SMOG : विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए सरकार ने उठाए ये कदम
बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए दिल्ली सरकार ने पांचवीं तक के सभी स्कूलों को एक दिन के लिए बुधवार को बंद करने का फैसला किया है। स्कूलों में मार्निंग व आफ्टर नून असेंबली के साथ बच्चों की आउटडोर एक्टिविटी पर अस्थायी तौर पर रोक लगा दी गई है। इसके अलावा दिल्ली सरकार ने लोगों को सैर पर नहीं निकलने की सलाह दी है।
सरकार का कहना है कि अगर हालात में सुधार नहीं होता तो ट्रकों की दिल्ली में इंट्री व निर्माण गतिविधियों को बंद करने के साथ ऑड-ईवन फार्मूला भी लागू किया जा सकता है। उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि वायु गुणवत्ता सूचकांक 500 से ऊपर जाने पर हालात खतरनाक होते हैं। इस मामले में दिल्ली की स्थिति अभी गंभीर है। मंगलवार शाम का सूचकांक 460 था।
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने स्वास्थ्य मंत्री, पर्यावरण मंत्री के साथ मुख्य सचिव समेत सभी वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। इस मौके पर सरकार ने एहतियातन कई फैसले लिए हैं। मनीष सिसोदिया के मुताबिक, फिलहाल बच्चों की आउटडोर एक्टिविटी बंद करने को स्कूलों से कहा गया है। अगर हालात में सुधार नहीं हुआ तो छुट्टी बढ़ाई भी जा सकती है। खुले में कूड़ा या फसल अवशेष न जलाने की सलाह भी दिल्ली वालों को दी गई है।
हालात नहीं सुधरे तो योजना तैयार
अगर वायु गुणवत्ता सूचकांक 500 को पार करता है तो सरकार प्लान लागू करेगी। इसमें सबसे पहले जरूर सेवाओं को छोड़कर हर तरह के ट्रकों की इंट्री दिल्ली में बंद होगी। वहीं, इस दौरान निर्माण गतिविधियां भी नहीं चलेंगी। फिर भी अगर हालात नहीं सुधरे तो सरकार ऑड-इवन का फैसला ले सकती है।
अहम वजह पंजाब व हरियाणा में जलाई जा रही पराली
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट किया कि दिल्ली सरकार ने अगस्त में ही पड़ोसी राज्यों को पत्र लिखा था। इसमें पराली जलाने पर रोक लगाने को कहा गया था। वहीं, मनीष सिसोदिया ने बताया कि आबोहवा खराब होने की अहम वजह पंजाब व हरियाणा में जलाई जा रही पराली है। इसके लिये केंद्र सरकार और खासतौर से पर्यावरण मंत्रालय का सहयोग जरूरी है।
उन्होंने बताया कि केंद्रीय पर्यावरण मंत्री से मुलाकात करने की कोशिश की गई लेकिन पता चला कि वह विदेश दौरे पर हैं। वह 9 नवंबर को लौटेंगे। ऐसे में उनसे सवाल करना चाहिये कि उस वक्त जब दिल्ली का दम घुट रहा है वह देश से बाहर क्या कर रहे हैं।