{"_id":"5f557e77f510e63899011cbb","slug":"ekta-was-ahead-in-the-race-to-become-the-master-of-the-whole-society","type":"story","status":"publish","title_hn":"पूरे समाज की गुरु बनने की दौड़ में आगे थी एकता, सुपारी देकर हत्या कराने की आशंका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पूरे समाज की गुरु बनने की दौड़ में आगे थी एकता, सुपारी देकर हत्या कराने की आशंका
Mon, 07 Sep 2020 05:57 AM IST
दुष्यंत शर्मा
शुजात आलम, नई दिल्ली
शुजात आलम, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 07 Sep 2020 05:57 AM IST
विज्ञापन
हादसे के बाद...
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अपने स्वभाव, काम करने के तरीके और खूबसूरती की वजह से एकता जोशी ने चंद सालों में ही पूरे किन्नर समाज का दिल जीत लिया था। राजधानी के किन्नर समाज में चर्चा होने लगी थी कि वह पूरी दिल्ली की गुरु बन सकती है। उसके चेले भी यही चाहते थे। पुलिस जांच कर रही है कि कहीं हत्या की अहम वजह यही तो नहीं है। आशंका है कि सुपारी देकर एकता को रास्ते से हटाया गया।
विज्ञापन
एक किन्नर ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि एकता के आने के बाद गुरु अनीता का रुतबा काफी बढ़ गया। एकता ने बहुत जल्दी समाज में अपनी जगह बना ली। अनीता जिस डीडीए फ्लैट में रहती है, वहां एकता के आने के बाद एक के बाद एक छह डीडीए फ्लैट खरीदे गए। एकता ने एक छोटा सा परिसर किन्नरों के लिए अलग बनवा दिया। अभी हाल में इन फ्लैटों को तोड़कर वहां आलीशान मकान तैयार किया गया।
विज्ञापन
पिछले बृहस्पतिवार को इस मकान का उद्घाटन किया गया। यहां बड़ी संख्या में किन्नर जुटे थे। अन्य लोगों ने बताया कि एकता किन्नर समाज के अलावा गरीब लोगों को खूब दान देती थी। उसने कई गरीब लड़कियों की शादियां भी कराई। ऐसे में धीरे-धीरे उसका प्रभाव भी बढ़ने लगा।
विज्ञापन
अपने जीवन में ही अनीता ने अपने बाद उसे ही इलाके का गुरु घोषित कर दिया था, लेकिन अपने कामों की वजह से उसे पूरी दिल्ली के गुरु बनने की दौड़ में खड़ा कर दिया। एक किन्नर ने बताया कि फिलहाल किन्नर समाज में उससे समझदार और स्वभाव से अच्छा कोई और नहीं था। ऐसे में उसके ही दिल्ली का भी गुरु बनना तय माना जा रहा था।
घर पहुंचे कई राज्यों के किन्नर
मौत की सूचना मिलते ही दिल्ली-एनसीआर के अलावा उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और अन्य राज्यों के किन्नरों का उसके घर तांता लग गया। उसके चेलों व चाहने वाले दूसरे किन्नरों का रोते-रोते बुरा हाल रहा। देर शाम कुछ किन्नरों ने एकता से जुड़े कुछ राज बताने की बात की थी। पुलिस उनका पता लगाने का प्रयास कर रही है।
15 साल की उम्र में छोड़ दिया था परिवार
महज 15 साल की उम्र में एकता ने अपने परिवार को छोड़ दिया था। पिता भगराम जुआल दिल्ली में रहकर पूसा संस्थान में नौकरी करते थे। मां विद्यावती, भाई राकेश, मुकेश और अनिल उत्तराखंड में ही रहते हैं। परिवार को छोड़ने के बाद उसने अपने पूरे परिवार से संबंध बनाकर रखा था। हर मौके पर वह अपने घर भी जाती थी। यहां तक उसकी मां, भाई व परिवार के अन्य सदस्य दिल्ली उससे मिलने आते थे। शनिवार को उसकी हत्या की सूचना मिलते ही परिवार दिल्ली पहुंच गया। वहां मौजूद एक किन्नर ने बताया कि अनीता ने जो तीन बच्चे आकाश, आशीष और मानसी गोद लिए हुए हैं वह एकता के भाई के ही बच्चे हैं। एकता उनका सारा खर्चा उठा रही थी।