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Delhi NCR News: डीयू का एसओएल अब सीडीओई कहलाएगा
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-अकादमिक परिषद ने स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग का नाम बदलकर सेंटर फॉर डिस्टेंस एंड ऑनलाइन एजुकेशन (सीडीओई) करने की सिफारिश को मंजूरी दे दी।
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (एसओएल) का नाम बदलकर सेंटर फॉर डिस्टेंस एंड ऑनलाइन एजुकेशन (सीडीओई) कर दिया गया है। विश्वविद्यालय की अकादमिक परिषद ने शुक्रवार को इस सिफारिश को मंजूरी दी। परिषद ने पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली के नाम पर खेल छात्रवृत्ति शुरू करने के प्रस्ताव को भी हरी झंडी दी।
यह बदलाव विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के 2022 के संशोधित नियमों के अनुरूप है। इन नियमों के तहत दूरस्थ एवं ऑनलाइन शिक्षा कार्यक्रम संचालित करने वाले संस्थानों के पास सीडीओई होना अनिवार्य है। इससे पहले, 2003 में इसका नाम स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग रखा गया था। संस्थान के प्रमुख का पदनाम भी अब निदेशक होगा। यह निर्णय शुक्रवार को हुई अकादमिक परिषद की 1027वीं बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता कुलपति योगेश सिंह ने की।परिषद के सदस्यों ने कुलपति को दूसरे कार्यकाल के लिए दुबारा नियुक्त किये जाने पर बधाई दी। वे पहले कुलपति हैं जिन्हें लगातार दूसरा कार्यकाल मिला है। कुलपति ने विश्वविद्यालय की हालिया उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि चार वर्ष में डीयू की क्यूएस रैंकिंग 200 अंक उठी है।
अरुण जेटली खेल छात्रवृत्ति
यह छात्रवृत्ति पूर्व केंद्रीय मंत्री और पूर्व डूसू अध्यक्ष अरुण जेटली की स्मृति में शुरू की जाएगी। इसके तहत बीस वर्षों की अवधि के लिए हर वर्ष तीन अंडरग्रेजुएट खेल विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति मिलेगी। दस लाख रुपये की मूल निधि स्थापित की जाएगी, जिसके ब्याज और 50 हजार रुपये की वार्षिक राशि को विद्यार्थियों में वितरित किया जाएगा। इनमें कम से कम एक छात्रवृत्ति किसी छात्रा को दी जाएगी। यह सम्मान राष्ट्रीय अथवा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व करने वाले विद्यार्थियों को मिलेगा। छात्रवृत्ति का उद्घाटन समारोह 13 अगस्त को होगा।
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नए शैक्षणिक पाठ्यक्रम
अकादमिक परिषद ने बौद्ध अध्ययन विभाग के लिए दो नए पाठ्यक्रमों को भी मंजूरी दी। शैक्षणिक सत्र 2026-27 से कोर्स सर्टिफिकेट इन संस्कृत बुद्धिज्म और डिप्लोमा कोर्स इन संस्कृत बुद्धिज्म शुरू होंगे। पंडित दीनदयाल उपाध्याय नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर पर्सन्स विद फिजिकल डिसएबिलिटीज में शैक्षणिक सत्र 2026-27 से मास्टर ऑफ ऑक्यूपेशनल थेरेपी (एमओटी) पाठ्यक्रम भी शुरू होगा। अंडरग्रेजुएट करिकुलम फ्रेमवर्क-2022 के तहत स्किल एन्हांसमेंट कोर्सेज में कई नए विषय जोड़े गए हैं। इनमें एंटरप्रेन्योरियल माइंडसेट एंड अपॉर्चुनिटी डिस्कवरी जैसे कोर्स शामिल हैं।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (एसओएल) का नाम बदलकर सेंटर फॉर डिस्टेंस एंड ऑनलाइन एजुकेशन (सीडीओई) कर दिया गया है। विश्वविद्यालय की अकादमिक परिषद ने शुक्रवार को इस सिफारिश को मंजूरी दी। परिषद ने पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली के नाम पर खेल छात्रवृत्ति शुरू करने के प्रस्ताव को भी हरी झंडी दी।
यह बदलाव विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के 2022 के संशोधित नियमों के अनुरूप है। इन नियमों के तहत दूरस्थ एवं ऑनलाइन शिक्षा कार्यक्रम संचालित करने वाले संस्थानों के पास सीडीओई होना अनिवार्य है। इससे पहले, 2003 में इसका नाम स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग रखा गया था। संस्थान के प्रमुख का पदनाम भी अब निदेशक होगा। यह निर्णय शुक्रवार को हुई अकादमिक परिषद की 1027वीं बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता कुलपति योगेश सिंह ने की।परिषद के सदस्यों ने कुलपति को दूसरे कार्यकाल के लिए दुबारा नियुक्त किये जाने पर बधाई दी। वे पहले कुलपति हैं जिन्हें लगातार दूसरा कार्यकाल मिला है। कुलपति ने विश्वविद्यालय की हालिया उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि चार वर्ष में डीयू की क्यूएस रैंकिंग 200 अंक उठी है।
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अरुण जेटली खेल छात्रवृत्ति
यह छात्रवृत्ति पूर्व केंद्रीय मंत्री और पूर्व डूसू अध्यक्ष अरुण जेटली की स्मृति में शुरू की जाएगी। इसके तहत बीस वर्षों की अवधि के लिए हर वर्ष तीन अंडरग्रेजुएट खेल विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति मिलेगी। दस लाख रुपये की मूल निधि स्थापित की जाएगी, जिसके ब्याज और 50 हजार रुपये की वार्षिक राशि को विद्यार्थियों में वितरित किया जाएगा। इनमें कम से कम एक छात्रवृत्ति किसी छात्रा को दी जाएगी। यह सम्मान राष्ट्रीय अथवा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व करने वाले विद्यार्थियों को मिलेगा। छात्रवृत्ति का उद्घाटन समारोह 13 अगस्त को होगा।
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नए शैक्षणिक पाठ्यक्रम
अकादमिक परिषद ने बौद्ध अध्ययन विभाग के लिए दो नए पाठ्यक्रमों को भी मंजूरी दी। शैक्षणिक सत्र 2026-27 से कोर्स सर्टिफिकेट इन संस्कृत बुद्धिज्म और डिप्लोमा कोर्स इन संस्कृत बुद्धिज्म शुरू होंगे। पंडित दीनदयाल उपाध्याय नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर पर्सन्स विद फिजिकल डिसएबिलिटीज में शैक्षणिक सत्र 2026-27 से मास्टर ऑफ ऑक्यूपेशनल थेरेपी (एमओटी) पाठ्यक्रम भी शुरू होगा। अंडरग्रेजुएट करिकुलम फ्रेमवर्क-2022 के तहत स्किल एन्हांसमेंट कोर्सेज में कई नए विषय जोड़े गए हैं। इनमें एंटरप्रेन्योरियल माइंडसेट एंड अपॉर्चुनिटी डिस्कवरी जैसे कोर्स शामिल हैं।