हड़ताल के बावजूद इस अस्पताल में जन्में 44 बच्चे
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राजधानी के सरकारी अस्पतालों में दो दिन तक चली रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल से मरीजों का तो बुरा हाल हुआ, लेकिन इसके चलते एक अस्पताल ने रेकॉर्ड कायम कर दिया।
हड़ताल के दौरान 24 घंटे में 44 बच्चों ने जन्म लिया। अस्पताल का दावा है कि इससे पहले अस्पताल के इतिहास में एक दिन में इतने बच्चों की डिलीवरी नहीं हुई थी।
ईस्ट दिल्ली के दिलशाद गार्डन स्थित ईडीएमसी के स्वामी दयानंद अस्पताल में सोमवार सुबह 9 से मंगलवार सुबह 9 बजे तक 44 बच्चों ने जन्म लिया।
यहां के डॉक्टरों ने नहीं छोड़ा था काम
इनमें 36 बच्चे नॉर्मल, जबकि 8 ऑपरेशन के जरिए पैदा हुए। कहा जा रहा है कि ज्यादा बच्चे पैदा होने की वजह अस्पताल में हड़ताल के दौरान अधिक गर्भवती महिलाओं का भर्ती होना है।
दरअसल स्वामी दयानंद अस्पताल ईस्ट दिल्ली के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल गुरु तेग बहादुर के बिल्कुल नजदीक है।
सोमवार को जब दिल्ली के सभी अस्पतालों में रेजीडेंट डॉक्टर हड़ताल पर थे, उस समय यहां के डॉक्टर काम कर रहे थे।
पास के अस्पताल में हड़ताल बनी रिकॉर्ड की वजह
इस अस्पताल के डॉक्टरों ने हड़ताल का समर्थन तो किया था, लेकिन उन्होंने काम नहीं रोका। डॉक्टरों ने विरोध स्वरूप बाजू पर काली पट्टी जरूर बांधी थी।
अस्पताल के मेडिकल सुप्रिंटेंडेंट डॉ जयपाल ने कहा कि दिल्ली के दूसरे अस्पतालों में हड़ताल होने से यहां के डॉक्टरों को आदेश दिया गया था कि अस्पताल में आने वाले हर मरीज को ठीक से एंटरटेन करें।
दूसरी जगहों से गर्भवती महिलाओं के ज्यादा आने से इतने ज्यादा बच्चों ने पहली बार अस्पताल में जन्म लिया। आमतौर पर अस्पताल में प्रतिदिन 18-20 बच्चे जन्म लेते हैं।