{"_id":"685b44d837d31731540023d6","slug":"emergency-anniversary-bjp-will-celebrate-constitution-murder-day-today-2025-06-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Emergency Anniversary : भाजपा आज मनाएगी संविधान हत्या दिवस, गृहमंत्री शाह ने आपातकाल को बताया अन्यायकाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Emergency Anniversary : भाजपा आज मनाएगी संविधान हत्या दिवस, गृहमंत्री शाह ने आपातकाल को बताया अन्यायकाल
Wed, 25 Jun 2025 06:08 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 25 Jun 2025 06:08 AM IST
सार
देश में आपातकाल 25 जून 1975 को लगा था, जिसके 50 वर्ष पूरे होने के मौके पर बुधवार को भाजपा देशभर में संविधान हत्या दिवस का आयोजन करेगी।
विज्ञापन
अमित शाह, केंद्रीय गृह मंत्री
- फोटो : ANI
विस्तार
गृह मंत्री अमित शाह ने आपातकाल को अन्यायकाल बताया है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि 1975 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का लाया आपातकाल असल में कांग्रेस का अन्यायकाल था।
विज्ञापन
गृह मंत्री ने कहा कि आपातकाल परिस्थिति और मजबूरी की नहीं बल्कि तानाशाही मानसिकता और सत्ता की भूख की उपज होता है। शाह ने यह भी कहा कि 25 जून सभी को याद दिलाता है कि कांग्रेस सत्ता के लिए किस हद तक जा सकती है।
विज्ञापन
भाजपा आज मनाएगी संविधान हत्या दिवस
देश में आपातकाल 25 जून 1975 को लगा था, जिसके 50 वर्ष पूरे होने के मौके पर बुधवार को भाजपा देशभर में संविधान हत्या दिवस का आयोजन करेगी। विभिन्न कार्यक्रमों के आयोजन के जरिये लोगों को आपातकाल के काले दौर की याद दिलाई जाएगी। जिला स्तर पर होने वाले कार्यक्रमों में मीसा बंदियों का सम्मान किया जाएगा।
विज्ञापन
आपातकाल की 50वीं बरसी की पूर्व संध्या पर नई दिल्ली में श्यामा प्रसाद मुखर्जी न्यास की ओर से आयोजित आपातकाल के 50 साल कार्यक्रम में शाह ने कहा कि जब 11 जुलाई 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने निर्णय किया कि हर वर्ष 25 जून को संविधान हत्या दिवस मनाया जाएगा, तब यह सवाल उठे कि 50 साल पहले हुई किसी घटना पर बात करके आज क्या हासिल होगा?
उन्होंने कहा कि जब किसी अच्छी या बुरी राष्ट्रीय घटना के 50 साल पूरे होते हैं, तो सामाजिक जीवन में इसकी याद्दाश्त धुंधली हो जाती है और अगर आपातकाल जैसी लोकतंत्र की नींव हिलाने वाली घटना को लेकर समाज की याददाश्त धुंधली होती है तो यह किसी भी लोकतांत्रिक देश के लिए बहुत बड़ा खतरा होता है।
उन्होंने कहा कि मन के भाव दरअसल मानव प्रकृति के भाव हैं, जो कभी न कभी दोबारा उभर कर देश और समाज के सामने चुनौती बनकर आ सकते हैं। शाह ने कहा कि भारत लोकतंत्र की जननी है यहां तानाशाही को स्वीकार नहीं किया जा सकता।
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन