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DTC: राजस्व बढ़ाने पर रहेगा जोर... विज्ञापन से कमाई, बढ़ेगी बसों की संख्या; सोलर पैनल का होगा इस्तेमाल

Tue, 01 Apr 2025 07:59 AM IST
अनुज कुमार अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: अनुज कुमार Updated Tue, 01 Apr 2025 07:59 AM IST
सार

दिल्ली सरकार डीटीसी को घाटे से उबरने के लिए गैर परिचालन राजस्व बढ़ाने पर काम कर रही है। क्योंकि डीटीसी पर 60 हजार करोड़ की देनदारी बाकी है। सीएजी की रिपोर्ट में बताया गया है कि डीटीसी को परिचालन के अलावा अन्य स्रोतों से राजस्व बढ़ाना काफी महत्वपूर्ण है।

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DTC is working on increasing non-operational revenue to overcome losses
डीटीसी बस (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) घाटे से उबरने और देनदारियों से निपटने के लिए कई योजनाओं पर काम करना शुरू कर दिया है। मौजूदा समय में डीटीसी को 60 करोड़ रुपये की देनदारी और लगभग 14 हजार करोड़ का घाटा है। यह बात सीएजी रिपोर्ट में भी सामने आ चुकी है। ऐसे में डीटीसी अब गैर-किराया राजस्व को बढ़ाने के प्रयास कर रही है।
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अधिकारियों ने बताया कि 300 बस क्यू शेल्टर की पहचान की गई है, जिसमें विज्ञापन के लिए जगह दी जाएगी। यह बस स्टॉप मुख्य रूप से मध्य और दक्षिण दिल्ली के प्रमुख स्थानों पर हैं। इन बस स्टॉप से निरंतर राजस्व मिलेगा। साथ ही डीटीसी अपने बस डिपो के लिए ऐसी जगहें तलाशने को कहा गया है, जहां वाणिज्यिक विकास या विज्ञापन संभव हो सकें।
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कुछ साल पहले दुकानें, खुदरा दुकानों और कार्यालयों जैसे वाणिज्यिक विकास के लिए डिपो का उपयोग करने की योजना भी बनाई गई थी, लेकिन योजना आगे नहीं बढ़ सकी। बताया जा रहा है कि डीटीसी के पास आईटीओ, वसंत विहार और कनॉट प्लेस समेत कई जगहों पर ऐसे बस डिपो हैं जिसका उपयोग गैर परिचालन राजस्व के लिए किया जा सकता है। अधिकारियों ने बताया कि कई बस डिपो को मल्टीलेवल बस डिपो के लिए उपयोग किया जाएगा। इसमें इलेक्ट्रिक बसों के लिए जगह हो और दुकानें और कार्यालय भी हों। इस पर भी विचार किया जा रहा है कि क्या किसी डिपो में फुल फेस विज्ञापन हो सकते हैं।
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बिजली खपत कम करने के लिए सोलर पैनल का होगा उपयोग
डीटीसी के प्रमुख खर्चों में से एक बिजली का शुल्क है। इसमें आने वाले दिनों में और बढ़ोतरी होगी। जैसे-जैसे इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ेगी बिजली की खपत भी बढ़ेगी। ऐसे में डीटीसी अब बस डिपो में सौर पैनल लगाने की योजना पर भी काम कर रहा है। बताया जा रहा है कि इससे बिजली के शुल्क में 50-60 फीसदी की कमी होगी। अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती अनुमान के अनुसार अगर सोलर पैनल लगा दिए गए तो बिजली का शुल्क आधा किया जा सकता है। वहीं दिल्ली के तीनों बस अड्डों सराय काले खां, आनंद विहार और कश्मीरी गेट का पुनर्विकास किया जाएगा।


अतिरिक्त राजस्व अर्जित करने के अवसर डीटीसी ने खोए
बीते दिनों जारी सीएजी की रिपोर्ट में बताया गया है कि डीटीसी को परिचालन के अलावा अन्य स्रोतों से राजस्व बढ़ाना काफी महत्वपूर्ण है। ऐसे कई अवसर आए जिसमें डीटीसी ने विज्ञापनों, डिपो में जगह के व्यावसायिक उपयोग और अन्य तरीकों से अतिरिक्त राजस्व अर्जित करने का अवसर खो दिया। रिपोर्ट में कहा गया है कि यूनिपोल पर विज्ञापन के लिए निविदाएं विभिन्न कारणों से अंतिम रूप नहीं दी गईं। बस बॉडी रैप्स (बीबीडब्ल्यू) के लिए बसों की उपलब्धता के बावजूद, डीटीसी ने अनुबंधों को आगे नहीं बढ़ाया। इससे 2015 से 2022 तक ₹ 40.57 करोड़ का राजस्व अर्जित करने का अवसर खो दिया। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि डीटीसी ने बसों में एलईडी स्क्रीन लगाने के प्रस्ताव को भी अंतिम रूप नहीं दिया है। भाजपा की नई दिल्ली सरकार अब इस मामले में गंभीरता से काम करने की योजना बना रही है।
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