कोरोना के बाद परिवहन को 'बूस्टर डोज': नजफगढ़-मोरी गेट के बीच ई-बस, नरेला जुड़ेगा मेट्रो से, दिल्ली-मुंबई और हावड़ा रेल रूट पर गतिसीमा बढ़ाने में जुटा रेलवे
कोरोना महामारी के दौरान लोगों को सामाजिक और आर्थिक संकट का सामना करना पड़ा। वहीं, परिवहन सेवाओं की रफ्तार भी काफी प्रभावित हुई, लेकिन तमाम चुनौतियों के बाद भी यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की कोशिशें जारी हैं।
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दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) की इलेक्ट्रिक बस सोमवार से नजफगढ़ और मोरी गेट टर्मिनल के बीच चलने लगी। इससे नजफगढ़ के यात्रियों को मेट्रो से महज 50 फीसदी खर्च में गंतव्य तक पहुंचने की सुविधा मिलने लगी है। खास बात यह है कि मेट्रो में सफर करने के लिए यात्रियों को तीन लाइन पर सफर चलना होगा। रूट नंबर-817 एन पर यात्रियों को सीधे गंतव्य तक पहुंचने की सुविधा मिलेगी।
बस अड्डा और आसपास के इलाकों तक पहुंचने के लिए कम खर्च में गंतव्य तक पहुंचने का मौका मिल सकेगा। हालांकि अभी भी मेट्रो से यहां पहुंचने की सुविधा है लेकिन इसके लिए यात्रियों को लाइन बदलना होगा।
डीटीसी के मुख्य महाप्रबंधक संजय सक्सेना के मुताबिक ई-44(+) रूट पर ई बस के सफल परिचालन के बाद रूट नंबर 817-एन पर चलाया गया है। सोमवार से रूट में परिवर्तन किया गया है। अब यात्रियों को मोरी गेट से नजफगढ़ टर्मिनल के बीच ई बस में सफर का मौका मिलेगा। इलेक्ट्रिक बस रूट संख्या 817-एन पर मोरीगेट टर्मिनल से रवाना होगी।
इसके बाद मोरी गेट, बर्फखाना, गुरु गोविदं सिंह मार्ग, सराय रोहिला, शास्त्री नगर ई-ब्लाक, इंद्रलोक मेट्रो स्टेशन, जखीरा, मोती नगर, राजा गार्डन, मुखर्जी पार्क(सुभाष नगर क्रासिंग), तिलक नगर, डिस्ट्रिक्ट सेंटर जनकपुरी, उत्तम नगर टर्मिनल, नवादा गांव, ककरोला ब्रिज, नंगली सकरावती एवं नजफगढ़(दिल्ली गेट) होते हुए नजफगढ़ टर्मिनल पहुंचेगी। बस रूट से संबंधित किसी भी तरह की समस्या होने पर इसका जानकारी कॉल सेंटर के नंबर से मिलेगी। करीब 32 किलोमीटर से भी अधिक दूरी तय कर इस रूट की ई बस मोरी गेट से चलकर नजफगढ़ टर्मिनल पहुंचेगी।
इस दौरान बीच के सभी स्टॉप के यात्रियों को आवागमन के लिए एक आधुनिक सार्वजनिक परिवहन की सुविधा मिल सकेगी। इसके लिए यात्री डीटीसी के कॉल सेंटर के फोन नंबर- 011-41400400 या 1800118181 पर संपर्क कर सकते हैं।
मेट्रो से महज 50 फीसदी टिकट खर्च में कर सकेंगे ई बस में सफर
बस रूट संख्या 817 एन मोरी गेट से रवाना होने के बाद 17 स्टॉप से गुजरते हुए नजफगढ़ पहुंचेगी। बस में सफर में यात्रियों को करीब डेढ़ घंटे का वक्त लगेगा। मेट्रो के सफर में 27 स्टेशन से गुजरते हुए गंतव्य तक पहुंचने में करीब एक घंटा लगेगा। इसपर यात्रियों को टिकट के मद में 50 रुपये का खर्च आएगा। इलेक्ट्रिक बस में यह दूरी महज 50 फीसदी खर्च में तय की जा सकेगी। इससे यात्रियों को कम खर्च में आधुनिक सुविधाओं से युक्त बस में सफर का मौका मिलेगा। इसके लिए यात्रियों को ग्रे, ब्लू और येलो लाइन पर सफर करना होगा। नजफगढ़ टर्मिनल से द्वारका के बीच ग्रे लाइन से यात्रियों को सफर कर सकेंगे जबकि इससे आगे राजीव चौक ब्लू लाइन पर सफर करना होगा। इसके बाद येलो लाइन से यात्रियों को कश्मीरी गेट तक पहुंचने की सुविधा होगी।
नरेला को मेट्रो से जोड़ने के लिए डीडीए ने दिए 130 करोड़ रुपये
डीडीए ने नरेला उपनगरी को मेट्रो रेल से जुड़वाने की कवायद शुरू कर दी है। इस योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए डीडीए ने 130 करोड़ रुपये जारी किए हैं। नरेला को मेट्रो रेल से रिठाला लाइन से जोड़ा जाएगा। डीएमआरसी ने अपने फेज-चार के तहत नरेला को मेट्रो रेल से जोड़ने का निर्णय लिया है।
डीडीए के अनुसार वह नरेला क्षेत्र को किफायती सार्वजनिक परिवहन साधनों से जोड़ने के लिए मेट्रो रेल और सड़कों के निर्माण के लिए एनएचएआई और डीएमआरसी के साथ भी तालमेल कर रहा है। इसके परिणामस्वरूप नरेला उपनगरी और उसके आसपास के क्षेत्रों के आवासीय, वाणिज्यिक और संस्थागत क्षेत्रों का तेजी से विकास हो पाएगा। लोगों को तेज और किफायती परिवहन सुविधाएं और साधन प्राप्त होंगे। इसके बाद नरेला उपनगरी के निवासियों का जीवन स्तर बेहतर होगा।
डीडीए की नरेला उपनगरी परियोजना दिल्ली की तीन उपनगरी परियोजनाओं में से एक है। इस उपनगरी का विकास दिल्ली की बढ़ती आवास आवश्यकता को पूरा करने के लिए किया जा रहा है। यहां पर विभिन्न ग्रुप हाउसिंग पॉकेट्स में 25 हजार से अधिक फ्लैटों का निर्माण किया गया है। डीडीए नरेला उपनगरी के विकास को बढ़ावा देने और उसे दिल्ली के अन्य क्षेत्रों के साथ जोड़ने के लिए उत्तरी-पश्चिमी दिल्ली के दूरदराज के इलाकों को मेट्रो रेल से जोड़ने के लिए डीएमआरसी के साथ काम कर रहा है।
डीडीए के अनुसार डीएमआरसी रिठाला-बवाना-नरेला के लिए मेट्रो रूट का फेज-चार पहले ही प्रस्तावित कर चुका है। रिठाला-बवाना-नरेला के लिए मेट्रो रूट को अंतिम रूप देने के लिए डीडीए की ओर से डीएमआसी के साथ लगातार बैठकें कर रहा है। डीडीए का मानना है कि मेट्रो रेल का यह रूट शुरू होने के बाद नरेला उपनगरी आबाद हो जाएगी और लैंड पूलिंग क्षेत्र को भी परिवहन सेवा मिल जाएगी। परिवहन सेवा के अभाव में नरेला उपनगरी को दिल्ली के अन्य क्षेत्रों की तुलना में कम प्राथमिकता दी गई।
दिल्ली-मुंबई, और हावड़ा रेल रूट पर गतिसीमा बढ़ाने में जुटा रेलवे
मिशन रफ्तार के तहत इनदिनों रेलवे नई दिल्ली-मुंबई व नई दिल्ली हावड़ा रेल रूट पर गतिसीमा को बढ़ाने में जुटी है। सोमवार को उत्तर रेलवे महाप्रबंधक ने इस रूट पर गतिसीमा को 160 किलोमीटर प्रतिघंटा तक बढाने के कार्य की समीक्षा की। अधिकारियों को जरूरत के हिसाब से सिग्नलिंग सिस्टम को बेहतर करने, चाहरदीवारी बनाने, ट्रैक बदलने और संकुचित रेलवे ट्रैक को बेहतर करने का दिशा-निर्देश दिया।
समीक्षा बैठक में महाप्रबंधक आशुतोष गंगल ने अधिकारियों के साथ रेलपथों पर संरक्षा, गतिसीमा वृद्धि, मालभाड़ा व रेल परिचालन जैसे विषयों पर चर्चा की। कार्य प्रगति की समीक्षा के साथ ही महाप्रबंधक ने रेलयात्रियों और रेल संपत्ति की संरक्षा और सुरक्षा के उच्च मानकों को बनाए रखने में योगदान देने वाले कर्मचारियों को पुरस्कृत भी किया। महाप्रबंधक ने रेलपथों, समपारों के अनुरक्षण मानकों को बेहतर बनाने और हाई स्पीड सेक्शनों में रेलपथों के किनारे चारदीवारी बनाने पर बल दिया। उन्होंने रेलवे लाइनों को पार करने के मामलों को गंभीरता से लिया। रेलवे लाइन पार करने वाली व्यक्तियों को विभिन्न रेलवे नियमों के तहत रोकने का निर्देश दिया। साथ ही रेलपथों के निकट अतिक्रमणों को हटाने का प्रयास करने के निर्देश दिए।