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ED Raid : आप नेता सौरभ भारद्वाज के घर समेत 13 ठिकानों पर छापा, कार्रवाई जारी; पुलिस पहुंची आवास पर

Wed, 27 Aug 2025 12:47 AM IST
अनुज कुमार पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली Published by: अनुज कुमार Updated Wed, 27 Aug 2025 12:47 AM IST
सार

आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली के पूर्व मंत्री सौरभ भारद्वाज के घर मंगलवार सुबह प्रवर्तन निदेशालय ने छापा मारा है। अस्पताल निर्माण घोटाला मामले में ईडी ने कार्रवाई की है। वहीं ईडी की कार्रवाई के बीच आम आदमी पार्टी का बयान सामने आया है। 

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ED raided house of former Delhi minister Saurabh Bhardwaj today
सौरभ भारद्वाज (फाइल फोटो) - फोटो : X/AAP

विस्तार

दिल्ली में आम आदमी पार्टी के नेता और पूर्व मंत्री सौरभ भारद्वाज के घर समेत 13 ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय ने छापा मारा है। यह कार्रवाई अस्पताल निर्माण में हुए घोटाले को लेकर की गई है। ईडी अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रवर्तन निदेशालय की एक टीम ने अस्पताल निर्माण में अनियमितताओं से जुड़े धन शोधन मामले में आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज के आवास पर छापेमारी की है। जानकारी के लिए बता दें कि ईडी की दिल्ली और आस पास के 13 ठिकानों पर छापेमारी चल रही है। बताते हैं कि दिल्ली पुलिस, दिल्ली AAP प्रमुख सौरभ भारद्वाज के आवास पर भी पहुंची। ईडी की कार्रवाई जारी है। 

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केजरीवाल बोले- एजेंसी का गलत इस्तेमाल कर रही भाजपा
आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सौरभ भारद्वाज के घर हुई छापेमारी पर कहा कि मोदी सरकार जांच एजेंसियों का गलत इस्तेमाल कर रही है। आप को निशाना बनाया जा रहा है। आप को निशाना इसलिए बनाया जा रहा है क्योंकि पार्टी ने मोदी सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ सबसे ज्यादा आवाज उठाई है। 
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सौरभ भारद्वाज पर हुई कार्रवाई पर आप का जवाब
सौरभ भारद्वाज के खिलाफ ईडी की कार्रवाई पर आम आदमी पार्टी की ओर से बयान सामने आया है। आप ने इस कार्रवाई को ध्यान भटकाने की रणनीति बताया है। साथ ही दावा किया है कि उनके खिलाफ मामला झूठा है। आप के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया ने ईडी की कार्रवाई पर कहा कि छापेमारी ध्यान भटकाने की रणनीति है। यह मामला उस समय का है जब भारद्वाज किसी मंत्री पद पर नहीं थे। यह मामला झूठा है। 

ED raided house of former Delhi minister Saurabh Bhardwaj today
आप नेता सौरभ भारद्वाज - फोटो : PTI

'आप नेताओं को जेल में डालना मोदी सरकार की नीति'
वहीं आप सांसद संजय सिंह ने ईडी की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनके के खिलाफ दर्ज मामला झूठा और निराधार है। क्योंकि जिस समय ईडी ने मामला दर्ज किया था, उस समय वह मंत्री भी नहीं थे। आप नेताओं के खिलाफ झूठे मामले दर्ज करना और उन्हें जेल में डालना मोदी सरकार की नीति है। भाजपा सरकार सभी आप नेताओं को एक-एक करके परेशान कर रही है और उन्हें जेल में डाल रही है। पीएम मोदी की फर्जी डिग्री से ध्यान हटाने के लिए छापेमारी की जा रही है। पीएम मोदी की फर्जी डिग्री पर चर्चा न हो, इसके लिए ईडी ने कार्रवाई की है। 

जानें क्या बोले पंजाब सीएम मान
पंजाब के सीएम भगवंत मान ने कहा कि आज सौरभ भारद्वाज के घर पर छापा मारा गया है। क्योंकि कल से पूरे देश में पीएम मोदी की डिग्री को लेकर चर्चा की। जो डिग्री फर्जी है। ये रेड उस से ध्यान भटकाने के लिए की गई है। सत्येंद्र जैन को भी तीन साल जेल में रखा लेकिन बाद में सीबीआई और ईडी ने कोर्ट में क्लोजर रिपोर्ट फाइल की। इस से साफ है कि आम आदमी पार्टी के नेताओं पर किए गए सारे केस फर्जी और झूठे हैं।
 



पूर्व सीएम आतिशी ने कसा तंज
सौरभ भारद्वाज पर ईडी की कार्रवाई पर पूर्व सीएम आतिशी ने कहा कि आज सौरभ जी के यहां रेड क्यों हुई? क्योंकि पूरे देश में मोदी जी की डिग्री पर सवाल उठ रहा है। क्या मोदी जी की डिग्री फर्जी है?, इस चर्चा से ध्यान हटाने के लिए ही रेड डाली गई है। जिस समय का केस बताया जा रहा है। उस समय सौरभ मंत्री भी नहीं थे। यानी पूरा केस ही झूठा है।
 
आप प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ ने की प्रेस कॉन्फ्रेंस




जानें क्या है मामला

बीती 24 जून को आप सरकार में स्वास्थ्य मंत्री रहे सत्येंद्र जैन और सौरभ भारद्वाज के खिलाफ हजारों करोड़ से अधिक के कथित अस्पताल घोटाले की जांच को उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने मंजूरी दे दी थी। जांच के लिए भाजपा नेता विजेंद्र गुप्ता ने 22 अगस्त 2024 को शिकायत की थी। इसमें तत्कालीन मंत्री सौरभ भारद्वाज और सत्येंद्र जैन पर मिलीभगत कर स्वास्थ्य विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था। आम आदमी पार्टी (आप) ने इन आरोपों से इनकार किया था। 

आरोप है कि साल 2018-19 में 5590 करोड़ रुपये की लागत की 24 अस्पताल परियोजनाएं (11 ग्रीनफील्ड और 13 ब्राउनफील्ड) स्वीकृत की गई थी। इसमें बड़े पैमाने पर हेराफेरी का आरोप है। 6800 के कुल बिस्तर क्षमता वाले 7 आईसीयू अस्पतालों को सितंबर 2021 से 6 महीने के भीतर पूर्व-इंजीनियर संरचनाओं का उपयोग कर निर्माण के लिए 1125 करोड़ रुपये की लागत से मंजूरी दी गई थी। तीन साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी 800 करोड़ रुपये की लागत के साथ केवल 50 फीसदी काम पूरा हुआ।

लोकनायक अस्पताल न्यू ब्लॉक परियोजना के लिए 465.52 करोड़ रुपये की लागत से मंजूरी दी गई थी। चार साल में 1125 करोड़ रुपये की राशि खर्च हुई जो लागत से करीब तीन गुनी है। पॉलीक्लिनिक्स परियोजना के लिए 168.52 करोड़ रुपये की लागत स्वीकृत हुई। इसमें 94 पॉलीक्लिनिक्स तैयार करना था, लेकिन 52 का निर्माण करने पर 220 करोड़ रुपये खर्च हुए। स्वास्थ्य सूचना प्रबंधन प्रणाली को लागू करने में एक दशक से अधिक समय की देरी हुई। इसमें वित्तीय लेन-देन में अस्पष्टता का मामला सामने आया। मंत्रियों ने एनआईसी की ई-हॉस्पिटल प्रणाली सहित लागत प्रभावी समाधानों को बार-बार खारिज किया। 

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