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Delhi Murder: प्रसाद के बहाने जहर खिलाकर ई-रिक्शा चालक की हत्या, सीसीटीवी फुटेज से हुआ खुलासा
Tue, 17 May 2022 12:08 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 17 May 2022 12:08 PM IST
सार
दिल्ली पुलिस ने ई-रिक्शा चालक की हत्या के मामले का पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने उसे जहरीला पदार्थ खिलाकर ई-रिक्शा लूट लिया था, बाद में इलाज के दौरान चालक ने दम तोड़ दिया था।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
शाहदरा के जीटीबी एंक्लेव इलाके में बदमाशों ने ई-रिक्शा चालक का जहरीला पदार्थ खिलाकर उसकी हत्या कर दी। बाद में उसका ई-रिक्शा लूट लिया। मृतक की शिनाख्त बेहटा-हाजीपुर, लोनी निवासी अनिल कुमार (37) के रूप में हुई। पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की। जांच के दौरान अनिल का ई-रिक्शा और मोबाइल गायब मिले। लेकिन अनिल के ई-रिक्शा में जीपीएस लगा था।
उसकी मदद से पुलिस आरोपियों तक पहुंच गई और दोनों को गिरफ्तार कर लिया। इनकी पहचान करावल नगर निवासी सचिन (35) और सुल्तानपुरी निवासी तस्लीम (48) के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल एक स्कूटी, जहरीली गोलियां और कुछ औजार बरामद किए हैं। इनकी गिरफ्तारी से पुलिस ने ई-रिक्शा लूट की 15 वारदातें सुलझाने का दावा किया है। जीटीबी एंक्लेव थाना पुलिस पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।
शाहदरा जिला पुलिस उपायुक्त आर. सत्यसुंदरम ने बताया कि 23 अप्रैल को जीटीबी एंक्लेव, जनता फ्लैट इलाके में अनिल कुमार बेहोशी की हालत में मिला था। अस्पताल ले जाने पर इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। छानबीन के बाद पुलिस ने 10 मई को इस संबंध में जहरखुरानी, गैरइरादतन हत्या समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
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छानबीन के दौरान पुलिस को पता चला कि अनिल के ई-रिक्शा में जीपीएस सिस्टम लगा हुआ था। लेकिन वह बैटरी से कनेक्ट था। बैटरी डिस्चार्ज होते ही जीपीएस बंद हो गया। पुलिस ने उसकी मदद से घटना वाले दिन ई-रिक्शा का रूट तैयार किया। इसके बाद करीब दस किलोमीटर के इलाके में उस रूट पर पड़ने वाले करीब 100 सीसीटीवी कैमरों की जांच की।
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उसकी मदद से पुलिस आरोपियों तक पहुंच गई और दोनों को गिरफ्तार कर लिया। इनकी पहचान करावल नगर निवासी सचिन (35) और सुल्तानपुरी निवासी तस्लीम (48) के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल एक स्कूटी, जहरीली गोलियां और कुछ औजार बरामद किए हैं। इनकी गिरफ्तारी से पुलिस ने ई-रिक्शा लूट की 15 वारदातें सुलझाने का दावा किया है। जीटीबी एंक्लेव थाना पुलिस पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।
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शाहदरा जिला पुलिस उपायुक्त आर. सत्यसुंदरम ने बताया कि 23 अप्रैल को जीटीबी एंक्लेव, जनता फ्लैट इलाके में अनिल कुमार बेहोशी की हालत में मिला था। अस्पताल ले जाने पर इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। छानबीन के बाद पुलिस ने 10 मई को इस संबंध में जहरखुरानी, गैरइरादतन हत्या समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
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छानबीन के दौरान पुलिस को पता चला कि अनिल के ई-रिक्शा में जीपीएस सिस्टम लगा हुआ था। लेकिन वह बैटरी से कनेक्ट था। बैटरी डिस्चार्ज होते ही जीपीएस बंद हो गया। पुलिस ने उसकी मदद से घटना वाले दिन ई-रिक्शा का रूट तैयार किया। इसके बाद करीब दस किलोमीटर के इलाके में उस रूट पर पड़ने वाले करीब 100 सीसीटीवी कैमरों की जांच की।
पता चला कि ई-रिक्शा के साथ एक स्कूटी सवार भी चल रहा था। पुलिस ने उसके नंबर के आधार पर मालिक का पता किया तो वह बुराड़ी के संगम विहार का निकला। मालिक ने बताया कि वह काफी समय पूर्व सचिन नामक व्यक्ति को स्कूटी बेच चुका है। स्कूटी मालिक से मिले कागजातों के आधार पर पुलिस को सचिन का मोबाइल नंबर मिला। उसकी सीडीआर निकलवाई गई तो घटना वाले दिन सचिन की लोकेशन उसी स्थान की मिली।
सबूत इकट्ठा करने के बाद पुलिस की टीम ने 13 मई को आरोपी सचिन और उसके साथ तस्लीम को शेरपुर चौक, करावल नगर से दबोच लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने वारदात में अपना हाथ होने की बात कबूल कर ली। आरोपियों ने बताया कि वह ई-रिक्शा में सवार होकर मंदिर वाले रास्ते की ओर जाते थे।
मंदिर जाकर वहां से प्रसाद लाया जाता था। उसमें जहरीला पदार्थ मिलाकर ई-रिक्शा चालक को दे दिया जाता था। ई-रिक्शा चालक के बेहोश होने पर आरोपी उसे सूनसान जगह फेंककर उसका ई-रिक्शा लूट लेते थे। बाद में इसे कबाड़ी को बेच दिया जाता था। आरोपी अनिल के अलावा अब तक करीब 15 लोगों को इसी तरह लूट चुके थे। पुलिस दोनों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।
सबूत इकट्ठा करने के बाद पुलिस की टीम ने 13 मई को आरोपी सचिन और उसके साथ तस्लीम को शेरपुर चौक, करावल नगर से दबोच लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने वारदात में अपना हाथ होने की बात कबूल कर ली। आरोपियों ने बताया कि वह ई-रिक्शा में सवार होकर मंदिर वाले रास्ते की ओर जाते थे।
मंदिर जाकर वहां से प्रसाद लाया जाता था। उसमें जहरीला पदार्थ मिलाकर ई-रिक्शा चालक को दे दिया जाता था। ई-रिक्शा चालक के बेहोश होने पर आरोपी उसे सूनसान जगह फेंककर उसका ई-रिक्शा लूट लेते थे। बाद में इसे कबाड़ी को बेच दिया जाता था। आरोपी अनिल के अलावा अब तक करीब 15 लोगों को इसी तरह लूट चुके थे। पुलिस दोनों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।