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दिल्लीः लॉकडाउन में टैक्सी ड्राइवरों की बढ़ी मुश्किलें, किस्त चुकाना हुआ मुश्किल
Thu, 02 Apr 2020 08:40 PM IST
Trainee Trainee
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Trainee Trainee
Updated Thu, 02 Apr 2020 08:40 PM IST
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टैक्सी चालकों की खड़ी गाड़ियां
- फोटो : amar ujala
लॉकडाउन में ऑटो और कैब संचालकों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। एक तो किस्त चुकाने के लिए पैसे नहीं तो वहीं दूसरी ओर ड्राइवरों को वेतन देने की मजबूरी। कुछ ऐसे टैक्सी संचालक हैं जिनका कहना है कि जब उनकी कमाई ही नहीं हो रही है तो भुगतान कैसे करें?
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इस परेशानी को देखते हुए दिल्ली टैक्सी, टूरिस्ट ट्रांसपोटर्स एसोसिएशन ने सरकार से किस्त चुकाने में देरी पर जुर्माना या ब्याज न लगाने की राहत मांगी है ताकि हालात सामान्य होने के बाद बकाये का भुगतान कर सकें।
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एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय सम्राट का कहना है कि दिल्ली में करीब दो लाख टैक्सियां हैं। लॉकडाउन की वजह से उनकी मुश्किलें बढ़ गईं हैं, जिनकी टैक्सियां अभी किस्तों पर हैं। अग्रणी कंपनियों को छोड़कर बाकी अन्य को चालकों के वेतन की चिंता सताने लगी है। अगर, सरकार की तरफ से टैक्सी-ऑटो के लिए राहत जल्द नहीं दी गई तो वाहन बेचने की मजबूरी होगी।
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ऑटो एसोसिएशन के संजय चावला ने बताया कि दिल्ली में 90 हजार से अधिक सीएनजी ऑटो हैं। काम न होने के कारण ऑटो चालकों को खाने की दिक्कत होने लगी है। सरकार को चाहिए कि ऑटो चालकों के लिए भी राहत की घोषणा करे, क्योंकि इन्हें किसी कंपनी से वेतन नहीं मिलता। रोजाना 600-900 रुपये तक की कमाई होती थी, लेकिन अब पूरी तरह बंद है।