{"_id":"659c83f205b87582350b36f3","slug":"educational-institutions-should-cooperate-in-drug-free-india-2024-01-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"UGC: नशा मुक्त भारत में सहयोग दें शिक्षण संस्थान, यूजीसी ने विश्वविद्यालयों-उच्च शिक्षण संस्थानों को लिखा पत्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UGC: नशा मुक्त भारत में सहयोग दें शिक्षण संस्थान, यूजीसी ने विश्वविद्यालयों-उच्च शिक्षण संस्थानों को लिखा पत्र
Tue, 09 Jan 2024 04:53 AM IST
विजय पुंडीर
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: विजय पुंडीर
Updated Tue, 09 Jan 2024 04:53 AM IST
सार
यूजीसी के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, सभी उच्च शिक्षण संस्थानों को इस संबंध में पत्र लिखा गया है। संस्थानों से नशा मुक्त भारत अभियान लागू करने का आग्रह किया गया है।
विज्ञापन
यूजीसी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
देशभर के उच्च शिक्षण संस्थानों को नशा मुक्त भारत के लिए सहयोग देना होगा। विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को अपने कैंपस में एनएसस, एनसीसी कैडेट, छोटे-छोटे क्लब समेत छात्रों व शिक्षकों के सहयोग से छात्रों को नशा मुक्त भारत के प्रति जागरूक करना होगा।
विज्ञापन
यूजीसी के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, सभी उच्च शिक्षण संस्थानों को इस संबंध में पत्र लिखा गया है। संस्थानों से नशा मुक्त भारत अभियान लागू करने का आग्रह किया गया है। केंद्र सरकार ने देशभर में नशीली दवाओं की मांग में कमी के लिए नशा मुक्त भारत अभियान (एनएमबीए) लागू किया है। दरअसल, छात्र खासकर युवा बेहद संवेदनशील है। उन्हें मादक द्रव्यों के खतरे के प्रति जागरूक करना जरूरी है।
विज्ञापन
यूजीसी नेट दिसंबर परीक्षा की आंसर की में गलतियों को लेकर ज्ञापन
नई दिल्ली। यूजीसी नेट दिसंबर परीक्षा की आंसर -की (उत्तर कुंजी) की 50 से अधिक गलतियां हैं। छात्रों की परेशानी को देखते हुए एबीपीपी ने छात्रों की ओर से यूजीसी और एनटीए को गलतियों में सुधार के लिए मांगपत्र सौंपा गया है। एबीवीपी के राष्ट्रीय महामंत्री याज्ञवल्क्य शुक्ल ने कहा कि एनटीए द्वारा आयोजित यूजीसी नेट की परीक्षा में बार बार इस प्रकार गंभीर अनियमितताओं का आना दुर्भाग्यपूर्ण है। एक ओर जहां राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 लागू होने से दूर-दराज व ग्रामीण इलाकों के छात्रों को शिक्षा क्षेत्र में व्यापकता व अवसरों का निर्माण हो रहा है। वहीं, एनटीए द्वारा आयोजित राष्ट्रीय दाखिला प्रवेश परीक्षा के आवेदन से लेकर उत्तर कुंजी में गलतियां ही गलतियां हैं। पहले छात्रों को आवेदन पत्र भरने में दिक्कत हुई और अब उत्तर कुंजी में गलतियां हैं। हमारी मांग है कि एनटीए इन अनियमितताओं को दूर करे। इसके अलावा भविष्य में इस प्रकार की गलतियां न हो, इस पर भी ठोस रणनीति बनानी होगी।
विज्ञापन