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घर खरीदारों से धोखाधड़ी : WTC बिल्डर और भूटानी समूह के ठिकानों पर ED के छापे, अहम दस्तावेज बरामद-मोबाइल जब्त
Fri, 28 Feb 2025 06:23 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 28 Feb 2025 06:23 AM IST
सार
डब्ल्यूटीसी बिल्डर, उसके प्रवर्तक आशीष भल्ला और भूटानी समूह सहित अन्य के खिलाफ दर्ज कई एफआईआर के बाद यह कार्रवाई की गई है। इस दौरान कई अहम दस्तावेज, लैपटाॅप, मोबाइल फोन, डेस्कटॉप जब्त करने के साथ अधिकारियों ने आरोपियों से जुड़े बैंक खातों की भी जानकारी ली।
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ED
- फोटो : ANI
विस्तार
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने घर खरीदारों के साथ धोखाधड़ी से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत दिल्ली-एनसीआर व लखनऊ में दो रियल एस्टेट कंपनियों और उनके प्रवर्तकों के करीब एक दर्जन परिसरों पर बृहस्पतिवार को छापे मारे।
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डब्ल्यूटीसी बिल्डर, उसके प्रवर्तक आशीष भल्ला और भूटानी समूह सहित अन्य के खिलाफ दर्ज कई एफआईआर के बाद यह कार्रवाई की गई है। इस दौरान कई अहम दस्तावेज, लैपटाॅप, मोबाइल फोन, डेस्कटॉप जब्त करने के साथ अधिकारियों ने आरोपियों से जुड़े बैंक खातों की भी जानकारी ली।
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आरोप है कि डब्ल्यूटीसी बिल्डर ने निवेशकों से 1,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जुटाई, लेकिन पिछले 10-12 वर्षों में परियोजनाएं पूरी नहीं की हैं। ईडी की टीम ने धन शोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत चल रही जांच के सिलसिले में दिल्ली, नोएडा, लखनऊ, फरीदाबाद और गुरुग्राम में आरोपियों के परिसरों पर छापे मारे।
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लखनऊ में शहीद पथ स्थित भूटानी प्रोजेक्ट के ठिकानों पर तलाशी ली गई। नोएडा के सेक्टर-90 स्थित बिल्डर के दफ्तर और बिल्डर के सेल्स और कॉर्पोरेट ऑफिस दोनों ठिकानों पर कार्रवाई की गई।
अधिकारियों ने बताया कि मनी लॉन्ड्रिंग मामले में यह जांच फरीदाबाद पुलिस और दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा में डब्ल्यूटीसी बिल्डर, भल्ला और भूटानी समूह के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी पर आधारित है। डब्ल्यूटीसी समूह की फरीदाबाद, नोएडा और कुछ अन्य स्थानों पर कई परियोजनाएं हैं।
भूटानी ग्रुप की 74 से अधिक परियोजनाएं
भूटानी ग्रुप प्रोजेक्ट्स देश की बड़ी रियल एस्टेट कंपनियों में शुमार है। कंपनी अब तक 90 लाख स्क्वायर फीट से ज्यादा निर्माण कर चुकी है। इसकी 74 से ज्यादा परियोजनाएं चल रही हैं। भूटानी ग्रुप का नाम आधुनिक कमर्शियल और रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट्स के लिए जाना जाता है।
भूटानी इन्फ्रा ने कहा- डब्ल्यूटीसी बिल्डर से कोई जमीन या धन नहीं मिला
इस मामले में भूटानी इन्फ्रा ने साफ किया है कि उसे डब्ल्यूटीसी बिल्डर से कोई जमीन या धन नहीं मिला। भूटानी इन्फ्रा के अनुसार, डब्ल्यूटीसी के साथ अपने संक्षिप्त सहयोग के दौरान कंपनी को को कोई भूमि या धन हस्तांतरित नहीं किया गया। भूटानी इंफ्रा या उसके निदेशकों को किसी भी भूमि होल्डिंग कंपनी में कोई शेयर हस्तांतरण नहीं किया गया है। कंपनी ने बताया कि पिछले साल जुलाई में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने के छह महीने बाद ही फरवरी की शुरुआत में डब्ल्यूटीसी समूह के साथ सभी संबंध तोड़ दिए थे।
कंपनी ने इस बात पर जोर दिया है कि उसका डब्ल्यूटीसी से कोई वित्तीय या परिचालन संबंध नहीं है। न ही कंपनी और न ही उसके निदेशकों को इस अवधि के दौरान डब्ल्यूटीसी से कोई जमीन या फंड या जमीन रखने वाली कंपनियों में शेयर मिले हैं। इसके विपरीत कोई भी सुझाव पूरी तरह से झूठा और भ्रामक है। फरवरी की शुरुआत में डब्ल्यूटीसी के साथ किसी भी तरह के संबंध से पूरी तरह से हटने के बाद, भूटानी इंफ्रा का चल रहे विवाद से कोई संबंध नहीं है।
डब्ल्यूटीसी से जुड़ा कोई दायित्व न होने के बावजूद, भूटानी इंफ्रा ने संकटग्रस्त ग्राहकों को सहायता दी और मार्गदर्शन प्रदान किया है। साथ ही कंपनी ने ईडी को उसकी जांच में आवश्यक जानकारी मुहैया कराने के लिए पूरी सहायता की है और आवश्यकता पड़ने पर किसी भी जानकारी के लिए उनके साथ पूरी तरह से सहयोग करना जारी रखेगा।
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