{"_id":"6adb879e9f53eb019f0fe55a","slug":"police-took-congress-mp-imran-masood-into-custody-at-jamia-2026-10-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिल्ली: कांग्रेस सांसद इमरान मसूद पुलिस हिरासत में, जामिया में छात्रों के प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे थे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिल्ली: कांग्रेस सांसद इमरान मसूद पुलिस हिरासत में, जामिया में छात्रों के प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे थे
Fri, 23 Oct 2026 09:43 PM IST
Akash Dubey
आईएएनएस, दिल्ली
आईएएनएस, दिल्ली
Published by: Akash Dubey
Updated Fri, 23 Oct 2026 09:43 PM IST
सार
छात्रों के प्रदर्शन में पहुंचे कांग्रेस सांसद इमरान मसूद को पुलिस ने हिरासत में लिया। मसूद ने कहा कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और वे भारत विरोधी नारों का समर्थन नहीं करते।
विज्ञापन
इमरान मसूद
- फोटो : पीटीआई
विस्तार
जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में छात्र संघ चुनाव बहाली की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों से मिलने पहुंचे कांग्रेस सांसद इमरान मसूद को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पुलिस ने उन्हें विश्वविद्यालय में हिरासत में लिया। छात्रों के बीच पहुंचे कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा, "जो लोग इस आंदोलन को तोड़ना चाहते हैं, उन्हें समझना चाहिए कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है। कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग बनाए रखने के लिए हम अपनी जान भी दे देंगे। आखिर पुलिस बल की इतनी तैनाती किस बात के लिए की गई है? मैं तो इन बच्चों से मिलने आ रहा था। फिर इतनी बड़ी संख्या में पुलिस बल क्यों तैनात किया गया है?..."
विज्ञापन
इमरान मसूद ने आगे कहा, देखिए, हम किसी भी ऐसे नारे का समर्थन नहीं करते, जो भारत को तोड़ने की बात करता हो। हम किसी भी कीमत पर भारत को तोड़ने की बात करने वालों का समर्थन नहीं करते। कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और हमेशा रहेगा। पोस्टर के जरिए इस पूरे आंदोलन को तोड़ने की कोशिश की जा रही है।
विज्ञापन
साथ ही कहा, मैं अपने बच्चों के लिए अपनी जान भी दे सकता हूं। ये मेरे बच्चे हैं और मेरे मुल्क का भविष्य हैं। इनके अधिकारों को कुचलने की कोशिश की जा रही है। बच्चों को विश्वविद्यालय से निष्कासित कर दिया गया है। छात्र संघ बहाल क्यों नहीं किया जा रहा है? आखिर क्या वजह है कि आप छात्र संघ की बहाली नहीं करना चाहते?
विज्ञापन
जामिया में 2005-06 के बाद से छात्र संघ चुनाव पर लगी है रोक
जामिया में वर्ष 2005-06 के बाद से छात्र संघ चुनाव पर रोक लगी हुई है। छात्र संघ के चलते कैंपस में काफी तनाव रहता था। कई बार मारपीट की घटना भी सामने आई थी। छात्र संघ चुनाव के संबंध में कोर्ट के भी निर्देश है। जिसके चलते चुनाव नहीं होता है। वर्ष 2022 में छात्र संघ चुनाव के आयोजन को लेकर कोर्ट में याचिका दाखिल हुई थी। लेकिन कोर्ट ने उसे निरस्त कर दिया था। जामिया प्रशासन ने छात्र संघ चुनाव पर रोक के बावजूद उन्हें लोकतांत्रिक अधिकारों को सुरक्षित रखा है। इसके लिए जामिया के सभी 48 विभागों और 28 केंद्रों में सब्जेक्ट एसोसिएशन बना रखी है। इसका चुनाव बैलेट के माध्यम से होता है। एसोसिएशन में छात्रों के प्रतिनिधित्व के लिए तीन पद निर्धारित है।