़ मारे जाने और वेतन न बढ़ाने से नाराज कर्मचारी ने मालिक से ऐसे लिया बदला
Sun, 16 Aug 2020 09:54 PM IST
अवधेश कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: अवधेश कुमार
Updated Sun, 16 Aug 2020 09:54 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Social Media
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एक व्यक्ति ने अपने मालिक से बदला लेने के लिए फर्जी लूटपाट का नाटक रचा। वह व्यक्ति वेतन न बढ़ाए जाने और मालिक द्वारा सार्वजनिक रूप से थप्पड़ मारे जाने से नाराज था। यही नहीं व्यक्ति ने खुद ही इसकी जानकारी पुलिस को दी। जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरप्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक व्यक्ति एक निर्माण कंपनी में काम करता था। फरीदाबाद का रहने वाला दीक्षित लंबे समय से कंपनी में कार्यरत था।
दीक्षित ने पुलिस को 13 अगस्त को कॉल कर यहां स्थित बारा पुल्ला फ्लाईओवर के पास लूटपाट होने की घटना की सूचना दी। जांच के दौरान दीक्षित ने बताया कि लगभग डेढ़ बजे उसने अपने मालिक नितिन से दो लाख रुपये नकद और दस लाख का एक चेक लिया और मालिक के निर्देश पर उसने कंपनी के प्रबंधक रमेश भाटिया को नकद रुपये सौंप दिए। दीक्षित ने यहां मॉडल टाउन में महेश को चेक सौंप दिया और उससे दस लाख रुपये नकद लेकर बैग में रख लिए।
दीक्षित ने पुलिस को बताया कि जब वह शाम छह बजे के लगभग फरीदाबाद जा रहा था तब सराय काले खां क्षेत्र में एक व्यक्ति पीछे से उसके पास आया और उसने कोई वस्तु दीक्षित के शरीर से सटा कर उसे धमकी दी। इसके बाद वह व्यक्ति दीक्षित के दोपहिया वाहन पर बैठ गया।
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दीक्षित ने कहा कि एक अन्य मोटरसाइकिल पर सवार दो व्यक्तियों ने उसका पीछा किया। जब वह बारा पुल्ला फ्लाईओवर पर पहुंचा तब तीनों ने दीक्षित से दस लाख रुपये लूट लिए और उसका मोबाइल फोन लेकर भाग गए। पुलिस उपायुक्त (दक्षिण पूर्व) आर. पी. मीणा ने कहा कि दीक्षित की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया है। जांच के दौरान दीक्षित के मालिक से पूछताछ की गई।
दीक्षित को पुलिस घटनास्थल पर ले गई और उससे वारदात का दृश्य विस्तार से समझाने को कहा गया। इस पर दीक्षित बार-बार बयान बदलता रहा और जांचकर्ताओं को गुमराह करने की कोशिश करता रहा। उसके बयानों में एकरूपता न पाए जाने पर दोबारा पूछताछ की गई जिसके दौरान दीक्षित ने अपना गुनाह कबूल कर लिया। उसने बताया कि उसने नितिन से बदला लेने के उद्देश्य से लूटपाट होने का नाटक रचा।
डीसीपी मीणा ने कहा कि दीक्षित ने खुलासा किया कि वह लंबे समय से नितिन का कर्मचारी था। इसके बावजूद कंपनी के मालिक ने वेतन नहीं बढ़ाया था और जितना मिलता था उससे दीक्षित का गुजारा नहीं होता था। एक बार कंपनी के मालिक ने उसे सार्वजनिक रूप से थप्पड़ मारकर जलील भी किया था। बदला लेने की भावना से दीक्षित ने नितिन को सबक सिखाने की योजना बनाई और कंपनी का पैसा लेकर फर्जी लूटपाट होने का नाटक रचा। डीसीपी ने कहा कि आरोपी के बताने पर उसके घर से दस लाख रुपये बरामद किए गए।
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दीक्षित ने पुलिस को 13 अगस्त को कॉल कर यहां स्थित बारा पुल्ला फ्लाईओवर के पास लूटपाट होने की घटना की सूचना दी। जांच के दौरान दीक्षित ने बताया कि लगभग डेढ़ बजे उसने अपने मालिक नितिन से दो लाख रुपये नकद और दस लाख का एक चेक लिया और मालिक के निर्देश पर उसने कंपनी के प्रबंधक रमेश भाटिया को नकद रुपये सौंप दिए। दीक्षित ने यहां मॉडल टाउन में महेश को चेक सौंप दिया और उससे दस लाख रुपये नकद लेकर बैग में रख लिए।
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दीक्षित ने पुलिस को बताया कि जब वह शाम छह बजे के लगभग फरीदाबाद जा रहा था तब सराय काले खां क्षेत्र में एक व्यक्ति पीछे से उसके पास आया और उसने कोई वस्तु दीक्षित के शरीर से सटा कर उसे धमकी दी। इसके बाद वह व्यक्ति दीक्षित के दोपहिया वाहन पर बैठ गया।
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दीक्षित ने कहा कि एक अन्य मोटरसाइकिल पर सवार दो व्यक्तियों ने उसका पीछा किया। जब वह बारा पुल्ला फ्लाईओवर पर पहुंचा तब तीनों ने दीक्षित से दस लाख रुपये लूट लिए और उसका मोबाइल फोन लेकर भाग गए। पुलिस उपायुक्त (दक्षिण पूर्व) आर. पी. मीणा ने कहा कि दीक्षित की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया है। जांच के दौरान दीक्षित के मालिक से पूछताछ की गई।
दीक्षित को पुलिस घटनास्थल पर ले गई और उससे वारदात का दृश्य विस्तार से समझाने को कहा गया। इस पर दीक्षित बार-बार बयान बदलता रहा और जांचकर्ताओं को गुमराह करने की कोशिश करता रहा। उसके बयानों में एकरूपता न पाए जाने पर दोबारा पूछताछ की गई जिसके दौरान दीक्षित ने अपना गुनाह कबूल कर लिया। उसने बताया कि उसने नितिन से बदला लेने के उद्देश्य से लूटपाट होने का नाटक रचा।
डीसीपी मीणा ने कहा कि दीक्षित ने खुलासा किया कि वह लंबे समय से नितिन का कर्मचारी था। इसके बावजूद कंपनी के मालिक ने वेतन नहीं बढ़ाया था और जितना मिलता था उससे दीक्षित का गुजारा नहीं होता था। एक बार कंपनी के मालिक ने उसे सार्वजनिक रूप से थप्पड़ मारकर जलील भी किया था। बदला लेने की भावना से दीक्षित ने नितिन को सबक सिखाने की योजना बनाई और कंपनी का पैसा लेकर फर्जी लूटपाट होने का नाटक रचा। डीसीपी ने कहा कि आरोपी के बताने पर उसके घर से दस लाख रुपये बरामद किए गए।