{"_id":"c6d986a5125a3cd2d5c870fc23dc8b5d","slug":"electricity-bill-scam-fir-against-cmd-of-central-bank","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिजली घोटाला: बैंक के CMD के खिलाफ FIR","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिजली घोटाला: बैंक के CMD के खिलाफ FIR
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
Updated Fri, 23 May 2014 07:08 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फरीदाबाद में बिजली निगम में 3.05 करोड़ के बिल भुगतान घोटाले में थाना मुजेसर पुलिस ने लखानी वरदान ग्रुप के मालिक, दो निदेशकों, मुंबई में सेंट्रल बैंक के सीएमडी सहित छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। बिजली विभाग के एसडीओ की शिकायत पर पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है।
विज्ञापन
लखानी वरदान ग्रुप के मालिक सहित छह नामजद
सेक्टर-23 स्थित सब-डिवीजन नंबर-3 के एसडीओ हर्ष कुमार की शिकायत पर मुजेसर पुलिस ने बृहस्पतिवार रात सेक्टर-24 स्थित लखानी वरदान ग्रुप के डायरेक्टर पीडी लखानी, सुमन और अमरजीत कालरा, मुंबई में नरीमन प्वाइंट के चंद्रमुखी स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के चेयरमैन व मैनेजिंग डायरेक्टर राजीव रिषी के िख्ाखिला एफआईआर दर्ज किया गया है।
विज्ञापन
इनके अलावा फरीदाबाद में बाटा-हार्डवेयर रोड स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के ब्रांच मैनेजर देशराज चौधरी और बैंक कर्मचारी ज्योति अरोड़ा के खिलाफ धोखाधड़ी व आपराधिक षड्यंत्र रचने सहित पांच धाराओं मेें मामला दर्ज किया है।
विज्ञापन
शिकायत में कहा गया है कि विद्युत निगम और सेंट्रल बैंक की हिसार ब्रांच के बीच एक करार हुआ था, जिसमें फरीदाबाद में बाटा-हार्डवेयर रोड स्थित सेंट्रल बैंक की शाखा को कलेक्शन ब्रांच के रूप में चुना गया था, जिसमें उपभोक्ताओं द्वारा बिजली निगम को दिए गए चेक सीधे जमा होते हैं। पहले उपभोक्ताओं के चेक हार्डवेयर स्थित कलेक्शन ब्रांच में जमा होते थे और उसेहिसार मेन ब्रांच में भेजा जाता था।
वहां से यह रकम कटकर बिजली निगम के खाते में जाती थी। लेकिन ऑडिट विभाग की जांच में 133 चेकों द्वारा 3.05 करोड़ रुपये का हेरफेर का मामला सामने आया। पता लगा है कि वर्ष 2011 में लखानी वरदान ग्रुप के खातों से रकम तो निकली लेकिन वह बैंक के मेन ब्रांच में नहीं गई। इस मामले में बैंक कर्मी ज्योति और अन्य अधिकारियों की संलिप्तता सामने आई है।