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बिजली निगम: हर कार्यालय में मिल रहा है घोटाला
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
Updated Mon, 26 May 2014 05:38 PM IST
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दक्षिण हरियाणा बिजली निगम की जो भी ईंट उठाई जा रही है उसके नीचे से घोटाला निकलकर बाहर आ रहा है। सब-डिवीजन नंबर-तीन में सामने आए बिजली निगम चेक घोटाले के बाद लगभग सभी कार्यालयों पर इसके छींटे पड़ते नजर आ रहे हैं।
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जिसके बाद ऐसा लग रहा है कि यह बिजली निगम के कार्यालय नहीं बल्कि घोटालों के अड्डे बन गए हैं। जहां जनता परेशान है और अधिकारी मालामाल। सोमवार को बिजली निगम मुख्यालय की ऑडिट टीम ने पल्ला, सब डिवीजन नंबर-एक, दो, तीन, चार और पांच में खातों की जांच की। सभी जगह कुछ न कुछ घ सामने आए। जिसके बाद टीम ने गायब बैकिंग ट्रांजेक्शन का एक चौंकाने वाला आंकड़ा प्रस्तुत किया।
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सोमवार सुबह टीम ने सब डिवीजन नंबर पांच में सबसे पहले जांच शुरू की। जहां पांच बैकिंग ट्रांजेक्शन ऐसी सामने आई, जिनमें गड़बड़ी की गई थी। टीम के अनुसार यह करीब सवा लाख रुपये की राशि के चेक हैं। इन चेकों की राशि डीएचबीवीएनएल के खाते में नहीं पहुंची। इसके बाद टीम ने सब डिवीजन नंबर चार में भी कई खातों की जांच की। इस दौरान टीम को कुछ बैकिंग एंट्री में गलतियां मिलीं।
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दोपहर बाद पल्ला, सब डिवीजन नंबर-एक एवं दो में जांच शुरू की। दिन भर चली जांच पड़ताल में टीम को 197 उपभोक्ता ऐसे मिले, जिनके पैसे डीएचबीवीएनएल के पास नहीं आई है। बिजली निगम अधिकारियों, कर्मचारियों, बैंक कर्मियों एवं उपभोक्ताओं ने मिलकर यह राशि निगम के खाते में नहीं पहुंचने दी। यह गड़बड़ी करीब 95 लाख रुपये की है।
इसके साथ ही टीम के सामने कुछ अन्य चौंकाने वाले तथ्य भी सामने आए हैं। जिसमें सबसे मुख्य यह है कि जिन उपभोक्ताओं के चेक गायब हैं वे सभी एचडीएफसी बैंक द्वारा ट्रांसजेक्शन कर रहे थे। जिसके बाद टीम के कुछ सदस्यों ने बैंक अधिकारियों से पूछताछ शुरू कर दी है।
एसई आरएस यादव ने बताया कि सबसे ज्यादा घोटाले की सूचना इन्हीं कार्यालयों से मिल रही है। ठेके पर काम कर रहे कर्मचारियों और बैंक कर्मचारियों ने मिल कर यह घोटाला किया है। मुख्यालय की टीम द्वारा सारी जांच की जा रही है।