{"_id":"6aae984303f21bbf620449fe","slug":"dust-traffic-congestion-and-waste-burning-within-a-3-km-radius-of-pollution-hotspots-will-be-investigated-delhi-ncr-news-c-340-1-del1011-155586-2026-09-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi NCR News: प्रदूषण हॉटस्पॉट के तीन किमी दायरे में धूल, जाम और कचरा जलाने की होगी जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi NCR News: प्रदूषण हॉटस्पॉट के तीन किमी दायरे में धूल, जाम और कचरा जलाने की होगी जांच
विज्ञापन
एक्यूआई के आधार पर होगी मैपिंग, हर प्रदूषण स्रोत की तय होगी जिम्मेदारी
31 अक्तूबर तक निर्माण के काम पूरे करने के निर्देश, 15 दिन में कार्रवाई रिपोर्ट की होगी समीक्षा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
सर्दियों से पहले राजधानी में वायु प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए जिला स्तर पर प्रदूषण के स्रोतों की पहचान की जाएगी। एक्यूआई के आधार पर प्रदूषण हॉटस्पॉट की मैपिंग होगी और इनके तीन किलोमीटर के दायरे में सड़क की धूल, ट्रैफिक जाम, वाहनों के धुएं, निर्माण कार्य और खुले में कूड़ा जलाने जैसी गतिविधियों की जांच की जाएगी।
प्रत्येक प्रदूषण स्रोत के लिए अलग कार्ययोजना तैयार होगी। संबंधित एजेंसी की जिम्मेदारी और काम पूरा करने की समयसीमा भी तय की जाएगी। लापरवाही पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई होगी। पर्यावरण मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा की अध्यक्षता में पूर्वी, उत्तर-पूर्वी, दक्षिणी और दक्षिण-पूर्वी जिलों की समीक्षा बैठक में ये फैसले लिए गए। डीएम ईस्ट और लाजपत नगर स्थित डीएम साउथ-ईस्ट कार्यालय में हुई बैठकों में क्षेत्रीय विधायक, जिलाधिकारी, डीसीपी, एमसीडी के उपायुक्त और विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल हुए।
बैठक में तय किया गया कि प्रदूषण हॉटस्पॉट पर केवल तत्काल कार्रवाई तक सीमित रहने के बजाय उसके आसपास के क्षेत्रों में भी प्रदूषण के स्रोतों की पहचान की जाएगी। सड़क की धूल, ट्रैफिक जाम, वाहनों का धुआं, निर्माण गतिविधियों, अवैध पार्किंग और खुले में कूड़ा जलाने जैसी गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जाएगी।
विज्ञापन
स्रोत आधारित अध्ययन पर जोर
हॉटस्पॉट का स्रोत आधारित अध्ययन कर सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। मंत्री ने विभागों को आपसी समन्वय से काम करने और जमीनी स्तर पर निगरानी मजबूत करने के निर्देश दिए। संवेदनशील स्थानों पर नियमित निरीक्षण और प्रवर्तन अभियान चलाए जाएंगे।
पटपड़गंज और आनंद विहार पर विशेष निगरानी
पटपड़गंज औद्योगिक क्षेत्र में सड़क की धूल और चल रहे कार्यों से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए पानी के छिड़काव और धूल नियंत्रण के उपाय करने को कहा गया है। आनंद विहार बस टर्मिनल के आसपास बसों और भारी वाहनों की अवैध पार्किंग पर कार्रवाई होगी। जरूरत पड़ने पर क्रेन से वाहनों को हटाने या टो करने के निर्देश दिए गए हैं।
31 अक्तूबर तक पूरे होंगे सिविल कार्य
गड्ढों की मरम्मत, हरित क्षेत्रों के विकास और सड़क किनारे से जुड़े सिविल कार्य 31 अक्तूबर तक पूरे करने के निर्देश दिए गए हैं। धूल उड़ने की स्थिति में पानी का छिड़काव और अन्य धूल नियंत्रण उपाय करने होंगे। संबंधित विभा
विज्ञापन
31 अक्तूबर तक निर्माण के काम पूरे करने के निर्देश, 15 दिन में कार्रवाई रिपोर्ट की होगी समीक्षा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
सर्दियों से पहले राजधानी में वायु प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए जिला स्तर पर प्रदूषण के स्रोतों की पहचान की जाएगी। एक्यूआई के आधार पर प्रदूषण हॉटस्पॉट की मैपिंग होगी और इनके तीन किलोमीटर के दायरे में सड़क की धूल, ट्रैफिक जाम, वाहनों के धुएं, निर्माण कार्य और खुले में कूड़ा जलाने जैसी गतिविधियों की जांच की जाएगी।
प्रत्येक प्रदूषण स्रोत के लिए अलग कार्ययोजना तैयार होगी। संबंधित एजेंसी की जिम्मेदारी और काम पूरा करने की समयसीमा भी तय की जाएगी। लापरवाही पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई होगी। पर्यावरण मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा की अध्यक्षता में पूर्वी, उत्तर-पूर्वी, दक्षिणी और दक्षिण-पूर्वी जिलों की समीक्षा बैठक में ये फैसले लिए गए। डीएम ईस्ट और लाजपत नगर स्थित डीएम साउथ-ईस्ट कार्यालय में हुई बैठकों में क्षेत्रीय विधायक, जिलाधिकारी, डीसीपी, एमसीडी के उपायुक्त और विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल हुए।
विज्ञापन
बैठक में तय किया गया कि प्रदूषण हॉटस्पॉट पर केवल तत्काल कार्रवाई तक सीमित रहने के बजाय उसके आसपास के क्षेत्रों में भी प्रदूषण के स्रोतों की पहचान की जाएगी। सड़क की धूल, ट्रैफिक जाम, वाहनों का धुआं, निर्माण गतिविधियों, अवैध पार्किंग और खुले में कूड़ा जलाने जैसी गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जाएगी।
विज्ञापन
स्रोत आधारित अध्ययन पर जोर
हॉटस्पॉट का स्रोत आधारित अध्ययन कर सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। मंत्री ने विभागों को आपसी समन्वय से काम करने और जमीनी स्तर पर निगरानी मजबूत करने के निर्देश दिए। संवेदनशील स्थानों पर नियमित निरीक्षण और प्रवर्तन अभियान चलाए जाएंगे।
पटपड़गंज और आनंद विहार पर विशेष निगरानी
पटपड़गंज औद्योगिक क्षेत्र में सड़क की धूल और चल रहे कार्यों से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए पानी के छिड़काव और धूल नियंत्रण के उपाय करने को कहा गया है। आनंद विहार बस टर्मिनल के आसपास बसों और भारी वाहनों की अवैध पार्किंग पर कार्रवाई होगी। जरूरत पड़ने पर क्रेन से वाहनों को हटाने या टो करने के निर्देश दिए गए हैं।
31 अक्तूबर तक पूरे होंगे सिविल कार्य
गड्ढों की मरम्मत, हरित क्षेत्रों के विकास और सड़क किनारे से जुड़े सिविल कार्य 31 अक्तूबर तक पूरे करने के निर्देश दिए गए हैं। धूल उड़ने की स्थिति में पानी का छिड़काव और अन्य धूल नियंत्रण उपाय करने होंगे। संबंधित विभा