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Delhi NCR News: रात में तेजी से हवा में घुले धूल के कण, पीएम-10 का स्तर 459 तक पहुंचा
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दिन में भी अलग-अलग प्रदूषकों की मौजूदगी ने बढ़ाई चिंता, पीएम-2.5 133 तक तो ओजोन का स्तर 210 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। दिल्ली में वायु प्रदूषण का असर रात में भी कम नहीं हुआ। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के मुताबिक, 22 अक्तूबर की रात प्रदूषण का स्तर लगातार ऊंचा बना रहा। रात 10 से 11 बजे के बीच पीएम-10 का स्तर 458 से 459 तक पहुंच गया, जबकि पीएम-2.5 का स्तर 132 से 133 दर्ज किया गया। अगले दिन भी प्रदूषण से राहत के संकेत नहीं मिले। 23 अक्तूबर को दोपहर के समय ओजोन का स्तर 209 से 210 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर तक पहुंच गया।
सीपीसीबी के आंकड़ों के अनुसार, 22 अक्तूबर की रात नौ बजे पीएम 10 का स्तर 437 और पीएम 2.5 का स्तर 126 दर्ज किया गया था। इसके बाद रात 10 से 11 बजे के बीच दोनों प्रदूषकों के स्तर में बढ़ोतरी हुई। 23 अक्तूबर की रात एक बजे भी पीएम 10 का स्तर 411 और पीएम 2.5 का 127 दर्ज किया गया। ये आंकड़े बताते हैं कि रात के समय भी हवा में प्रदूषणकारी कणों की मौजूदगी बनी रही। पीएम 10 में धूल जैसे कण शामिल होते हैं, जबकि पीएम 2.5 के बेहद महीन कण फेफड़ों में गहराई तक पहुंच सकते हैं। ऐसे में रात में कण प्रदूषण और दिन में ओजोन का बढ़ा स्तर दिल्लीवासियों के स्वास्थ्य के लिए चिंता बढ़ाता है।
दिन में सतही ओजोन का बढ़ता स्तर चिंता का विषय
23 अक्तूबर को दोपहर में ओजोन का स्तर 209 से 210 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर तक पहुंच गया। सतही ओजोन का अधिक स्तर सांस संबंधी समस्याएं बढ़ा सकता है। इससे आंखों में जलन, खांसी और अस्थमा के मरीजों को परेशानी हो सकती है। यह प्रदूषक आमतौर पर वाहनों और औद्योगिक गतिविधियों से निकलने वाली गैसों की सूर्य के प्रकाश में होने वाली रासायनिक प्रतिक्रियाओं से बनता है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। दिल्ली में वायु प्रदूषण का असर रात में भी कम नहीं हुआ। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के मुताबिक, 22 अक्तूबर की रात प्रदूषण का स्तर लगातार ऊंचा बना रहा। रात 10 से 11 बजे के बीच पीएम-10 का स्तर 458 से 459 तक पहुंच गया, जबकि पीएम-2.5 का स्तर 132 से 133 दर्ज किया गया। अगले दिन भी प्रदूषण से राहत के संकेत नहीं मिले। 23 अक्तूबर को दोपहर के समय ओजोन का स्तर 209 से 210 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर तक पहुंच गया।
सीपीसीबी के आंकड़ों के अनुसार, 22 अक्तूबर की रात नौ बजे पीएम 10 का स्तर 437 और पीएम 2.5 का स्तर 126 दर्ज किया गया था। इसके बाद रात 10 से 11 बजे के बीच दोनों प्रदूषकों के स्तर में बढ़ोतरी हुई। 23 अक्तूबर की रात एक बजे भी पीएम 10 का स्तर 411 और पीएम 2.5 का 127 दर्ज किया गया। ये आंकड़े बताते हैं कि रात के समय भी हवा में प्रदूषणकारी कणों की मौजूदगी बनी रही। पीएम 10 में धूल जैसे कण शामिल होते हैं, जबकि पीएम 2.5 के बेहद महीन कण फेफड़ों में गहराई तक पहुंच सकते हैं। ऐसे में रात में कण प्रदूषण और दिन में ओजोन का बढ़ा स्तर दिल्लीवासियों के स्वास्थ्य के लिए चिंता बढ़ाता है।
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दिन में सतही ओजोन का बढ़ता स्तर चिंता का विषय
23 अक्तूबर को दोपहर में ओजोन का स्तर 209 से 210 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर तक पहुंच गया। सतही ओजोन का अधिक स्तर सांस संबंधी समस्याएं बढ़ा सकता है। इससे आंखों में जलन, खांसी और अस्थमा के मरीजों को परेशानी हो सकती है। यह प्रदूषक आमतौर पर वाहनों और औद्योगिक गतिविधियों से निकलने वाली गैसों की सूर्य के प्रकाश में होने वाली रासायनिक प्रतिक्रियाओं से बनता है।
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