डॉ. कफील खान ने प्रियंका गांधी से की मुलाकात, मानवाधिकार आयोग को पत्र लिख जताया आभार
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गोरखपुर के बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की कमी के कारण बच्चों की मौत के मामले में निलंबित चल रहे बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर काफील खान ने राजधानी दिल्ली में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा से मुलाकात की। इसकी जानकारी कांग्रेस के राष्ट्रीय संयोजक सरल पटेल ने ट्वीट कर दी।
.@INCIndia General Secretary @priyankagandhi Ji meets Dr Kafeel Khan and his family. pic.twitter.com/j6pXsgjx96
— 𝐒𝐚𝐫𝐚𝐥 𝐏𝐚𝐭𝐞𝐥 (@SaralPatel) September 21, 2020विज्ञापन
डॉक्टर कफील खान ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग को पत्र लिख कर उनके द्वारा किए गए समर्थन का धन्यवाद किया है और कहा कि वो भारत की स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली की बेहतरी के लिए लगातार काम करते रहेंगे। पत्र में उन्होंने मानवाधिकार आयोग का आभार जताया है।
To
— Dr Kafeel Khan (@drkafeelkhan) September 19, 2020
The United Nations Human Rights Experts@UNHumanRights
Office of the high commissioner
Geneva
Thank you all for urging our Indian government to immediately release human rights defenders who have been arrested for peacefully protesting against CAA/NRC pic.twitter.com/y11U3F9KJq
बता दें कि 26 जून को एक बयान जारी कर मानवाधिकार आयोग ने केंद्र सरकार से उन प्रदर्शनकारियों को रिहा करने की मांग की थी, जो सीएए-एनआरसी के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे।
किसी भी राजनीतिक दल में शामिल नहीं होने की कही थी बात
मालूम हो कि डॉ. कफील जेल से छूटने के बाद फिलहाल राजस्थान में रह रहे हैं। डॉ. कफील ने अपने एक बयान में कहा था कि वो कांग्रेस ही नहीं, बल्कि किसी भी राजनीतिक दल में शामिल नहीं होंगे।
उन्होंने कहा था कि कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा किसी अन्य मामले में फंसाए जाने की आशंका के मद्देनजर मानवता के आधार पर मेरी मदद की, लेकिन इसका यह मतलब नहीं लगाया जाना चाहिए कि मैं कांग्रेस में शामिल होने जा रहा हूं ।
डॉ. कफील ने कहा था कि प्रियंका गांधी से राजनीति के सिलसिले में कोई भी बात नहीं हुई है और ना ही प्रियंका की तरफ से मुझे किसी तरह का कोई संकेत मिला है। उन्होंने कहा था कि गत एक सितंबर को इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश के बाद जब मेरी रिहाई में देरी हुई तो यह आशंका होने लगी कि उत्तर प्रदेश सरकार मुझे फिर किसी मामले में फंसाने की तैयारी कर रही है।
राजस्थान में कांग्रेस की सरकार है और मथुरा से भरतपुर का रास्ता महज 20 मिनट का है, लिहाजा प्रियंका ने मुझे भरतपुर आने की पेशकश की थी। कफील ने प्रियंका का शुक्रिया अदा करते हुए कहा था कि उनकी मेहरबानी से उन्हें राजस्थान में सुरक्षा मिल गई।
कफील ने कहा था कि उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि वह उन्हें गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में अपने पद पर बहाल करें ताकि वह लोगों की सेवा कर सकें।