घरेलू नौकरों ने की हड़ताल, दो हजार से अधिक परिवार हुए प्रभावित
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घरेलू नौकरों व कामगारों की हड़ताल से सोमवार को करीब 2500 परिवार प्रभावित हुए। इन घरों में कुछ लोगों को खुद ही घरेलू काम करना पड़ा तो कुछ को डिब्बाबंद नाश्ते-खाने से काम चलाना पड़ा। वेतन बढ़ाने व अन्य मांगों को लेकर घरेलू कामगार यूनियन (जीकेयू) के बैनर तले सोमवार को भी घरेलू कामगारों की हड़ताल जारी रही। मंगलवार को भी हड़ताल जारी रखने का फैसला लिया गया है।
सोमवार को कामगारों ने सेक्टर-69 के अलावा 70 व 71 में भी हड़ताल रखी। यूनियन के बैनर तले 900 से अधिक घरेलू नौकर हड़ताल पर हैं। ये तीनों सेक्टरों मेें 2500 से अधिक घरों में काम करते हैं।
एक नौकर औसतन तीन घरों में काम करता है। बता दें कि इन सोसाइटी में रहने वाले अधिकांश लोग किसी कॉरपोरेट या कंपनी में काम करते हैं। परिवार में पति-पत्नी दोनों के नौकरीशुदा होने के कारण घर का काम नौकरों के जिम्मे होता है। इनमें घर की साफ-सफाई, कपड़ा और खाना भी शामिल है।
यह हें घरेलू नौकरों के आरोप व मांगे
कामगारों का आरोप है कि काम के बदले मालिक उन्हें अनियमित वेतन देते हैं। बादशाहपुर क्षेत्र की सोसायटी में काम के एवज में दूसरे क्षेत्रों के मुकाबले आधी राशि दी जाती है, जबकि पूरे गुरुग्राम में प्रति कमरे के हिसाब से दर तय है।
जीकेयू के कन्वीनर माया जॉन ने बताया कि सोमवार को इस मामले में जिला उपायुक्त और डिप्टी लेबर कमिश्नर से मिलने की कोशिश की गई, लेकिन मुलाकात नहीं हो पाई। प्रशासन को मामले अवगत कराया जाएगा। मांगें पूरी न हुईं तो काम बंद रहेगा।
यह हैं मांगें
- कामवालियों की सुरक्षा के लिए सभी बिल्डिंगों में यौन शोषण रोकथाम समिति बनाई जाए।
- घर में रहने वाले कामगारों की सूची पुलिस और यूनियन को दी जाए।
- हफ्ते में एक दिन छुट्टी दी जाए।
- बिल्डिंग में एक रेस्ट रूम का इंतजाम किया जाए।
- बिल्डिंग में शिकायत निवारण केंद्र बनाया जाए।
- यूनियन द्वारा तय वेतन दिया जाए।
- तनख्वाह अकाउंट में दी जाए।