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Delhi NCR News: सोनीपत से झज्जर के बीच कॉर्निया लेकर उड़ा ड्रोन
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एम्स दिल्ली ने पहली बार कॉर्निया को ट्रांसप्लांट के लिए ड्रोन की मदद से ट्रांसपोर्ट किया
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली । एम्स दिल्ली के डॉ. आरपी सेंटर ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। पहली बार ड्रोन की मदद से कॉर्निया को ट्रांसप्लांट के लिए ट्रांसपोर्ट किया गया। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद के सहयोग से इस योजना को अंजाम दिया गया। हरियाणा के सोनीपत से एक विशेष बॉक्स में कॉर्निया को लेकर ड्रोन झज्जर स्थित केंद्र पहुंचा। इस संबंध में सोमवार को सेंटर के 59वें स्थापना दिवस पर प्रेसवार्ता हुई। एम्स के नेत्र रोग विभाग के डॉ. दीपशेखर दास ने बताया कि ड्रोन की मदद से रिट्रीवल सेंटर से लेकर एम्स के राष्ट्रीय कैंसर संस्थान (एनसीआई) तक कॉर्निया को लाया गया। करीब 65 किलोमीटर की दूरी ड्रोन ने 45 मिनट में पूरी की।
एक महीने में 10 कॉर्निया ट्रांसपोर्ट
उन्होंने बताया कि कॉर्निया के लिए विशेष बॉक्स तैयार किया गया था, जिससे कॉर्निया को निर्धारित तापमान में रखा जा सकें। एक महीने में दस कॉर्निया ड्रोन से ट्रांसपोर्ट किए गए। इस दौरान कुछ चुनौतियां भी देखने को मिली। दिल्ली रेड जोन में आने की वजह से सीधा एम्स दिल्ली तक ड्रोन को उड़ाया नहीं जा सकता था। डॉ. आरपी सेंटर में प्रोफेसर डॉ. नम्रता शर्मा ने बताया कि इस बार सेंटर में 2167 कॉर्निया एकत्रित किए गए, जिसमें से 1090 कॉर्निया का इस्तेमाल हो सका। कॉर्निया मिलने की दर में 20 फीसदी का इजाफा हुआ है, जो राष्ट्रीय दर से अधिक है। देश में दो लाख कॉर्निया की जरूरत है।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली । एम्स दिल्ली के डॉ. आरपी सेंटर ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। पहली बार ड्रोन की मदद से कॉर्निया को ट्रांसप्लांट के लिए ट्रांसपोर्ट किया गया। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद के सहयोग से इस योजना को अंजाम दिया गया। हरियाणा के सोनीपत से एक विशेष बॉक्स में कॉर्निया को लेकर ड्रोन झज्जर स्थित केंद्र पहुंचा। इस संबंध में सोमवार को सेंटर के 59वें स्थापना दिवस पर प्रेसवार्ता हुई। एम्स के नेत्र रोग विभाग के डॉ. दीपशेखर दास ने बताया कि ड्रोन की मदद से रिट्रीवल सेंटर से लेकर एम्स के राष्ट्रीय कैंसर संस्थान (एनसीआई) तक कॉर्निया को लाया गया। करीब 65 किलोमीटर की दूरी ड्रोन ने 45 मिनट में पूरी की।
एक महीने में 10 कॉर्निया ट्रांसपोर्ट
उन्होंने बताया कि कॉर्निया के लिए विशेष बॉक्स तैयार किया गया था, जिससे कॉर्निया को निर्धारित तापमान में रखा जा सकें। एक महीने में दस कॉर्निया ड्रोन से ट्रांसपोर्ट किए गए। इस दौरान कुछ चुनौतियां भी देखने को मिली। दिल्ली रेड जोन में आने की वजह से सीधा एम्स दिल्ली तक ड्रोन को उड़ाया नहीं जा सकता था। डॉ. आरपी सेंटर में प्रोफेसर डॉ. नम्रता शर्मा ने बताया कि इस बार सेंटर में 2167 कॉर्निया एकत्रित किए गए, जिसमें से 1090 कॉर्निया का इस्तेमाल हो सका। कॉर्निया मिलने की दर में 20 फीसदी का इजाफा हुआ है, जो राष्ट्रीय दर से अधिक है। देश में दो लाख कॉर्निया की जरूरत है।
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