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Delhi Pollution: कालिया नाग रूपी जहरीले प्रदूषण का ‘वध’ करेगा ई-वेस्ट ईको पार्क, होलंबी कलां में चल रहा है निर्माण
Sat, 09 Jul 2022 08:26 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Sat, 09 Jul 2022 08:26 AM IST
सार
दिल्ली में ई-वेस्ट ईको पार्क से प्रदूषण दूर हो जाएगा। पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा कि भारत के पहले ई-वेस्ट ईको पार्क को दिल्ली के होलंबी कलां में करीबन 21 एकड़ के क्षेत्र में विकसित करने का निर्णय लिया गया है।
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अधिकारियों से जानकारी लेते मंत्री गोपाल राय
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राजधानी में कालिया रूपी जहरीले प्रदूषण का ‘वध’ करने के लिए ई-वेस्ट ईको पार्क बनाया जा रहा है। होलंबी कलां स्थित निर्माणाधीन यह पार्क देश का पहला ई-वेस्ट पार्क होगा, जो दो साल के भीतर तैयार हो जाएगा। पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने शुक्रवार को पार्क के निर्माण को लेकर पर्यावरण विभाग और दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) के अधिकारियों के साथ संयुक्त समीक्षा बैठक की, जिसमें मंत्री ने पार्क निर्माण में तेजी लाने व कंसलटेंट की नियुक्ति करने के निर्देश दिए हैं।
उधर, पार्क के बनने से राजधानी में काफी हद तक प्रदूषण दूर हो जाएगा। राय ने कहा कि भारत के पहले ई-वेस्ट ईको पार्क को दिल्ली के होलंबी कलां में करीबन 21 एकड़ के क्षेत्र में विकसित करने का निर्णय लिया गया है। दिल्ली में प्रति वर्ष करीब दो लाख टन ई-वेस्ट उत्पन्न होता है, जो लगभग पूरे भारत में पैदा होने वाले ई-वेस्ट का लगभग 9.5 फीसदी है।
इसी के साथ दिल्ली पूरे भारत में ई-वेस्ट पैदा करने में महाराष्ट्र, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के बाद पांचवें नंबर पर आता है। यह भी देखा गया है की पूरे देश में पैदा होने वाले ई-वेस्ट का केवल पांच फीसदी ही सही तरह से पुनर्चकरण किया जाता है। गोपाल राय ने कहा कि ई-वेस्ट ईको पार्क से सरकार का मतलब एक ऐसी जगह बनाना है, जहां इसका वैज्ञानिक और पर्यावरणीय रूप से सुरक्षित विघटन, नवीनीकरण, पुनर्चकरण और विनिर्माण किया जाता हो।
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ई-वेस्ट ईको पार्क के निर्माण कार्य में तेजी लाने के लिए 11 सदस्यीय स्टिेयरिंग कमेटी का गठन किया गया है। इसकी क्रियान्वयन एजेंसी दिल्ली राज्य औद्योगिक एवं संरचना विकास निगम (डीएसआईआईडीसी) को बनाया गया है। संबंधित विभाग को निर्देश दिया गया है कि ई-वेस्ट ईको पार्क के निर्माण के लिए जल्द से जल्द कंसलटेंट की नियुक्ति की जाए।
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उधर, पार्क के बनने से राजधानी में काफी हद तक प्रदूषण दूर हो जाएगा। राय ने कहा कि भारत के पहले ई-वेस्ट ईको पार्क को दिल्ली के होलंबी कलां में करीबन 21 एकड़ के क्षेत्र में विकसित करने का निर्णय लिया गया है। दिल्ली में प्रति वर्ष करीब दो लाख टन ई-वेस्ट उत्पन्न होता है, जो लगभग पूरे भारत में पैदा होने वाले ई-वेस्ट का लगभग 9.5 फीसदी है।
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इसी के साथ दिल्ली पूरे भारत में ई-वेस्ट पैदा करने में महाराष्ट्र, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के बाद पांचवें नंबर पर आता है। यह भी देखा गया है की पूरे देश में पैदा होने वाले ई-वेस्ट का केवल पांच फीसदी ही सही तरह से पुनर्चकरण किया जाता है। गोपाल राय ने कहा कि ई-वेस्ट ईको पार्क से सरकार का मतलब एक ऐसी जगह बनाना है, जहां इसका वैज्ञानिक और पर्यावरणीय रूप से सुरक्षित विघटन, नवीनीकरण, पुनर्चकरण और विनिर्माण किया जाता हो।
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ई-वेस्ट ईको पार्क के निर्माण कार्य में तेजी लाने के लिए 11 सदस्यीय स्टिेयरिंग कमेटी का गठन किया गया है। इसकी क्रियान्वयन एजेंसी दिल्ली राज्य औद्योगिक एवं संरचना विकास निगम (डीएसआईआईडीसी) को बनाया गया है। संबंधित विभाग को निर्देश दिया गया है कि ई-वेस्ट ईको पार्क के निर्माण के लिए जल्द से जल्द कंसलटेंट की नियुक्ति की जाए।
भारत के पहले ई-वेस्ट ईको पार्क को तैयार करने में करीब 23 महीने का अनुमानित समय लगेगा। पर्यावरण मंत्री ने कहा कि दिल्ली में निर्मित होने वाला ई-वेस्ट ईको पार्क भारत में ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व में दिल्ली की एक अलग छाप छोड़ेगा। इसके निर्माण से ई-वेस्ट से होने वाले प्रदूषण में भारी कमी आएगी।