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डीयू महिला कॉलेज की प्रस्तावित जमीन पर बवाल, नया मोड़ आया सामने
Fri, 26 Jul 2019 03:58 PM IST
प्रशांत कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Fri, 26 Jul 2019 03:58 PM IST
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दिल्ली विश्वविद्यालय (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
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दिल्ली सरकार ने दक्षिणी दिल्ली के फतेहपुर बेरी में प्रस्तावित महिला कॉलेज को लेकर अपना रुख स्पष्ट किया है। सरकार के मुताबिक यहां कॉलेज बनने पर भविष्य में यहां से गुजरने वाले हेलीकॉप्टर की आवाज से छात्रों की पढ़ाई प्रभावित होगी। फिर भी दिल्ली विश्वविद्यालय द्वारा ग्राम सभा की 16 एकड़ जमीन पर कब्जा लेने के बाद सरकार के पास आदेश करने का अधिकार है।
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15 जुलाई को सरकार द्वारा विश्वविद्यालय को कॉलेज बनाने के लिए दक्षिणी दिल्ली में जमीन सौंप दी गई। यह इलाका ग्रामीण क्षेत्र में आता है, जहां से डीयू के इस कॉलेज की दूरी 13 किमी है। डीयू को 18 जुलाई तक भूखंड का कब्जा लेने का निर्देश दिया गया था। दो फार्महाउस के मालिकों का आरोप है कि कॉलेज के लिए उनकी निजी जमीन को भूखंड में शामिल कर लिया गया है। फार्महाउस के मलिकों के विरोध के कारण दिल्ली पुलिस और निजी सुरक्षा गार्ड सीमा पर बाड़ लगाने की निगरानी में लगे हुए हैं।
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दूसरा फार्महाउस पद्मश्री विजेती अजीत पाल सिंह का है। उनके मुताबिक बाउंड्रीवाल करते समय दोनों किसानों की तीन से चार बीघा जमीन कब्जा कर ली गई है। उनका कहना है कि दिल्ली सरकार द्वारा एनजीटी के समक्ष जो नक्शा पेश किया गया है उसमें हमारी जमीन को नहीं दिखाय गया है। उनका कहना है कि इस मामले को लेकर मैनें जिलाधिकारी से इस मामले की शिकायत की लेकिन कोई भी सुनवाई नहीं हुई है। इस मामले में दिल्ली विश्वविद्यालय के विपिन कुमार तिवारी का कहना है कि उक्त जमीन दिल्ली सरकार की है जिसे नियम के मुताबिक ही हस्तांतरित किया गया है।
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