डीजल कारों की बिक्री का बाजार डंप, कारोबार में आई गिरावट
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साइबर सिटी में पुरानी डीजल कारों के कारोबार को डंक लगता दिखाई दे रहा है। पुरानी कारों के मार्केट से जुड़े लोगों का कहना है कि यहां हर माह एक हजार पुरानी डीलज कारें बिकने का औसत है।
लेकिन, जबसे सुप्रीम कोर्ट ने डीजल वाहनों पर सख्ती की है तबसे इसके कारोबार में 30 फीसदी की गिरावट आ गई है। आने वाले दिनों में इन कारों के खरीद-बिक्री में गिरावट 60 से 70 प्रतिशत का भी आंकड़ा पार कर जाने की उम्मीद है।
गुड़गांव में पुरानी कारों की सबसे अधिक ट्र-वैल्यू के माध्यम से होती है। इसके अलावा यहां कई लोकल ब्रोकर भी यह काम करते हैं। वहीं लोग कारों को एक-दूसरे को व्यक्तिगत व ओएलएक्स पर बेचते हैं। इस सभी स्तर पर पुरानी डीजल कारों की बिक्री प्रभावित हुई है।
कोर्ट के फैसले के बाद बिक्री हुई डंप
पुरानी कारों की खरीद-बिक्री में ब्रोकर की भूमिका निभाने वाले संजय अग्रवाल बताते हैं कि सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी की सख्ती ने पुरानी डीजल कारों की बिक्री के बाजार को डंप कर दिया है।
अगर ऐसा ही रहा तो उनके जैसे लोगों को दूसरा धंधा तलाशना होगा। दिल्ली-एनसीआर की सीमा में 10 वर्ष से पुरानी डीजल कारों के प्रवेश पर अंकुश ने कारोबार को बुरी तरह से प्रभावित किया है। पुरानी कारों की खरीद बिक्री करने वाले अंकुर सतीजा बताते हैं अब तो लोग इन्हें खरीदने की बात तो दूर पूछताछ करना भी मुनासिब नहीं समझ रहे हैं।
कुछ दिनों पहले तक गुड़गांव की सड़कों के किनारे दर्जन भर से अधिक स्थानों पर पुरानी कारों की सेल लगती थी। अब इसमें भी काफी गिरावट आई है। 18 दिसंबर के बाद से इन कारों की बिक्री में जोरदार गिरावट देखी जा रही है।