फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Earnings graph increased by 100% when attitude changed in challenges 

चुनौतियों में रुख बदला तो 100 फीसदी बढ़ा कमाई का ग्राफ

Sun, 02 Aug 2020 05:34 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sun, 02 Aug 2020 05:34 AM IST
विज्ञापन
Earnings graph increased by 100% when attitude changed in challenges 
ई स्कूटर से होम डिलीवरी... - फोटो : amar ujala

कोविड-19 महामारी का असर हर व्यक्ति, परिवार और अलग अलग क्षेत्रों पर पड़ा है। कारोबारी, नौकरीपेशा हो या किसान समेत बड़ी औद्योगिक इकाईयों की रीढ़ भी कमजोर हो गई। पुराने कारोबार से अलग कुछ करने की नई सोच रखते हुए चुनौतियों के बीच लॉकडाउन के शुरुआती दो महीने, फिर अनलॉक-1, 2 के दो महीनों में पहले से कमाई में बढ़ोतरी दर्ज की। मुश्किल हालातों में भी कमाई का ग्राफ में 100 फीसदी तक का उछाल कैसे आया, पेश है सर्वेश कुमार की रिपोर्ट।

विज्ञापन


लॉकडाउन से पहले मेट्रो स्टेशनों पर ई स्कूटर की सेवा मुहैया करने वाली कंपनी को मेट्रो सेवाएं बंद होने से झटका लगा। लेकिन, हालात से डरने की बजाय महज दो दिनों में अपने कारोबार का रुख मोड़ दिया। यात्रियों को ई स्कूटर से घरों तक पहुंचाने की बजाय होम डिलिवरी और स्कूटर रेंटल प्लान को विस्तार दिया। कंपनी ने बिग बाजार, बिग बास्केट, स्पेंसर्स सहित मल्टीब्रांड रिटेल स्टोर के साथ साथ ई कॉमर्स के क्षेत्र की कंपनी अमेजॉन के उत्पादों की भी होम डिलिवरी की शुरुआत कर दी। शुरुआती दो महीने में कारोबार में मुनाफा को देखते हुए 1000 ई स्कूटर के जरिये होम डिलिवरी और रेंटल से पांच महीनों में कारोबार में 100 फीसदी तक की बढ़ोतरी दर्ज की।
विज्ञापन


चार महीने की साल भर की कमाई 
मेट्रो स्टेशनों से यात्रियों को ई-स्कूटर की सेवा देने वाली कंपनी बायसी शेयर टेक्नोलॉजी प्रा. लिमिटेड के सीईओ आकाश गुप्ता का कहना है कि लॉकडाउन के शुरुआती चार महीनों में एक साल की कमाई का लक्ष्य हासिल कर लिया। लॉकडाउन के पहले दो महीनों में लोगों के लिए सबसे बड़ी परेशानी घर तक जरूरी सामान पहुंचने की थी। होम डिलिवरी की सुविधा देने के लिए कर्मियों को नौकरियां भी मिलीं। अब औसतन हर रोज करीब एक लाख पैकेट की डिलिवरी की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


दो महीने में 1000 नए स्कूटर बेड़े में होंगी शामिल
परिवहन सेवाएं जब लॉकडाउन में बंद थीं, उस वक्त ई स्कूटर रेंटल की सुविधा दी गई। इसका लोगों ने खूब इस्तेमाल किया और अभी भी कर रहे हैं। अगले दो महीने में कंपनी 1000 नए ई स्कूटर खरीदेगी, ताकि सेवाओं का विस्तार हो और मेट्रो सेवाएं शुरू होने पर यात्रियों को भी किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। फिलहाल 70 फीसदी कारोबार होम डिलेवरी जबकि 30 फीसदी हिस्सा स्कूटर रेंटल से है।

बढ़े रोजगार, 10 करोड़ के टर्नओवर का लक्ष्य
कंपनी के सीईओ आकाश गुप्ता का कहना है कि अनलॉक 1 और 2 में एक हजार से अधिक कर्मियों को रोजगार में बने रहने का मौका मिला। इस साल के अंत तक 10 करोड़ के टर्नओवर का कंपनी का लक्ष्य है। हालात सुधरने पर मेट्रो स्टेशनों से सेवाएं फिर देंगे और अगले दो महीने में कंपनी 1000 नए ई स्कूटर अपने बेड़े में शामिल करेगी ताकि रोजगार के साथ साथ आर्थिक विकास की रफ्तार बनी रहे।

परिवार के साथ खेती के लिए आगे बढ़े किसान
लॉकडाउन के दौरान खेती में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। श्रमिकों के पलायन से भी हिम्मत नहीं हारी, बल्कि पूरे परिवार के साथ मिलकर सरसों और गेहूं की कटाई की। खेती में खुद जुटकर बढ़ते आर्थिक बोझ और न्यूनतम समर्थन मूल्य से होने वाले नुकसान की भरपाई भी की। नजफगढ़ के पास के गांव के किसान वीरेन्द्र डागर ने बताया कि संक्रमण से बचाव के लिए सभी एहतियात बरतने के साथ साथ अपने परिवार की बदौलत खेती कर, मुनाफा हासिल किया।


जैविक खेती को मिला बढ़ावा, कमाई की भी उम्मीद
लॉकडाउन के दौरान श्रमिकों के पलायन, कंबाइन पर होने वाले खर्च के साथ साथ किसानों ने जैविक खेती में अपनी हिस्सेदारी बढ़ा दी। कोरोना संक्रमण काल में अच्छी सेहत की अहमियत को ध्यान में रखते हुए यूरिया का इस्तेमाल बंद कर, जैविक खेती को बढ़ावा दिया। इससे जहां खर्च में कटौती हुई तो फसलों की बिक्री से अधिक मुनाफे की उम्मीद भी जगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed