फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   E-rickshaws will not be registered without a fitness certificate and a license.

Delhi NCR News: फिटनेस और लाइसेंस के बिना नहीं होगा ई-रिक्शा का पंजीकरण

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 21 Oct 2026 09:08 PM IST
विज्ञापन
-पुराने ई-रिक्शा का भी कराना होगा पंजीकरण, दिल्ली में इनकी संख्या 2.05 लाख तक सीमित करने का प्रस्ताव
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली में ई-रिक्शों के संचालन को व्यवस्थित करने, यातायात जाम कम करने और सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार नई नीति लागू करने की तैयारी कर रही है। प्रस्तावित नीति के तहत राजधानी में ई-रिक्शों की अधिकतम संख्या 2.05 लाख निर्धारित करने पर विचार किया जा रहा है। इसके साथ ही ई-रिक्शों के लिए कंप्लायंस प्रमाणपत्र, फिटनेस और वैध लाइसेंस अनिवार्य होंगे। पुराने ई-रिक्शों का भी पंजीकरण कराना होगा।
दिल्ली सरकार ने ई-रिक्शा नीति का मसौदा एक महीने के लिए सार्वजनिक किया है और संबंधित पक्षों से सुझाव व आपत्तियां मांगी हैं। परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने बुधवार को कहा कि प्राप्त सुझावों की समीक्षा के बाद नीति के मसौदे में आवश्यक बदलाव किए जाएंगे। सरकार का उद्देश्य नियमों का पालन सुनिश्चित करते हुए ई-रिक्शों के संचालन को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाना है।
विज्ञापन

प्रस्तावित नीति में ई-रिक्शों की पहचान, फिटनेस जांच, लाइसेंसिंग और निर्धारित यात्री क्षमता से जुड़े प्रावधान शामिल हैं। असुरक्षित जुगाड़ तकनीक से तैयार वाहनों पर रोक लगाने और ओवरलोडिंग की समस्या दूर करने पर भी जोर दिया गया है। निर्धारित मानकों को पूरा नहीं करने वाले वाहनों को संचालन की अनुमति नहीं देने का प्रस्ताव है।
विज्ञापन
विज्ञापन

मसौदे के अनुसार, पुराने ई-रिक्शों का पंजीकरण भी आवश्यक होगा। नीति को अंतिम रूप दिए जाने के बाद 90 दिनों के भीतर इसके क्रियान्वयन की प्रक्रिया शुरू करने का प्रस्ताव है। मार्ग, किराये और परिचालन से जुड़े अन्य पहलुओं पर हितधारकों से मिले सुझावों के आधार पर निर्णय लिया जाएगा।

मंत्री ने कहा कि ई-रिक्शा तंग गलियों और सार्वजनिक परिवहन की सीमित सुविधा वाले इलाकों में किफायती साधन हैं। सरकार इनकी उपयोगिता बनाए रखते हुए अंतिम छोर तक परिवहन सुविधा बेहतर करना चाहती है। इसके अलावा बाहरी और कम परिवहन सुविधा वाले क्षेत्रों में छोटी बसें शामिल कर बस नेटवर्क का विस्तार करने की भी योजना है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed