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'हाथी मानव' का निकाला गया 22 साल पुराना ट्यूमर

Thu, 13 Nov 2014 05:14 PM IST
Updated Thu, 13 Nov 2014 05:14 PM IST
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Elephant man's 22 year tumour operated.

बिहार निवासी ललित राम एक ऐसे व्यक्ति हैं जो पिछले 22 साल से अपने चेहरे में एक बड़ा सा ट्यूमर लेकर घुम रहे हैं। हाल ही में उनके इस अबूझ ट्यूमर की सर्जरी हुई है। बता दें कि उनका यह ट्यूमर वह हाथी के सूंड़ के जैसा दिखता था।

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हालांकि उनके इस ट्यूमर को भगवान गणेश का प्रतिरूप समझकर लोग उसकी पूजा भी करते थे, जबकि कुछ लोगों को यह बहुत ही भयानक लगता था। इन सबसे हटकर ट्यूमर की वजह से वह जिस मानसिक पीड़ा और दर्द से गुजर रहा था वह कोई नहीं समझ से परे था।
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टीवी पर आई एक सीरीज से नाम मिला हाथी मानव

Elephant man's 22 year tumour operated.

अपने ट्यूमर के बारे में बताते हुए ललित कहता है कि वह जब दस साल का था तो उसका ट्यूमर तेजी से बढ़ना शुरू हो गया था। इस तरह बढते-बढ़ते ट्यूमर उसकी ठुड्डी फिर कान और फिर छाती के कुछ हिस्सों तक पहुंच गया।

बच्चा होते हुए भी दूसरे बच्चे उससे डरते थे। 24 वर्षीय ललित जो मधुबनी बिहार का रहने वाला है आगे बताता है कि जो बड़े लोग होते थे, खासतौर से ब्राह्मण लोग उसका आशिर्वाद लेते थे और वह कहता था 'सदा सुखी रहो'।

ललित ने अपने ट्यूमर की वजह से खुद को लगभग एक दशक तक एक पशुओं के बाड़े तक सीमित रखा था। ललित कई सालों पहले एक ग्लोबल टीवी सीरीज में दिखाए गए एपिसोड के बाद दुनिया के सामने आया। इसी टीवी सीरीज में उसे 'हाथी मानव' का नाम दिया गया था, जिसके बाद उसे दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल ने सर्जरी के लिए न्यौता दिया था।

खून की नसों तक फैला था ट्यूमर

Elephant man's 22 year tumour operated.

सर गंगा राम अस्पताल के प्लास्टिक सर्जरी विभाग के सलाहकार डॉ. विवेक वर्मा बताते हैं कि जब ललित 2012 में अस्पताल में इलाज के लिए आया तो डॉक्टरों को उसे देखकर जरा भी अचंभा नहीं हुआ। ललित का एमआरआई और सीटी एग्नियोग्राफी करने के बाद डॉक्टरों को पता चला कि उसे कम खतरनाक न्यूरोफाइब्रोमैटोसिस हुआ है।

इस बीमारी में व्यक्ति की त्वचा और नसों में ट्यूमर हो जाता है। डॉक्टर ने आगे बताया कि ललित का ट्यूमर ऑपरेट करने में आठ घंटे लग गए और उसके बाद एक महीने उसकी देखभाल के लिए लगे। डॉक्टर ने ट्यूमर के बारे में बताया कि ट्यूमर रक्त नलिकाओं और चेहरे व गर्दन की नसों तक फैला था।

डॉक्टरों ने सर्जरी के वक्त इस बात का पूरा खयाल रखा गया कि किसी भी इमरजेंसी के दौरान खून की कमी न हो। सर्जरी के दौरान ललित का दो-तिहाई ट्यूमर, जो उसके चेहरे के दाहिने भाग पर था उसे हटा सफलतापूर्वक हटा लिया गया है। डॉक्टरों ने बताया कि उन्होंने जितना सोचा था ललित का ट्यूमर उससे ज्यादा नसों से जुड़ा हुआ था।

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शादी करके खुशहाल जिंदगी बिता रहे हैं ललित

Elephant man's 22 year tumour operated.

सर्जरी के दौरान ललित का बहुत खून बहा। दवाईयां और नियमित रूप से ट्रांसफ्यूजन भी उसके खून के बहने को रोक नहीं सका। डॉक्टरों ने आठ घंटे बाद यह तय किया कि ललित की सर्जरी रोक दी जाए क्योंकि उससे उसकी जान को खतरा हो सकता था।

डॉ. कुमार ने आगे बताया कि सर्जरी इस तरह से प्लान की गई थी ताकि ललित का चेहरा खराब हुए बिना कट का निशान चेहरे के नीचे आ जाए। ललित की मां ने बताया कि इस सर्जरी के बाद उन्होंने ललित के लिए दुल्हन खोजी और उसकी शादी कराई। अब ललित अपने पिता के साथ खेती में हाथ बंटाता है।

सर गंगा राम अस्पताल के मैनेजमेंट बोर्ड के चेयरमैन डॉ. डीएस राणा कहते हैं कि ललित जैसे मरीज गरीबी और अज्ञानता के कारण अपना इलाज नहीं कराते। उन्हें उम्मीद है कि ललिल का केस ऐसी ही बीमारियों से लड़ रहे लोगों के लिए मिसाल साबित होगा और वो अपना इलाज जरूर कराएंगे। उन्होंने ये भी खुशी जताई कि अस्पताल के प्रयास से सब अच्छा हो गया और ललित शादी करके अपनी जिंदगी बसर कर रहा है।

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