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ई-वाहन नीति समाप्त: वाहन खरीदारों को नहीं मिलेगी छूट, नीति को आगे बढ़ाने या नई लागू करने पर स्थिति स्पष्ट नहीं
Tue, 09 Jul 2024 06:36 AM IST
विजय पुंडीर
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: विजय पुंडीर
Updated Tue, 09 Jul 2024 06:36 AM IST
सार
राजधानी में इलेक्ट्रिक वाहन खरीदारों के लिए समस्या खड़ी हो गई है। मौजूदा ई-वाहन नीति की वैधता 30 जून को समाप्त हो चुकी है। इससे दिल्ली में एक जुलाई से पंजीकृत होने वाले नए ई-वाहनों को अब छूट का फायदा नहीं मिल रहा है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
राजधानी में इलेक्ट्रिक वाहन खरीदारों के लिए समस्या खड़ी हो गई है। मौजूदा ई-वाहन नीति की वैधता 30 जून को समाप्त हो चुकी है। इससे दिल्ली में एक जुलाई से पंजीकृत होने वाले नए ई-वाहनों को अब छूट का फायदा नहीं मिल रहा है। फिलहाल मौजूदा नीति को आगे बढ़ाने या नई लागू करने के मसले पर परिवहन विभाग के अधिकारी कुछ बोल नहीं रहे हैं।
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परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मौजूदा ई-वाहन नीति बीते साल 8 अगस्त समाप्त हो चुकी है। उसके बाद से इसे चार बार विस्तार दिया गया। अंतिम बार इस साल मार्च से तीन माह के लिए 30 जून तक का विस्तार मिला था। 31 दिसंबर 2023 तक वाहन खरीदारों को छूट मिला, लेकिन इस साल एक जनवरी से ई-वाहन खरीदारों को छूट की राशि नहीं दी जा सकी है। अधिकारियों ने बताया कि तकनीकी दिक्कतों के कारण लोगों को छूट की राशि नहीं दी जा सकी है। हालांकि इसे ठीक कर लिया गया है। लेकिन मौजूदा समय में 30 जून को समाप्त हो चुकी नीति के बाद अब ई-वाहन खरीद पर कोई छूट नहीं मिल सकेगा।
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अधिकारियों ने बताया कि मौजूदा वाहन नीति को विस्तार दिया जा सकता है, लेकिन वित्तीय लेन-देन लागू होने के कारण कैबिनेट मंजूरी जरूरी है। मुख्यमंत्री के जेल में होने के कारण बिना कैबिनेट के नीति को विस्तार नहीं दिया जा सकता है।
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बता दें कि राजधानी में कुल पंजीकृत होने वाले नए वाहनों में 11 फीसदी से अधिक ई-वाहन हैं। इनमें दोपहिया वाहनों की संख्या सबसे अधिक है। नीति के तहत दो पहिया वाहनों पर 5000 रुपये प्रति किलोवाट (बैट्री क्षमता) के हिसाब से अधिकतम 10 हजार रुपये की छूट, ई-रिक्शा, ई-ऑटो पर 30 हजार रुपये की छूट दी जाती है।