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18 फरवरी की रात से बिजलीघर छोड़ जाएंगे कर्मचारी
अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Mon, 10 Feb 2014 09:39 AM IST
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निजीकरण के विरोध की आंधी 19 फरवरी से शहर समेत पूरे प्रदेश की बिजली गुल कर देगी। पावर कारपोरेशन के कर्मचारियों-अधिकारियों की संयुक्त संघर्ष समिति ने रविवार को आंदोलन की रूपरेखा जारी कर दी।
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18 फरवरी की रात से बिजलीघरों में तैनात अधिकारी हड़ताल में शामिल हो जाएंगे। 19 फरवरी की सुबह से बिजलीघरों से आपूर्ति का संचालन भी अनियंत्रित हो जाएगा।
निजीकरण के खिलाफ आंदोलन में संविदाकर्मियों के संगठन ने भी शामिल होने की घोषणा कर दी है। ऐसा होने के बाद फाल्ट होने पर जल्द ठीक भी नहीं हो सकेंगे। लाखों लोगों को बिजली से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ेगा।
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समिति के प्रदेश पदाधिकारी एके आत्रे की देखरेख में आंदोलन की रूपरेखा बन गई है। 10 फरवरी से जनता के बीच जाकर निजीकरण का नुकसान बताने का फैसला लिया गया है। इसके लिए रीजनल कमेटियों का गठन कर दिया गया है। समिति का प्रवक्ता आरएस यादव को बनाया गया है।
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संयोजक संघर्ष समिति के वीके अग्रवाल ने बताया कि पहले दो शहरों का निजीकरण किया गया। वहां करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ। इसके बावजूद कमाई वाले जिलों का फिर से निजीकरण शुरू कर दिया गया है। निजीकरण खत्म करने की लिखित घोषणा से कम पर हड़ताल वापस नहीं होगी। बिजलीघरों पर एसएसओ भी नहीं रहेंगे।